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कार्यवाहक महापौर ने जताए इरादे!:शील धाभाई ने कहा- 6 महीने बाद तो मैं इस लायक हो जाऊंगी कि आपको कह सकूं कि हम अब अपने बूते पुनर्वास कर लेंगे

जयपुरएक महीने पहले
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने काम-काज का ब्योरा देतीं कार्यवाहक मेयर शील धाभाई। - Dainik Bhaskar
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने काम-काज का ब्योरा देतीं कार्यवाहक मेयर शील धाभाई।

जयपुर ग्रेटर की निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर के मामले का फैसला भले ही अभी राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित पड़ा हो, लेकिन नगर निगम जयपुर ग्रेटर की कार्यवाहक शील धाभाई ने अपनी बातों से इरादे जता दिए हैं कि वे अगले 6 माह तक कहीं जाने वाली नहीं है। कार्यवाहक मेयर बनने के 7 दिन बाद अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा जब मीडिया के समक्ष करते वक्त उन्होंने कुछ ऐसी बातें कही, जिससे ऐसा लगा कि वे फिलहाल इस पद से हटने वाली नहीं हैं।

दरअसल, जयपुर नगर निगम ग्रेटर में शुक्रवार को कार्यवाहक मेयर शील धाभाई ने मीडिया के समक्ष अपने 7 दिन के कार्यकाल का लेखा-जोखा रखा। इस बीच बातों में उन्होंने परशुराम सर्किल के पास से हटाए परिवारों के पुनर्वास की बात कहीं। उन्होंने कहा कि ये काम जितना हो सकेगा नगर निगम अपने स्तर पर करेगा, लेकिन ये काम सरकार की मदद के बिना अभी तो संभव नहीं है। हां, लेकिन इतना जरूर कह देती हूं कि 6 महीने बाद तो मैं इस लायक हो जाऊंगी कि आपको ये कह सकूं कि हमारे पास इतना है कि हम अब कर लेंगे। मेयर की इन बातों ने यह तो जाहिर कर दिया कि भले वे कार्यवाहक मेयर हों, लेकिन उन्हें फिलहाल 6 माह तक हटाने वाला कोई नहीं है?

आपको बता दें कि ये वही परिवार हैं जिन्हें हटाने के मामले में निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर और आयुक्त यज्ञमित्र सिंह के बीच बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। आयुक्त ने जब इस बस्ती को मई में हटाया था, तक सौम्या ने इसका विरोध किया था और कहा था कि कोरोनाकाल में ऐसी कार्यवाही करना मानवीयता नहीं है। उन्होंने इस कार्यवाही की शिकायत राज्य सरकार और मानवाधिकार आयोग से भी की थी।

पार्षदों को साधने की कवायद, लैपटॉप के साथ अब सैर-सपाटे पर भेजने का ऐलान
कार्यवाहक मेयर ने जब अपने काम का लेखा-जोखा रखा था तब उनके साथ बीजेपी-कांग्रेस का एक भी पार्षद साथ मौजूद नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने कुछ ऐसी भी घोषणाएं कि जिससे वे पार्षदों को साध सकें। उन्होंने पार्षदों को जल्द से जल्द लैपटॉप दिलवाने की तो बात कही। साथ ही कहा कि वे पार्षदों के समूहों को कोरोनाकाल खत्म होने के बाद देश के अलग-अलग राज्यों, शहरों में घूमने के लिए भेजेंगी। ये विजिट इसलिए करवाई जाएगी, ताकि पार्षद दूसरे शहरों में जाकर ये देख सकें कि वहां कि नगर निकाय उन शहरों के विकास के लिए क्या-क्या काम कर रही हैं। गौरतलब रहे कि इन सात दिनों के दौरान धाभाई ने दो विधानसभा क्षेत्रों की विजीट भी की थी, जिसमें विद्याधर नगर क्षेत्र में तो अधिकांश पार्षदों ने मेयर के दौरे से खुद को दूर रखा था।

कोर्ट में लंबित है सौम्या के निलंबन का मामला
मेयर पद से निलंबित करने के मामले को सौम्या गुर्जर ने जो हाईाकोर्ट में चुनौती दी है, उसका निर्णय आना अभी बाकी है। इस मामले में कोर्ट में सरकार और सौम्या गुर्जर दोनों तरह से अपनी-अपनी दलीलें दे चुके हैं। अब कोर्ट ने इस मामले के फैसले को अभी सुरक्षित रखा है।

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