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  • Administration Not Successful In Stopping Illegal Liquor Sale And Mining; Jaipur Rural SP Was Asked In The Vigilance Committee Meeting, I Sent So Many Videos, What Have You Done Till Date?

गहलोत समर्थक विधायक के निशाने पर पुलिस:विजिलेंस कमेटी की बैठक में जयपुर ग्रामीण एसपी से नागर ने कहा- अवैध खनन रोकने में टीम नाकाम, अब तक आपने क्या किया ?

जयपुरएक महीने पहले
विधायक बाबूलाल नागर और एसपी शंकर दत्त शर्मा।

राजस्थान में अवैध तरीके से शराब की बिक्री और अवैध खनन जोरो पर है। प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर विपक्ष ही नहीं बल्कि सत्ताधारी दल को समर्थन दे रहे विधायक भी अब सवाल उठाने लगे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कट्टर समर्थक माने जाने वाले निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर ने जयपुर ग्रामीण पुलिस को फेल बताया है। उन्होंने जयपुर के ग्रामीण इलाकों में हो रही अवैध गतिविधियों को रोकने और उसमें लिप्त लोगों पर कार्रवाई के मामले में पुलिस पर सवाल उठाए हैं।

जयपुर जिला प्रशासन में सतर्कता (विजिलेंस) कमेटी की बैठक हुई। बैठक में दूदू से निर्दलीय विधायक नागर ने जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा से पूछा कि बजरी, पत्थरों से भरे डंपर, ट्रैक्टर ट्रॉलियां रात में आसानी से दूसरे जिलों से आ-जा रही हैं। इन डंपर, ट्रैक्टर के आने-जाने के इतने वीडियो मैं आपको भेज चुका हूं आपने अब तक क्या कार्रवाई की? विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले शराब के ठेकों पर रात 8 बजे बाद अवैध तरीके से हरियाणा निर्मित शराब की बिक्री होने की भी बात कही। उन्होंने इस पूरे अवैध कारोबार में पुलिस पर कारोबारियों से मिलीभगत होने का आरोप लगाया।

विधायक के इन आरोपों का जवाब देते हुए पुलिस अधीक्षक बोले कि जहां से अवैध खनन हो रहा है, वहीं से रोका जाए तो ज्यादा ठीक है। उन्होंने इसके लिए माइनिंग विभाग के अधिकारियों, इंजीनियर को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि अवैध शराब और बजरी, पत्थर के अवैध परिवहन के लिए पुलिस की तरफ से समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है, लेकिन माइनिंग विभाग के इंजीनियर और अधिकारी पुलिस का सपोर्ट नहीं करते। इसलिए सही से कार्रवाई नहीं हो पाती।

बता दें कि हर जिले में जनता और प्रशासन से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण पर चर्चा के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विजिलेंस कमेटी बनाई जाती है। इस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करते हैं। जिसमें हर विभाग बिजली, पाली, आबकारी, खनन समेत तमाम विभाग के जिला लेवल के अधिकारी सदस्य होते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के स्थानीय विधायक भी इस कमेटी के साधारण सदस्य होते हैं।

विभागों में कॉर्डिनेशन की कमी, इसलिए नहीं दूर हो रही समस्या
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए नागर ने कहा कि आज भी हम अवैध खनन, अवैध शराब बिक्री रोकने में सफल नहीं हुए हैं। उन्होंने इसके पीछे कारण विभागों में कॉर्डिनेशन की कमी को बताया। उन्होंने कहा कि जब तक माइनिंग, आबकारी विभाग, पुलिस, जिला प्रशासन के अधिकारियों की एक जॉइंट कॉर्डिनेशन कमेटी या टीम नहीं बनेगी, तब तक ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगा पाना मुश्किल है।

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