जयपुर, जोधपुर में खतरनाक स्तर पर आया प्रदूषण:आतिशबाजी के बाद दोनों शहरों में एक्यूआई 300 के पार, अस्थमा रोगियों के लिए खतरे का अलर्ट

जयपुर3 महीने पहले

दीपावली पर भले ही इस बार ग्रीन पटाखों से सीमित आतिशबाजी हुई हो, लेकिन इतनी आतिशबाजी ने भी राजस्थान के शहरों की आबोहवा को प्रदूषित कर दिया। रातभर हुई आतिशबाजी के कारण आसमान में धुंआ हो गया। इसका असर सुबह देखने को मिला। जयपुर, जोधपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 के पार चला गया। रेड जोन में आए इन शहरों में रहने वाले अस्थमा के मरीजों के लिए यह चिंता की बात है। ऐसे में डॉक्टर्स और विशेषज्ञों ने ऐसे लोगों को ज्यादा से ज्यादा घरों में ही रहने की सलाह दी है।

जयपुर में आज सुबह एक्यूआई लेवल 370 के स्तर पर दर्ज हुआ। वहीं, जयपुर के शास्त्री नगर एरिया में 317 और आदर्श नगर, राजापार्क एरिया में 331 एक्यूआई लेवल रहा। सुबह-सुबह आसमान में धुंध रही और जयपुर एयरपोर्ट और उसके आसपास विजिबिलिटी भी सामान्य दिनों के मुकाबले कम रही।

विशेषज्ञों की माने तो आतिशबाजी के साथ-साथ पॉल्यूशन लेवल बढ़ने का एक बड़ा कारण मौसम में बदलाव भी रहा। तापमान गिरने और हवा नहीं चलने के कारण धुंआ आसमान में ज्यादा ऊपर नहीं जा सका और धरती की सतह से कुछ ऊंचाई पर ही मंडराता रहा, जिसके कारण आज सुबह से जयपुर में धुंध छाई हुई है।

जयपुर में पिछले साल दीपावली पर 177 एक्यूआई एक्यूआई लेवल
जयपुर में पिछले साल कोरोना के कारण दीपावली पर आतिशबाजी पूरी तरह बैन थी। इसके चलते पिछले साल 14 नवंबर को दीपावली के अगले दिन जयपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 177 था, लेकिन इस बार आतिशबाजी से बैन हटा तो एयर क्वालिटी का स्तर 300 के पार पहुंच गया।

जोधपुर भी जयपुर की तरह रेड जोन में आया
जयपुर के अलावा प्रदेश का दूसरा बड़ा शहर जोधपुर रहा, जहां एयर क्वालिटी सबसे ज्यादा खराब रही। जोधपुर में आज सुबह एक्यूआई लेवल 340 दर्ज किया गया। जयपुर और जोधपुर दोनों शहर आज एयर क्वालिटी के लिहाज से रेड जोन में आ गए। इससे एक दिन पहले यानी दीपावली के दिन जोधपुर में एक्यूआई 225 और जयपुर में एक्यूआई लेवल 263 था।

अस्थमा मरीजों के लिए बढ़ी परेशानी
एक्यूआई लेवल अलवर में 258, भिवाड़ी में 414, कोटा में 266, पाली में 200, उदयपुर में 236 और अजमेर में 271 रहा। अलवर के शहर भिवाड़ी में हवा सबसे खराब रही। यहां एनसीआर दिल्ली का असर ज्यादा देखने को मिलता है।

डॉक्टर्स की माने तो एयर क्वालिटी इंडेक्स 250 के पार पहुंचने के बाद अस्थमा के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ जाती है। पुराना अस्थमा के मरीजों को डॉक्टर्स ने सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके अलावा ज्यादा धुंआ होने के कारण आंख और नाक में हल्की जलन होना, जी घबराना, सिरदर्द जैसी शिकायतें भी कई लोगों में आती है।