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लम्पी में लापरवाही:15,000 गायों की मौतों के बाद जिलों ने निकाला शवों को गाड़ने का आदेश, कई जिलों में मृत गायों को खुले में डाला

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: डूंगरसिंह राजपुरोहित
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यह अजमेर के नसीराबाद ट्रेंचिंग ग्राउंड का दृश्य है। हजारों गायों के शव पड़े हैं। कुत्ते नोंच रहे हैं। दुर्गंध हाईवे तक आ रही है। शवों पर नमक भी नहीं डाल रहे। - Dainik Bhaskar
यह अजमेर के नसीराबाद ट्रेंचिंग ग्राउंड का दृश्य है। हजारों गायों के शव पड़े हैं। कुत्ते नोंच रहे हैं। दुर्गंध हाईवे तक आ रही है। शवों पर नमक भी नहीं डाल रहे।

पशुपालन विभाग के अफसरों की लापरवाही लम्पी वायरस के संक्रमण रोकने में सरकारी कदमों पर भारी पड़ सकती है। दरअसल, प्रदेश में लम्पी संक्रमण से 25 जिलों में 22 हजार गायों की मौत हो चुकी है। लेकिन मृत पशुओं को जमीन में गाड़ने के आदेश अगस्त में तब जारी हुए, जब 15 हजार मौतें हो चुकी थी।

असर, यह हुआ कि जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर, पाली में मृत गायों को खुले में डाल दिया गया। इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। राहत की बात यह है कि नागौर, हनुमानगढ़ एवं चूरू को छोड़कर बाकी जगह पिछले 2 दिन से लम्पी नियंत्रण में है। अगस्त के प्रथम सप्ताह में सरकार ने लम्पी से मरे पशुओं को 1.5 मीटर गहरे खड्डे में गाड़ना, नमक और चूना डालना अनिवार्य किया।

प्रदेश में अब तक 21797 मौतें, 2.41 लाख महामारी से तड़प रही
प्रदेश में अब तक 21797 गायों की मौत लम्पी से हो चुकी है। बुधवार को 1109 की मौत हुई। नई 30 हजार 69 गायें संक्रमित मिली। अब तक प्रदेश में 5 लाख से अधिक पशुओं को लम्पी हुआ, उसमें से 2 लाख 20 हजार 61 पशु ही ठीक हुए। 2.41 लाख पशु अब भी लम्पी से कराह रहे हैं। तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं।

पशुपालन सचिव किशन को नहीं दिखे खुले में शव
Q : लम्पी से मरे पशु गाड़ने के आदेश कब जारी हुए?

  • 3-4 अगस्त को हमने एसओपी जारी कर दी।

Q : हजारों पशु बिना गाइडलाइन ही गांवों के बाहर खुले में डाल दिए गए?

  • मैं 8 जिलों का खुद दौरा कर आया। मुझे खुले में डाले पशु नहीं मिले।

Q : लम्पी कंट्रोल में है या खुले में डाले पशुओं से फिर फैलेगी?

  • 1 दिन में 100 से अधिक पशु मरने की हालत सिर्फ नागौर, हनुमानगढ़ और चूरू की है। पहले 500-500 पशु रोज एक-एक जिले में मर रहे थे। कंट्रोल नहीं होता तो आज प्रति जिला 1000 पशु मरने की रिपोर्ट आती।

Q : संक्रमित पशु को टीके लगा नहीं सकते, फिर कैसे कंट्रोल कर रहे हैं?

  • संक्रमित पशु और उसके आसपास के पशु को भी टीके नहीं लगा सकते। हमारा फोकस अभी पूर्वी राजस्थान पर है, जहां लम्पी नहीं फैला।

हमने मौतों पर शुरू से निगरानी रखी
जिले में पथमेड़ा, नंदग्राम, नंदी गोशाला सहित बड़ी गोशालाओं के पास खुद का प्रबंधन बेहतर है। मृत गायों का निस्तारण गोशालाओं ने ही किया। बाकी गांवों में लम्पी से मरी गायों के निस्तारण के लिए लम्पी ग्रुप बनाकर प्रतिदिन मानिटरिंग की। -निशांत जैन, जालोर कलेक्टर