अजय यादव हत्याकांड:वारदात के बाद दूदू बस स्टैंड के पास जंगल में फेंका था अजय की गाड़ी का जीपीएस; बरामद

जयपुरएक महीने पहले
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बरामदगी के लिए आरोपियों को दूदू ले जाती पुलिस। - Dainik Bhaskar
बरामदगी के लिए आरोपियों को दूदू ले जाती पुलिस।

बनीपार्क इलाके में सूतमील फाटक के पास एक माह पहले हुए अजय यादव हत्याकांड में पकड़े गए आरोपी वीरेंद्र सिंह उर्फ बिल्लू व अक्षय सिंह उर्फ आशीष शेखावत की निशानदेही पर दूदू बस स्टैंड के पास जंगल से जीपीएस डिवाइस बरामद कर ली गई है। यह जीपीएस डिवाइस वारदात से पहले रैकी करने के लिए मृतक अजय यादव की स्कॉर्पियों में लगाई गई थी। वारदात के बाद आरोपी डिवाइस को निकालकर ले गए थे। पुलिस अभी तक वारदात के लिए काम में लिए गए हथियार बरामद नहीं कर सकी है। गिरफ्तार आरोपियों से हथियारों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

रैकी करने के लिए गाड़ी में जीपीएस लगाने का प्रदेश में पहला मामला

एडिशनल डीसीपी राम सिंह शेखावत ने बताया कि प्रदेश में इस तरह का पहला मामला सामने आया है कि बदमाशों ने रैकी के लिए सामने वाले व्यक्ति की गाड़ी में जीपीएस लगा दिया था। आरोपियों को पकड़ने के बाद उन्होंने जीपीएस के बारे में मना कर दिया, लेकिन पुलिस टीमों ने थोड़ी सख्ती से पूछताछ की तो आराेपियों ने बताया कि वारदात के बाद भागते समय दूदू बस स्टैंड के पास जंगल में डिवाइस फेंक दी थी। पुलिस को पहले ही पता चल गया था कि बदमाशों ने कहां से जीपीएस डिवाइस खरीदी है।

गौरतलब है कि 21 सितंबर को सूतमील फाटक के पास दो स्कूटी पर सवार होकर आए चार बदमाशों ने गाड़ी में अजय यादव के गोली मारने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस अब तक 6 आरोपियों को पकड़ चुकी है। एक आरोपी हिस्ट्रीशीटर ने चौमू में रिश्तेदार के घर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मुख्य शूटर पंजाब निवासी बलजिंदर सिंह फरार चल रहा है।

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