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खाद्य विभाग के डीएसओ, एनफोर्समेंट अफसर हुए लामबन्द:अजमेर डीएसओ की बर्खास्तगी से आक्रोश, सीएम से फूड सेक्रेट्री और एडिशनल फूड कमिश्नर को हटाने की मांग, कार्य बहिष्कार का अल्टीमेटम

जयपुरएक महीने पहले
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रसद अधिकारियों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा - Dainik Bhaskar
रसद अधिकारियों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

प्रदेश के ज़िला रसद विभाग के अधिकारियों,एनफोर्समेंट अफसरों और इंस्पेक्टर्स ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अजमेर के ज़िला रसद अधिकारी अंकित पचार को बिना कोई ज्युडिशियल प्रक्रिया अपनाए बर्खास्त करने के विरोध में ये कर्मचारी लामबन्द हो गए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का समाधान नहीं निकाले जाने पर कार्य बहिष्कार का अल्टीमेटम दे दिया है।

फूड सेक्रेट्री और एडिशनल फूड कमिश्नर को नहीं हटाया, तो कार्य बहिष्कार

इन जिला रसद अधिकारियों,एनफोर्समेंट अफसरों और इंस्पेक्टर्स ने मुख्यमंत्री से खाद्य सचिव और एडिशनल फूड कमिश्नर को तुरंत हटाने की मांग रखी है। साथ ही चेतावनी भी दे दी है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक पूरे राज्य में विभाग की वीडियो कांफ्रेंस, मीटिंग, जन आधार सीडिंग के काम का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। मुख्यालय के वॉट्स एप ग्रुप से लेफ्ट हो जाएंगे, 30 सितम्बर 2021 तक मांगों पर फैसला नहीं लिया गया, तो 1 अक्टूबर 2021 से राज्य में सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार कर दिया जाएगा।

मानसिक रूप से परेशान करने,वीआरएस लेने को मजबूर करने के आरोप

राजधानी जयपुर में राजस्थान खाद्य व आपूर्ति सेवा समिति के बैनर तले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन देकर शिकायत की गई है कि मानसिक रूप से इन अधिकारी-कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। पिछले 6 महीनों में कई रसद अधिकारियों को वीआरएस लेने पर मजबूर कर दिया गया है। इसलिए खाद्य सचिव और एडिशनल फूड कमिश्नर को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक पूरे राज्य में विभाग की वीडियो कांफ्रेंस, मीटिंग, जन आधार सीडिंग के काम का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। मुख्यालय के वॉट्स एप ग्रुप से लेफ्ट हो जाएंगे। इसके बाद भी मांगें नहीं माने जाने पर पूरी तरह काम का बहिष्कार किया जाएगा।

बर्खास्त अजमेर जिला रसद अधिकारी की बहाली की मांग

आरोप है कि अजमेर के जिला रसद अधिकारी अंकित पचार को बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया अपनाए और सक्षम स्तर पर अप्रूवल लिए बिना ही प्रीज्युडिस होकर गलत भावना से बर्खास्त किया गया है। जिससे फूड और सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों में गुस्सा है। कर्मचारियों ने जिला रसद अधिकारी को फिर से बहाल करने की मांग रखी है। राजस्थान खाद्य व आपूर्ति सेवा समिति ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए शिकायत की है कि विभाग के बड़े अधिकारी सभी जिला रसद अधिकारियों,एनफोर्समेंट अधिकारियों और इंस्पेक्टर्स के खिलाफ नैगेटिव नजरिया अपना रहे हैं। जिससे इन सभी में आक्रोश है। लगभग सभी जिला रसद अधिकारियों को 16सीसी, 17सीसी और एपीओ करने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि उनके खिलाफ कोई ठोस आधार नहीं है। मानसिक रूप से इन अधिकारी-कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। पिछले 6 महीनों में कई रसद अधिकारियों को वीआरएस लेने पर मजबूर कर दिया गया है। इसलिए खाद्य सचिव और एडिशनल फूड कमिश्नर को तुरंत हटाया जाए।

पेंडिंग केसों के निपटारे की मांग

राजस्थान खाद्य व आपूर्ति सेवा समिति ने मुख्यमंत्री से अपनी पीड़ा जताते हुए मांग रखी है कि जिन अधिकारियों के फूड डिपार्टमेंट में केस पेंडिंग हैं, कई बार मेमोरेंडम देने के बावजूद उनका निपटारा नहीं किया जा रहा है। उन अधिकारी-कर्मचारियों को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए पेंडिंग केसेज का निपटारा करवाया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की योजनाएं जिनमें एनएफएसए, पीएमजीकेवाई, वन नेशन-वन राशन कार्ड, जन आधार, राशन पोर्टेबिलिटी, लिप्टिंग, वितरण, सरकारी कर्मचारियों से वसूली में राजस्थान देश में ऊपरी पायदान पर है। फिर भी कर्मचारियों को परेशान किया जाना ठीक नहीं है।

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