वोटर्स को लुभाने के लिए:4 उपचुनाव वाले क्षेत्रों के लिए बजट से 5 दिन पहले गहलोत ने 124 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया

जयपुरएक वर्ष पहले
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उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों के लिए स्पीकर और मंत्रियों के साथ सीएम ने 124 करोड़ के कामों के वर्चुअल शिलान्यास किया। - Dainik Bhaskar
उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों के लिए स्पीकर और मंत्रियों के साथ सीएम ने 124 करोड़ के कामों के वर्चुअल शिलान्यास किया।
  • मंत्री आंजना ने कहा- 3 साल बाद भले वोट मत देना लेकिन उपचुनाव में जितवाइए
  • मुख्यमंत्री ने इन 4 क्षेत्रों में 124 करोड़ की नई योजनाओं का शिलान्यास किया

राजस्थान में 4 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों की सरगर्मी बढ़ गई है। उपचुनाव वाले इलाकों में वोटर्स को लुभाने के लिए कांग्रेस सरकार और संगठन पूरा दमखम लगा रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री गहलोत ने उपचुनाव वाले क्षेत्रों के लिए 157 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण और शिलान्यास किया। सीएम ने सुजानगढ, सहाड़ा, वल्लभनगर और राजसमंद के लिए 124 करोड़ लागत के 126 कामों का वर्चुअल शिलान्यास किया।

सहकारिता मंत्री ने कहा- तीन साल बाद भले वोट मत देना
समारोह में सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा- अगर काम न हो तो तीन साल बाद चाहे वोट मत देना। विधायक बदल देना। लेकिन उपचुनाव में कांग्रेस को वोट दीजिए। तीन साल बाद आपके पास फिर मौका है। काम पसंद न आए तो चाहे आम चुनाव में वोट मत देना।

सीएम ने कहा- नए विधायक चुनकर आने तक मैं वहां का एमएलए हूं
सीएम ने इस दौरान कहा कि हमारे चारों साथी चले गए। उनका हमें दुख है। चारों साथी जाने वाली अवस्था में नहीं थे, हम चारों क्षेत्रों में विकास में कोई कमी नहीं आने देंगे। जनता को विश्वास दिलाना चाहेंगे कि जब तक चुनाव नहीं होंगे तब तक प्रभारी मंत्री उन क्षेत्रों के लगातार संपर्क में रहेंगे। उस क्षेत्र का कोई काम अटकने नहीं दिया जाएगा। जब तक चारों सीटों पर नए विधायक चुनकर नहीं आते तब तक चारों सीटों पर मैं एमएलए हूं।

जल्द आचार संहिता लगने की संभावना
उपचुनाव वाले इलाकों में शिलान्यास और नई घोषणाओं में सरकार और संगठन रणनीति के तहत जल्दी दिखा रहे हैं। चुनाव आयोग उपचुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कभी भी कर सकता है, ऐसे में आचार संहिता लगने के बाद नई घोषणाएं और शिलान्यास लोकार्पण नहीं किए जा सकते।

बजट से पहले नई घोषणाओं पर सियासी विवाद
उपचुनाव वाले इलाकों में नए कामों के शिलान्यास और नई घोषणाओं पर सियासी विवाद होना भी तय माना जा रहा है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि 6 दिन बाद राज्य का बजट पेश होना है। विपक्षी भाजपा जल्दबाजी में की जा रही इन घोषणाओं पर पहले से ही सवाल उठाती रही है। दो दिन पहले मंत्रियों के राजसमंद में की गई घोषणाओं को भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग बताया था।

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