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प्रताप, जोशी-कागजी समेत धारीवाल से बैठक:जवाब- कमेटियां जल्द बनेंगी; हकीकत-जिन विधायकों को हल ढूंढ़ना है वही मर्ज बन गए

जयपुर4 दिन पहले
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परिवहन मंत्री के घर पहुंचे निर्दलीय पार्षद। - Dainik Bhaskar
परिवहन मंत्री के घर पहुंचे निर्दलीय पार्षद।
  • हेरिटेज निगम में कमेटियां बनाने को लेकर निर्दलीय पार्षद फिर विधायक-मंत्रियों के दर

कांग्रेस सरकार में उन्हीं के बोर्ड और चारों पार्टी विधायक वाले हेरिटेज निगम में कमेटियों को लेकर पहले निर्दलीय पार्षद मंगलवार को विधायकों के दर पहुंचे तो फिर विधायकों ने यूडीएच मंत्री से मुलाकात की। विधायक रफीक खान किसी शादी-समारोह में शिरकत करने के चलते साथ नहीं हो पाए, लेकिन तीनों विधायक-मंत्री ने बाहर आकर फिर वही बात कही, जो 8 महीने से कहते आ रहे हैं कि ‘जल्द, सप्ताह भर या 10 दिन में कमेटियों की घोषणा कर देंगे’।

हालांकि ऐसा क्या कारण है जिसके चलते कांग्रेस बोर्ड में उन्हीं की कमेटियां घोषित नहीं हो पा रही? तो इसके केंद्र में पार्टी के चार विधायक ही हैं, जिनको कमेटियों की दवा के तौर पर चेयरमैन बनाने हैं, वो ही खुद की ज्यादा हिस्सेदारी तय करने के चक्कर में मर्ज बने हुए हैं। मंगलवार को भी धारीवाल ने यही बात कहकर लौटाया कि विधायक एकमत होकर फार्मूला तय करें। मसले का पोस्टमार्टम करने पर 3 बड़े कारण सामने आए-

यूं समझिए चेयरमैन और उनके बीच विवाद

1. सभी निर्दलीय पार्षद चेयरमैन की गद्दी चाहते हैं

क्योंकि : निर्दलीयों के बूते बोर्ड बन पाया।

अड़चन : हवामहल विधानसभा का गणित गड़बड़ा रहा है। चूंकि उनके यहां सर्वाधिक 4 निर्दलीय पार्षद आते हैं। अगर सबको चेयरमैन बनाते हैं तो फिर बाकी के लिए मौके कम होते हैं और विरोध उपजता है।

2. सब विधानसभा क्षेत्रों का समान प्रतिनिधित्व हो

क्योंकि : हेरिटेज नगर निगम के चारों विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के ही विधायक।
अड़चन : हर विधानसभा को बराबर चेयरमैन मिलने पर निर्दलीयों और पार्टी पार्षदों में हवामहल क्षेत्र फिट नहीं बैठता, जहां जीते भी 26 में से कांग्रेस के 10 हैं।

3. मेयर-डिप्टी मेयर की सीट की भरपाई

क्योंकि : समानता के लिए जरूरी।
अड़चन : मेयर मुनेश गुर्जर सिविल लाइंस से हैं तो डिप्टी मेयर हवामहल क्षेत्र से आते हैं। अब अमीन कागजी और रफीक खान चाहते हैं कि इसकी एवज में उनको एक-एक चेयरमैन बनाने का मौका अतिरिक्त दिया जाए।

निर्दलीयों सहित सीनियरिटी को देखते हुए चेयरमैन बनाएंगे। हर क्षेत्र को समान प्रतिनिधित्व मिलेगा।
-अमीन कागजी, विधायक, किशनपोल

^पार्षद आए थे। जल्द ही (कितना जल्द क्योंकि पहले भी कहते आए हो) बना रहे हैं। निर्दलीयों को ध्यान रखेंगे।

-प्रताप सिंह, सिविल लाइंस से विधायक

इसी महीने तक कमेटियां फाइनल करेंगे, अधिकतम निर्दलीय पार्षदों को शामिल करेंगे।
-महेश जोशी, मुख्य सचेतक, हवामहल

जल्द बनानी है। एक-दो दिन में साथी विधायकों से फाइनल बात करेंगे। फार्मूला लगभग तय है।
-रफीक खान, विधायक, आदर्श नगर

आखिर कितनी कमेटियां?

प्रताप सिंह, अमीन कागजी ने 30-32 कमेटियां बनाने की तो महेश जोशी 28-30 तक कमेटियों की बात कह रहे हैं। यूडीएच मंत्री ने विधायकों को एकमत होने की बात कही है। ग्रेटर निगम में 28 कमेटियां बनाई थी। रफीक खान के साथ दो दिन में बैठक कर 7-10 दिन में फैसला हो जाएगा।

बड़ा सवाल

कांग्रेस सरकार में उन्हीं के बोर्ड और सभी कांग्रेसी विधायकों के बावजूद 8 महीने में क्यों नहीं बनीं कमेटियां?

विवाद की जड़

महेश जोशी के हवामहल का गणित फार्मूले में फिट नहीं, मेयर-डिप्टी मेयर के बदले दूसरे क्षेत्रों को अतिरिक्त चेयरमैन देने पर सहमति नहीं।

अब क्या?

दो सप्ताह में बनेंगी कमेटियां, संख्या 30 तक होगी, आधे से ज्यादा निर्दलीय और सीनियर पार्षद बनेंगे चेयरमैन।

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