सड़कों को रिपेयर करने के बजट में भेदभाव:जयपुर नगर निगम हैरिटेज से बड़ा ग्रेटर का इलाका, फिर ग्रेटर को कम बजट; राजस्थान की 213 नगरीय निकायों को 1 हजार करोड़ का बजट किया अलॉट

जयपुर3 महीने पहले
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जयपुर के गोनेर रोड पर टूटी सड़क, जिस पर आने-जाने वाले लोगों को हर रोज परेशान होना पड़ता है। - Dainik Bhaskar
जयपुर के गोनेर रोड पर टूटी सड़क, जिस पर आने-जाने वाले लोगों को हर रोज परेशान होना पड़ता है।

राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में 213 नगरीय निकायों में सड़कों को रिपेयर के लिए 1 हजार करोड़ का बजट आवंटित किया है। यह पैसा हुड़कों से लोन के जरिए जुटाया जाएगा। संभावना है कि मानसून बाद सड़कों के पेच रिपेयरिंग के काम शुरू होंगे। लेकिन इस बजट आवंटन में असमानता देखने को मिल रही है। जयपुर नगर निगम ग्रेटर और हैरिटेज क्षेत्र के लिए जो बजट दिया है उसमें क्षेत्रफल के नजरिए से ग्रेटर को ज्यादा मिलना चाहिए था, लेकिन बजट ज्यादा हैरिटेज काे दिया गया है। इसको लेकर अब आरोप लग रहे है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि वहां कांग्रेस की मेयर है। ज्यादातर इस एरिया में आ रहे विधानसभा क्षेत्रों में चारों विधायक भी कांग्रेस से ही जीतकर आए है। हालांकि स्वायत्त शासन विभाग के अधिकारियों का इस मामले में तर्क है नगर निगम ग्रेटर का अधिकांश एरिया जयपुर जेडीए में आता है, जहां जेडीए की ओर से सड़कों को रिपेयर करने का काम किया जाता है।

इस बजट से प्रदेश में नगर निगम क्षेत्र में 30, नगर परिषद क्षेत्र में 20 और नगरपालिका क्षेत्र में 10 किमी सड़क का मरम्मतीकरण कराया जाएगा। प्रदेश में मौजूद 10 नगर निगमों को कुल 194.43 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की है। इसी तरह 34 नगर परिषदों के लिए 192.94 करोड़ रुपए और 169 छोटी नगर पालिकाओं को 610.48 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। ये पूरा काम सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के जरिए करवाया जाएगा।

ये हुआ है राशि का आवंटन
जयपुर हैरिटेज में 100 वार्ड आते है और यहां सड़कों के पेच रिपेयर के लिए 15.93 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है। यहां कांग्रेस का बोर्ड है और मेयर भी कांग्रेस की है। इसी तरह जयपुर नगर निगम ग्रेटर के क्षेत्र में 150 वार्ड है और यहां रोड रिपेयर के लिए करीब 12.42 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। यहां भाजपा का बोर्ड है और मेयर भी भाजपा की ही है।

मुख्यमंत्री और यूडीएच मंत्री के गृहजिले को जयपुर से ज्यादा बजट
बजट आवंटन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहजिला जोधपुर में बनी दोनों नगर निगम और नगरीय विकास मंत्री (यूडीएच) शांति धारीवाल के गृहजिला कोटा में बनी दोनों नगर निगमों को जयपुर से ज्यादा बजट मिला है। कोटा नगर निगम उत्तर को 18.80 करोड़ और नगर निगम दक्षिण को 26.98 करोड़ रुपए का, जबकि जोधपुर नगर निगम उत्तर को 27.40 और नगर निगम दक्षिण को 22.05 करोड़ का बजट दिया गया है। जयपुर में दोनों नगर निगम को कुल मिलाकर 28.35 करोड़ रुपए का बजट आवंटित हुआ है। वहीं कोटा की दोनों निगमों को 45.78 और जोधपुर को 49.78 करोड़ रुपए का बजट मिला है। जबकि कोटा की दोनों नगर निगम में कुल मिलाकर 150 और जोधपुर में 160 वार्ड है।

कोटा में दोनों जगह कांग्रेस, जोधपुर में एक जगह भाजपा और एक जगह कांग्रेस का बोर्ड
कोटा की स्थिति देखे तो यहां नगर निगम उत्तर और दक्षिण दोनों में कांग्रेस का बोर्ड है और मेयर भी कांग्रेस पार्टी के ही है। इसी तरह जोधपुर में नगर निगम उत्तर में कांग्रेस का बोर्ड है, लेकिन दक्षिण में भाजपा का।

पक्षपात पूर्ण रवैया अपना रही है कांग्रेस की सरकार

जयपुर नगर निगम ग्रेटर में उपमहापौर पुनीत कर्णावत ने इस मामले में कांग्रेस सरकार पर जयपुर ग्रेटर की जनता के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ग्रेटर का एरिया करीब 66 फीसदी है, जबकि हैरिटेज का 33 फीसदी। संसाधन बटवारे में भी ऐसे ही भेदभाव किया गया था। उन्होंने कहा कि जोधपुर जयपुर से बहुत छोटा शहर है और कोटा उससे भी छोटा। ऐसे में अगर सरकार ने जोधपुर को 50 करोड़ के करीब बजट दिया है तो जयपुर को कम से कम 100 करोड़ रुपए देने चाहिए। इसमें भी 40 फीसदी हैरिटेज को और 60 फीसदी ग्रेटर नगर निगम को।

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