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टोक्यो पैरालिंपिक में छा गई हमारी अवनि:50 मीटर एयर राइफल प्रतिस्पर्धा में मान बढ़ाया, एक ओलिंपिक में दो मेडल जीतने वाली देश की पहली खिलाड़ी बनीं

जयपुर10 महीने पहले

टोक्यो पैरालिंपिक में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतने वालीं अवनि लेखरा ने 50 मीटर एयर राइफल महिला प्रतिस्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीत इतिहास रच दिया है। अवनि एक ओलिंपिक में दो मेडल जीतने वाली देश की पहली खिलाड़ी बन गई हैं, वहीं अवनि की जीत के बाद उनके परिवार और जयपुर में खुशी का माहौल है। अवनि के दादा जीआर लेखरा ने बताया कि उनकी पोती ने इतिहास रच दिया है, जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता।

इससे पहले जयपुर की रहने वाली अवनि लेखरा ने टोक्यो पैरालिंपिक में 10 मीटर एयर राइफल में भारत को पहला गोल्ड दिलाया है। फाइनल में 249.6 पॉइंट हासिल कर उन्होंने यूक्रेन की इरिना शेटनिक के रिकॉर्ड की बराबरी की। शूटिंग में गोल्ड जीतने के साथ ही अवनि देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं, जिसने ओलिंपिक या पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीता हो। हालांकि इसके बाद 1 सितंबर को अवनि 10 मीटर मिश्रित एयर राइफल प्रतिस्पर्धा में क्वॉलिफाई राउंड में ही बाहर हो गई थीं।

अवनि के परिवार ने बताया कि वो खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल हैं। अवनि के दादा जीआर लेखरा ने बताया कि अवनि का जयपुर से टोक्यो तक का सफर काफी संघर्ष भरा है। अवनि ने हिम्मत और लगातार मेहनत करके सभी बाधाओं को हराकर कामयाबी हासिल की है।

2012 में हुआ था हादसा
2012 में महाशिवरात्रि के दिन अवनि का एक्सीडेंट हो गया था, जिससे उसे पैरालिसिस हो गया। तब वह पूरी तरह हिम्मत हार चुकी थी। अपने कमरे से भी बाहर नहीं निकलती थी, लेकिन अवनि के परिवार ने उसे हिम्मत दी। माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अवनि की मेहनत का ही नतीजा है कि वह दुनियाभर में भारत का नाम रोशन कर रही है।

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