हेल्थ सिस्टम की धड़कनें बंद:महिलाओं की ईसीजी से पहले मेल स्टाफ को लिखकर देना पड़ता है...सहमति से ईसीजी करा रहे

जयपुर4 महीने पहलेलेखक: नरेश वशिष्ठ
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9 मार्च को हैल्थ सेक्रेटरी ने सरकारी अस्पतालों में फीमेल ईसीजी टेक्नीशियन लगाने के जारी आदेश को 8 अप्रैल को दरकिनार कर नया नियम बना डाला। - Dainik Bhaskar
9 मार्च को हैल्थ सेक्रेटरी ने सरकारी अस्पतालों में फीमेल ईसीजी टेक्नीशियन लगाने के जारी आदेश को 8 अप्रैल को दरकिनार कर नया नियम बना डाला।

सरकारी अस्पतालों में महिलाओं की ईसीजी मेल टेक्नीशियन से कराने का सिलसिला जारी है। एक महीने पहले 9 मार्च को हैल्थ सेक्रेटरी ने महिलाओं की ईसीजी फीमेल स्टाफ से कराने और नई भर्ती करने के आदेश जारी किए थे। एक महीने बाद भास्कर ने फिर से अस्पतालों की रियलिटी चेक की।

हालात तो नहीं सुधरे बल्कि अस्पतालों ने नए नियम बना दिए कि ईसीजी कराने वाले महिलाओँ के परिजन लिखित में दें...उन्हें मेल स्टाफ से ईसीजी कराने में कोई आपत्ति नहीं है। एसएमएस, जयपुरिया अस्पतालों ने अब महिलाओं की ईसीजी पुरुष टेक्नीशियन कर रहे हैं। आरयूएचएस में रात में महिलाओं की ईसीजी पुरुष कर रहे हैं।

यह स्थिति तो तब है जबकि चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया ने एक महीना पहले मेडिकल कॉलेजों में महिला की ईसीजी महिला टेक्नीशियन के माध्यम से करने के निर्देश दिए थे। महिला टेक्नीशियन नहीं होने पर भर्ती करने के निर्देश जारी किए थे। आदेश के बाद भी महिलाओं की ईसीजी पुरुष टेक्नीशियन के माध्यम से की जा रही है। इधर, हैल्थ सेक्रेटरी का कहना है कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।

केस 1 एसएमएस; रजिस्ट्रेशन नं. 032201887743
सीने में दर्द की शिकायत पर सोनम को परिजन एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने तत्काल ईसीजी कराने के लिए कहा। परिजन पर्ची कटाकर ईसीजी करने के लिए पहुंचे तो वहां कोई फीमेल टेक्नीशियन नहीं थी। मेल टेक्नीशियन ने ईसीजी कराने से पहले ही पर्ची पर लिखित में देने के लिए कहा। इस पर सोनम के भाई सोनू सिंह ने पर्ची में लिखकर दिया कि...फीमेल स्टाफ नहीं होने के कारण मैं अपनी बहन की ईसीजी मेल स्टाफ से करवा रहा हूं। सोनम का रजिस्ट्रेशन नंबर 032201887743 है।

केस 2 रजिस्ट्रेशन नं. 032201887857
विमला देवी को सीने में दर्द हुआ। उन्हें एसएमएस अस्पताल में परिवार के लोग दिखाने पहुंचे। डॉक्टर ने ईसीजी लिखी। ईसीजी पर महिला टेक्नीशियन नहीं होने पर पुरुष टेक्नीशियन से ईसीजी कराने को विवश होना पड़ा। पुरुष टेक्नीशियन से ईसीजी कराने से पहले बेटे मोनू से लिखित में सहमति ली गई। उनका आरोप है कि बिना लिखित सहमति के ईसीजी करने के लिए टेक्नीशियन तैयार ही नहीं हुआ। जब लिखकर दिया तब जांच हो सकी। विमला का रजिस्ट्रेशन नंबर 032201887857 है। परिजनों ने कहा कि इस विवाद के कारण करीब एक घंटे के बाद ईसीजी कराई जा सकी।

केस 3 बांगड़... रजिस्ट्रेशन नं. 032201895718, बिना लिखित सहमति के नहीं हुई ईसीजी
21 मार्च को बांगड़ में ओम प्रकाश अपनी भांजी की ईसीजी कराने पहुंचे। यहां पर महिला ईसीजी टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं थी। ईसीजी करना जरूरी था। इस पर प्रशासन ने ईसीजी पर्ची पर फीमेल नहीं होने पर मेल टेक्नीशियन के माध्यम से ईसीजी कराने की सहमति लिखवाने के बाद ईसीजी की। रजिस्ट्रेशन नंबर 032201895718 है। इसके अलावा अमिता नाम की पेशेंट से भी लिखित में अनुमति लेने के बाद ईसीजी कराई जा सकी।

लैब टेक्नीशियन की अभी किस अस्पताल में क्या स्थिति है

  • एसएमएस अस्पताल में हर दिन 24 घंटे में 4 हजार मरीजों की ईसीजी होती है। 1150 से अधिक महिलाएं होती हैं। फी मेल इसीजी टेक्नीशियन सिर्फ 5 हैं। रात में तो एक भी नहीं होती हैं।
  • जयपुरिया में हर दिन 600 मरीजों की ईसीजी होती है। 200 से अधिक महिला होती हैं। यहां एक भी महिला ईसीजी टेक्नीशियन नहीं हैं।
  • आयूएचएसएस में 4 ईसीजी टेक्नीशियन हैं, इनमें 2 महिला हैं। यहां पर रोज 700 से अधिक ईसीजी होती है। इसमें से 300 महिलाएं शामिल हैं।
  • दो महिला ईसीजी टेक्नीशियन में कई बार एक अवकाश पर चली जाती हैं। रात के समय तो यहां पर पुरुष ही महिलाओं की ईसीजी करते हैं।
  • कांवटिया में 3 में से 1 महिला,
  • सांगानेरी गेट में 3 में से 2 महिला, चांदपोल में 6 में से 3 महिला ईसीजी टेक्नीशियन हैं। दूसरी ओर, गणगौरी में तो ईसीजी टेक्नीशियन उपलब्ध ही नहीं हैं।

अधिकारी फिर बोले- मामले की जांच कराई जाएगी

  • मुझे जानकारी नहीं है। निर्देश के बाद भी ऐसा हो रहा है तो गलत है। अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। - वैभव गालरिया, हैल्थ सेक्रेटरी ​​​​​​​
  • महिलाओं की ईसीजी महिला टेक्नीशियन से करने के निर्देश दे रखे हैं। वैसे बांगड़ का मामला डॉ राजीव बगरहट्टा देखते हैं। - डॉ. मनोज शर्मा, नोडल अधिकारी​​​​​​​