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NEET फर्जीवाड़े में बड़ा खुलासा:राजस्थान की गैंग UP में तैयार करवाती थी स्टूडेंट्स की फोटोज, चकमा देने के लिए असली और फर्जी अभ्यर्थी की फोटो की जाती थी मिक्स

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: विष्णु शर्मा

NEET भर्ती परीक्षा में 10 लाख रुपए का लालच देकर फर्जी अभ्यर्थियों से परीक्षा दिलवाने वाली गैंग से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। गैंग के तार उत्तरप्रदेश से भी जुड़े हुए हैं। राजस्थान में गैंग के बदमाशों ने परीक्षा केंद्र पर पकड़े जाने से बचने के लिए बहुत बारीकी से तैयारी की हुई थी। जांच में सामने आया कि यह गिरोह मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए NEET भर्ती परीक्षा में आवेदन करने वाले छात्रों के परिवार से मोटी रकम वसूलते थे। स्टूडेंट की पासपोर्ट साइज की फोटो लेते थे। इसी तरह, असली की जगह परीक्षा देने वाले फर्जी अभ्यर्थी की फोटो भी ले लेते थे। दोनों फोटो को मिलाकर फर्जी फोटो तैयार करते थे।

इस तरह तैयार की जाती थी दो फोटो को मिलाकर नई फोटो
असली और फर्जी अभ्यर्थियों की फोटो को उत्तरप्रदेश में एक युवक को सोशल मीडिया मैसेज के जरिए भेजा जाता था। गैंग से जुड़ा यह व्यक्ति दोनों फोटोज को खास सॉफ्टवेयर में एडिट कर मर्ज कर देता था। इससे एक नई फोटो बनाई जाती थी। इसमें दोनों अभ्यर्थियों के चेहरे का आधा-आधा हिस्सा किया जाता था। इसमें ललाट, आंखें, सिर व बालों वाला हिस्सा फर्जी अभ्यर्थी का होता था। वहीं, गाल, ठोडी व गले वाला हिस्सा असली अभ्यर्थी का होता था। इस एडिट की हुई पिक्चर की 10 नई फोटो तैयार की जाती थी। इसको यूपी में मौजूद युवक राजस्थान में बैठी गैंग को सोशल मीडिया के जरिए भेजता था। उसे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर मोटी रकम भेजी जाती थी।

दिल्ली से पकड़ा गया अर्पित स्वामी और 22 लाख रुपए रकम वसूलते वक्त गिरफ्तार गजेंद्र स्वामी
दिल्ली से पकड़ा गया अर्पित स्वामी और 22 लाख रुपए रकम वसूलते वक्त गिरफ्तार गजेंद्र स्वामी

महेंद्र भरता था NEET परीक्षा का फॉर्म, प्रवेश पत्र और एग्जाम फॉर्म में लगाई जाती थी EDIT फोटो
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि राजस्थान की गैंग में मौजूद सीकर में नीमकाथाना में रहने वाले महेंद्र सैनी को यह काम सौंपा गया था। वह खुद ही अपने मोबाइल फोन के जरिए NEET एग्जाम देने वाले अभ्यर्थियों के फॉर्म भरता था। खुद ही OTP नंबर जनरेट करवाता था। उत्तरप्रदेश में एडिट कर तैयार की गई एक नई फोटो अभ्यर्थी के फॉर्म और दूसरी प्रवेश पत्र पर लगती थी। बाकी अपने पास रख लेते थे। महेंद्र सैनी इसकी एवज में बड़ी रकम गैंग के तंजील व डॉ. राकेश राजगुरु से लेता था।

खुर्शीद की मदद से तैयार करवाते थे फोटो
प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया है कि महेंद्र सैनी फोटो एडिटिंग के इस काम को MBBS कर चुके खुर्शीद नाम के डॉक्टर से मिलकर करता था। खुर्शीद और महेंद्र दोनों गहरे दोस्त हैं। इन दोनों ने भी स्कूलिंग के दौरान कोटा में NEET की तैयारी की थी। महेंद्र आगे नहीं पढ़ सका, लेकिन खुर्शीद डॉक्टर बन गया। वह उत्तराखंड में है। खुर्शीद ही यूपी के किसी व्यक्ति की मदद से स्टूडेंट्स की फोटो बनवाता था।

जानकारी के अनुसार खुर्शीद ने महेंद्र सैनी और डॉ. राजन राजगुरु को देहरादून में बुलाया था। राजन पेशे से खुद डॉक्टर है। टॉपर रह चुका था। ऐसे में वही खुर्शीद के साथ मिलकर NEET परीक्षा में टॉपर रह चुके लड़के व लड़कियों से संपर्क करता था। उनको एग्जाम देने के बदले 10 लाख रुपए देने का लालच देता था। यहां रहने व खाने-पीने की व्यवस्था करवाता था।

चार दिन में पकड़े गए गैंग के चार सरगना और छह अभ्यर्थी
नागौर जिले में डीडवाना के एएसपी विमल सिंह नेहरा, लाडनूं थानाप्रभारी राजेंद्र कमांडो, अजमेर रेंज की स्पेशल टीम के कॉन्स्टेबल रामधन चौधरी और प्रेमचंद अडानिया की टीम ने सबसे पहले पांच दिन पहले दिल्ली के विकासपुरी में अर्पित स्वामी को पकड़ा था। वहां कोटा में पढ़ने वाले दो छात्रों के दस्तावेज, उनके परिजनों द्वारा दिए गए मोटी रकम के चैक व अन्य दस्तावेज बरामद किए। तब अर्पित स्वामी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में तंजील का नाम सामने आया।

इसके बाद चारों पुलिस की टीम ने दिल्ली से कोटा पहुंचकर नामी कोचिंग के टीचर तंजील को गिरफ्तार किया। खुद फर्जी अभ्यर्थी के परिजन बनकर अर्पित स्वामी से 22 लाख रुपए देने की डील की। रकम लेने अर्पित की गैंग के गुर्गे गजेंद्र स्वामी को गिरफ्तार किया। तब डॉ. राजन राजगुरु का नाम सामने आया। उसे कोटा से जयपुर आकर पहचान की। रविवार को गोपालपुरा बाईपास पर राजन राजगुरु भी पकड़ा गया। इसके बाद महेंद्र सैनी को भी गिरफ्तार किया गया। इनसे हुई पूछताछ के बाद विभिन्न सेंटरों पर परीक्षा दे रहे छह फर्जी अभ्यर्थियों को जयपुर पुलिस की मदद से पकड़ा गया।

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