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निंबाराम मामले मेंं मतभेद भुलाकर एकजुट हुई बीजेपी:वसुंधरा राजे समर्थक नेताओं को साथ लेकर बीजेपी ने राज्यपाल को दिया ज्ञापन, राजे बोलीं- आरएसएस की छवि को धूमिल करने का असफल प्रयास कांग्रेस को महंगा पड़ेगा

जयपुर2 महीने पहले
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राज्यपाल को ज्ञापन देते बीजेपी नेता, वसुंधरा राजे समर्थक पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी भी मौजूद रहे - Dainik Bhaskar
राज्यपाल को ज्ञापन देते बीजेपी नेता, वसुंधरा राजे समर्थक पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी भी मौजूद रहे

बीवीजी ​घूसकांड वीडियो के आधार पर आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम के खिलाफ एसीबी में मुकदमा दर्ज होने के बाद बीजेपी लगातार गहलोत सरकार पर हमलावर है। निंबाराम प्रकरण पर बीजेपी के सभी धड़े एक होकर कांग्रेस सरकार को घेर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे के समर्थक नेताओं को साथ लेकर निंबाराम प्रकरण पर बीजेपी ने राज्यपाल को ज्ञापन दिया। राजे ने भी बयान जारी करके आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम का एसीबी की एफआईआर में नाम जोड़ने पर सरकार पर हमला बोला है। राजे ने कहा, राजस्थान में चार दशक के उनके (राजे के) राजनीतिक सफ़र में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ,जब किसी राष्ट्रवादी संगठन पर अलोकतांत्रिक तरीक़े से प्रहार किया गया हो। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छवि को धूमिल करने का यह असफल प्रयास कांग्रेस को महंगा पड़ेगा। इससे पहले राजे ने निंबाराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के वक्त भी राज्य सरकार को निशाने पर लिया था।

दिन में बीजेपी नेताओं ने दिया राज्यपाल को ज्ञापन , राजे समर्थक परनामी रहे साथ
निंबाराम मामले में बीजेपी कांग्रेस सरकार पर एसीबी के दुरूपयोग का आरोप लगा रही है। दिन में बीजेपी के बड़े नेताओं ने एकुजट होकर राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलकर उन्हें निंबाराम का नाम एसीबी एफआईआर में शामिल करने के खिलाफ ज्ञापन दिया। राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, सांसद दीयाकुमारी, रामचरण बोहरा, पूर्व बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, अरुण चतुर्वेदी, पूर्व ससंदीय सचिव जितेंद्र गोठवाल, सरदार अजयपाल सिंह शामिल थे। राजे समर्थक अशोक परनामी को लंबे समय बाद इस तरह के प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया।

बीजेपी आगे और हमलावर रुख अपनाएगी

निंबाराम मामले में बीजेपी ने आगे सरकार के खिलाफ लगातार इस मामले में आवाज उठाने की रणनीति बनाई है। निंबाराम से अब तक एसीबी ने पूछताछ नहीं की है। बीजेपी इस मामले में कानूनी राय भी ले रही है, कोर्ट में भी चुनौती देने की तैयारी है। आरएसएस भी निंबाराम के पक्ष में खुलकर सामने आ चुका है, हाल ही सतीश पूनिया की दिल्ली यात्रा में निंबाराम प्रकरण को लेकर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा हुई है। हाईकमान ने राजस्थान बीजेपी को निंबाराम मामले में आक्रामकता से बचाव करते हुए सरकसार काे एकुजट होकर घेरने को कहा है।

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