BJP प्रभारी बोले- उपचुनाव में सहानुभूति लहर रहती है:कहा- राजस्थान में दो मुख्यमंत्रियों में घमासान, एक शपथ लेकर, दूसरे आलाकमान से घोषित

जयपुर7 महीने पहले
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BJP प्रभारी अरुण सिंह बोले-राजस्थान में दो मुख्यमंत्रियों में घमासान - Dainik Bhaskar
BJP प्रभारी अरुण सिंह बोले-राजस्थान में दो मुख्यमंत्रियों में घमासान

राजस्थान के चूरू जिले की सरदार शहर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। लेकिन बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने उपचुनाव में कांग्रेस के कैंडिडेट के लिए सहानुभूति की बात को खुद स्वीकार कर लिया है। सरदारशहर सीट 7 बार के कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के निधन से खाली हुई है। जहां कांग्रेस पार्टी भंवरलाल शर्मा के बेटे अनिल शर्मा को टिकट देने की तैयारी कर रही है। उनका टिकट तय माना जा रहा है। विधायकों के निधन से राजस्थान में खाली हुई सीटों पर पिछले कई उपचुनाव में भी सहानुभूति लहर हावी रही है। अरूण सिंह ने कहा-​​​​​​ उपचुनाव की बात अलग होती है। सहानुभूति लहर होती है। लेकिन बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव लड़ती है। लेकिन हमारा मुख्य टारगेट 2023 का विधानसभा चुनाव है। उसी को देखकर पूरी रणनीति बना रहे हैं। 2023 चुनाव में कांग्रेस का पूरा सूपड़ा साफ हो जाएगा।

सहानुभूति लहर के कारण उपचुनाव में जीते 4 कांग्रेस, 1 बीजेपी विधायक

बीजेपी प्रभारी अरुण सिंह यह फैक्ट ऐसा ही नहीं स्वीकार किया है। पिछले विधानसभा उपचुनाव के ट्रेंड इस बात का सबूत हैं। वल्लभनगर से कांग्रेस के दिवंगत विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत, सहाड़ा सीट से कांग्रेस के दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी की पत्नी गायत्री देवी, सुजानगढ से कांग्रेस के दिवंगत विधायक मास्टर भंवरलाल मेघवाल के पुत्र मनोज मेघवाल को मतदाताओं ने अपना विधायक चुना। इन सभी सीटों पर सहानुभूति वोट और सिम्पैथी फैक्टर हावी रहा। लेकिन जब बीजेपी ने धरियावद से पार्टी विधायक गौतमलाल मीणा के निधन से हुए उपचुनाव में उनके बेटे कन्हैयालाल मीणा का टिकट काटकर खेत सिंह को चुनाव लड़ाया, तो कांग्रेस के पूर्व विधायक नगराज मीणा के हाथों उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। सहानुभूति वोट लेने से बीजेपी चूक गई। बड़ा रणनीतिक फेलियर रहा। वह वोट कांग्रेस प्रत्याशी के खाते में चला गया। लेकिन जब बीजेपी ने राजसमंद से अपनी दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी की बेटी दीप्ति माहेश्वरी टिकट देकर चुनाव लड़ाया था, तो सिम्पैथी वोटों से उनकी जीत हुई थी।

2023 विधानसभा चुनाव पर फोकस

अरुण सिंह बोले- बीजेपी संगठन और कार्यकर्ताओं आधारित पार्टी है। हम संगठन की ताकत से पूरी मजबूती के साथ राजस्थान की जनता के मुद्दों को उठाएंगे। जनता त्रस्त है। जनता त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही है। युवा और किसान परेशान है। उनके मुद्दों के साथ हम आगे बढ़ेंगे और गहलोत सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। 2023 विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रचण्ड बहुमत के साथ जीतने जा रही है। कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में विजय का रथ पूरे देशभर में निकला है। हर जगह जीत हासिल हो रही है। गुजरात और हिमाचल में बीजेपी की प्रचण्ड जीत होने वाली है। राजस्थान में भी प्रचण्ड जीत के साथ हम आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बीजेपी में गुटबाजी की बात को मीडिया का आकलन बताते हुए कहा- बीजेपी के सभी नेता एकजुट होकर एकमत से काम कर रहे हैं। सभी का लक्ष्य यह है कि राजस्थान की जनता के हित में बीजेपी की विकास वाली सरकार बनानी है और कुशासन वाली कांग्रेस सरकार से मुक्ति पानी है।

राजस्थान में दो CM में घमासान, एक ने शपथ ली, दूसरे कांग्रेस आलाकमान से घोषित

अरुण सिंह ने कहा- देश में कोई भी राज्य ऐसा नहीं देखा, जहां राजस्थान की तरह घमासान हो रहा है। यहां एक CM ने शपथ ली है। दूसरे ऐसे हैं, जो कांग्रेस आलाकमान की ओर से घोषित मुख्यमंत्री हैं। अब घोषित मुख्यमंत्री और सत्ता में बैठे हुए मुख्यमंत्री में घमासान हो रहा है। दो-दो मुख्यमंत्री में जो घमासान हो रहा है, उसका खामियाजा राजस्थान की जनता को भुगतना पड़ रहा है। मंत्री रोज गहलोत पर आरोप लगा रहे हैं। आरोप लगाने पर गहलोतजी की यह हिम्मत नहीं होती कि मंत्री-विधायकों को बर्खास्त करें। बल्की उनके कहने पर दो-चार पोस्टिंग कर देते हैं। इससे पूरे प्रदेश में अच्छे अधिकारी साइडलाइन हो गए हैं। भ्रष्ट अधिकारियों की पोस्टिंग दबाव के कारण हुई है। इतनी कॉम्प्रोमाइज और समझौते वाली जो सरकार राजस्थान में चल रही है ऐसा किसी दूसरे प्रदेश में देखने को नहीं मिलता है।

पिछले 4 साल से कुर्सी बचाने का खेल

अरुण सिंह बोले- पिछले 4 सालों से यह लड़ाई चल रही है और राजस्थान में कुर्सी बचाने का खेल चल रहा है। जनता पिस रही है। प्रदेश में जंगल राज कायम है। यहां तक कि अब शादी-ब्याह में भी गुंडे बदमाश आ रहे हैं। शादी-ब्याह भी नहीं करने दे रहे हैं। बैंकों में लूट-डकैती हो रही है। रंगदारी मांगी जा रही है। महिलाओं पर उत्पीड़न हो रहा है। अपराधीकरण चरम पर है। सरेआम गोलियां मारी जा रही हैं। कानून-व्यवस्था नाम की चीज नहीं है। कानून का राज ध्वस्त हो गया है। यहां जंगल राज है। ये लोग आपस में लड़ रहे हैं। इनकी लड़ाई का खामियाजा राजस्थान की भोली भाली जनता को उठाना पड़ रहा है। यह जंगलराज खत्म होना चाहिए। इसके लिए बीजेपी प्रभावी रूप से अपना आंदोलन शुरू करने जा रही है। हम बिल्कुल ईंट से ईंट बजा देंगे। घर घर जाएंगे। गांव में चौपाल करेंगे। किसानों और युवाओं के साथ कांग्रेस सरकार ने वादाखिलाफी की है। किसानों के कर्ज माफ नहीं हुए। युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला। राजस्थान प्रदेश में सबसे ज्यादा पेट्रोल-डीजल का दाम है। उत्तरप्रदेश, हरियाणा में पेट्रोल-डीजल यहां से सस्ता है। राजस्थान सरकार के कुशासन के कारण महंगाई की मार हो रही है।