• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • BJP Will Contest The Assembly Elections On PM Modi's Face Without Projecting CM, Clear Message To The Leaders In The Queue Of CM Face To End The Tussle

बीजेपी में चेहरों की लड़ाई थामने की नसीहत:बिना सीएम प्रोजेक्ट किए पीएम मोदी के चेहरे पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी बीजेपी, नेताओं को खींचतान मिटाने का साफ संदेश

जयपुर2 महीने पहले

विधानसभा चुनावों में अभी दो साल से ज्यादा का समय है। बीजेपी में बड़े नेताओं में आपसी खींचतान खुलकर सामने आ रही है। इसे कम करने के लिए अभी से अंदरूनी तौर पर प्रयास शुरू हो गए हैं। कुंभलगढ़ में दो दिन तक बीजेपी के चिंतन शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में सीएम फेस की कतार में खड़े नेताओं को खींचतान मिटाने का साफ मैसेज दे दिया गया है। बीजेपी विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी के चेहरे के साथ सामूहिक नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने का फार्मूला अपनाएगी।

बीजेपी की चिंतन बैठकें पहले भी होती रही हैं, लेकिन इस बार की चिंतन बैठक ऐसे माहौल में हुई है, जब पार्टी के भीतर सीएम फेस और सीएम इन वेटिंग बनने के लिए नेताओं की लंबी कतार है। कई केंद्रीय मंत्री, सांसद और बीजेपी नेता खुद को पिछले सवा साल से सोशल मीडिया पर सीएम फेस प्रोजेक्ट करने में लगे हैं।

ऐसे सभी नेताओं की एक्सरसाइज से पार्टी के भीतर जबर्दस्त खींचतान का माहौल बन गया। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का खेमा भी मुखर होकर मुद्दे उठाता रहता है। केंद्रीय नेतृत्व ने खींचतान मिटाने के लिए ही अब चिंतन शिविर के जरिए मैसेज दे दिया है कि सीएम फेस प्रोजेक्ट ही नहीं होगा।

चिंतन शिविर के आखिरी दिन योग करते बीजेपी नेता।
चिंतन शिविर के आखिरी दिन योग करते बीजेपी नेता।

पीएम का चेहरा रहेगा आगे
राजस्थान बीजेपी में कांग्रेस की तरह ही लगातार चल रही खींचतान और खेमेबंदी को मिटाने के लिए सामूहिक नेतृत्व का फार्मूला ईजाद किया गया है। राजस्थान में पार्टी विपक्ष में है। इसलिए यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा और केंद्र के कामकाज के आधार पर पार्टी वोट मांगने उतरेगी। पीएम का चेहरा सामने करके स्थानीय सीएम फेस की लड़ाई को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

गुजरात मॉडल से चुनाव लड़ेगी बीजेपी
बीजेपी इस बार के विधानसभा चुनाव में गुजरात मॉडल पर चुनाव मैदान में उतरेगी। गुजरात मॉडल के आधार पर हर बूथ स्तर तक चुनाव से पहले ही 20 वोटर पर एक कार्यकर्ता की ड्यूटी लगाई जाएगी। हर बूथ पर पन्ना प्रमुख और हाफ पन्ना प्रमुख अप्रैल तक नियुक्त करने का टारगेट दिया गया है।

इस फार्मूले पर पूरे देश में काम चल रहा है। राजस्थान में इस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। गुजरात मॉडल की शुरुआत सूरत से की गई थी, जो बाद में कई जगह सफल रहा। इस मॉडल से चुनाव में जीत की संभावना बढ़ जाती है। गुजरात मॉडल पर चुनाव लड़ने से सीएम फेस की लड़ाई खत्म हो जाएगी।

खबरें और भी हैं...