दिल्ली गैंगरेप मामले में भाजपा का पलटवार:संबित पात्रा बोले- राजस्थान रेप में नंबर-वन, रोज 16 दुष्कर्म होते हैं, परिजनों से मिले राहुल- केजरीवाल, मजिस्ट्रियल जांच होगी

जयपुर/नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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डीजीपी एमएल लाठर का कहना है कि राजस्थान में तत्काल पंजीकरण करने की व्यवस्था सरकार ने लागू कर रखी है। - Dainik Bhaskar
डीजीपी एमएल लाठर का कहना है कि राजस्थान में तत्काल पंजीकरण करने की व्यवस्था सरकार ने लागू कर रखी है।

दिल्ली में नौ साल की बच्ची की दुष्कर्म और हत्या के मामले में राजनीति तेज हाे गई है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार काे पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। राहुल ने कहा, पीड़ित परिवार इंसाफ चाहता है। इंसाफ मिलने तक हम उनके साथ खड़े रहेंगे। वहीं, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा, लेकिन दुष्कर्म के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए।

पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी काे छत्तीसगढ़, राजस्थान और पंजाब में जघन्य मामले नहीं दिखाई देते हैं। राजस्थान दुष्कर्म के मामले में देश में नंबर-वन है। बता दें कि नेशल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2019 की रिपोर्ट के अनुसार दुष्कर्म के दर्ज मामलाें में राजस्थान पहले नंबर पर है। प्रदेश में हर दिन दुष्कर्म की 16 घटनाएं हाेती है।

इनमें भी 94 प्रतिशत वारदातें परिचित के द्वारा की जा रही हैं। एक साल में देशभर में 30868 पीड़िताओं से दुष्कर्म हुआ। थानाें में कुल मामले 30641 दर्ज हुए। इनमें से राजस्थान में 5997 मामले दर्ज हुए। जाे देश भर में सबसे ज्यादा है।

उधर, दिल्ली गैंगरेप कांड में सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और मजिस्ट्रियल जांच का ऐलान किया। उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार बड़े से बड़ा वकील लगाएगी ताकि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके। साथ ही पीड़ित परिजनों को 10 लाख की आर्थिक मदद का भी ऐलान किया।

  • NCRB की रिपोर्ट; 2019 में राजस्थान में 5997 बलात्कार हुए
  • DGP का तर्क; देश में दुष्कर्म के कुल झूठे मामलों में 37% प्रदेश में दर्ज

वहीं, डीजीपी एमएल लाठर का कहना है कि राजस्थान में तत्काल पंजीकरण करने की व्यवस्था सरकार ने लागू कर रखी है। इसी के चलते थानाें में पंजीकरण लगातार बढ़ रहा है। मामला दर्ज करने के बाद जांच करते हैं। देशभर में दुष्कर्म के जितने मामले दर्ज हाेते हैं उसके 37 प्रतिशत मामले राजस्थान में जांच में झूठे पाए गए हैं। राजस्थान में कुल दर्ज हाेने वाले मामलाें में भी 42 प्रतिशत जांच में गलत पाए गए हैं।

इस साल लाॅकडाउन में भी 30 प्रतिशत तक बढ़ गए अपराध

प्रदेश में वर्ष 2021 में लाॅकडाउन के बाद भी अपराध बढ़ रहे हैं। जनवरी से जून तक छह माह में गत वर्ष की तुलना में 30% अपराध बढ़ गए। जून में ही 30 दिन में दुष्कर्म के 561 मामले आए। 3 साल की तुलना करें ताे छह माह में दुष्कर्म के ये सबसे ज्यादा मामले हैं। इस साल प्रदेश में 3022 मामले दुष्कर्म के सामने आए। पुलिस ने इनमें से 767 मामलाें काे गलत मानकर एफआर लगा दी।

एससी-एसटी महिलाओंं से गत 6 माह में रेप के सर्वाधिक केस

एससी-एसटी महिलाओं से दुष्कर्म के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गत तीन साल की जनवरी से जून 21 तक के अपराधों की तुलना करें ताे एससी के खिलाफ 2021 में सर्वाधिक केस दर्ज हुए।

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