नई आफत:कोरोना के साथ अब ब्लैक फंगस का खतरा मंडराया, दवा खरीद के आदेश

जयपुरएक वर्ष पहले
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा। - Dainik Bhaskar
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने बताया कि कोविड के बाद मधुमेह से ग्रसित लोगों में होने वाली बीमारी ‘ब्लैक फंगस’ के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने बीमारी के दौरान काम आने वाली दवाओं की आपूर्ति के साथ उपचार के लिए भी कदम उठाने शुरू किए हैं।

डॉ शर्मा ने बताया कि संक्रमण में काम आने वाली दवाओं के संबंध में क्रयादेश जारी कर दिए गए हैं। विशेष रूप से ब्लैक फंगस बीमारी के इलाज में काम आने वाली दवा लाइपोजोमल एम्फोटेरिसिन बी की आपूर्ति के लिए सीमित निविदा आमंत्रित कर संबंधित फर्म को क्रय के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

एंटीबॉडी कॉकटेल दवा भी मिलेगी
एमएससीएल के प्रबंध निदेशक आलोक रंजन ने बताया कि भारत सरकार द्वारा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित 2 डीजी दवा तथा रोश फार्मा की एंटीबॉडी कॉकटेल दवा जो कैसेरिविमैब व इम्डेविमैब का कॉकटेल है, को कोरोना उपचार के लिए मंजूरी दी है।

दवा किट क्रय के भी आदेश जारी : राज्य के प्रत्येक घर पर कोरोना औषधि किट उपलब्ध कराया जाना है। इस किट में शामिल औषधियों एजीथ्रोमाइसीन, पेरासीटामोल, लेवोसिट्रीजिन, जिंक सल्फेट और एक्रोबिक एसिड के क्रयादेश जारी कर दिए गए हैं। टोसिलीजूमेब इंजेक्शन 80 एमजी के लिए भी 14 मई को आपूर्ति के लिए क्रयादेश जारी कर दिए गए हैं।

ट्राइएज एरिया बनाया जाएगा कोविड डेडिकेटेट अस्पतालों में

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कोविड डेडिकेटेड अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को आ रही समस्याओं के तुरंत निदान और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को और दुरुस्त करने के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और नियंत्रकों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं।

गाइडलाइन के अनुसार कोविड डेडिकेटेड सभी अस्पतालों में ऐसा ट्राइएज एरिया विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जहां आने वाले नए मरीज को भर्ती करने से पहले चिकित्सक जांच लें।

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