बीजेपी का चिंतन शिविर:विधानसभा चुनाव-2023 का ब्लू प्रिंट तैयार; माेदी सरकार की याेजनाओं के दम पर उतरेगी बीजेपी

कुंभलगढ़ से हर्ष खटाना2 महीने पहलेलेखक: हर्ष खटाना
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राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर मुख्य दुर्ग के ऊपर नहीं गए। गणेश मंदिर के दर्शन किए। परिसर स्थित शिव मंदिर गए। लौटते हुए मुख्य किला दिखा ताे, वहीं से इन हाथ जोड़कर महाराणा प्रताप काे नमन किया।फोटो : अशोक सोनी - Dainik Bhaskar
राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर मुख्य दुर्ग के ऊपर नहीं गए। गणेश मंदिर के दर्शन किए। परिसर स्थित शिव मंदिर गए। लौटते हुए मुख्य किला दिखा ताे, वहीं से इन हाथ जोड़कर महाराणा प्रताप काे नमन किया।फोटो : अशोक सोनी

कुंभलगढ़ में बीजेपी के दाे दिवसीय चिंतन शिविर के पहले ही दिन 2023 के विधानसभा चुनावाें का ब्लू प्रिंट रख दिया गया है। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संताेष और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने ब्लू प्रिंट में माेदी सरकार की याेजनाओं, खाताें में ट्रांसफर की गई आर्थिक सहायताओं, बूथ, मंडल, शक्ति और पन्ना प्रमुख इकाइयों की मजबूती जैसे बिंदु प्रमुख रूप से शामिल किए। माॅनिटरिंग और सेल्फ असेसमेंट भी जाेड़ा गया है। शिविर में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और गजेंद्र सिंह शेखावत निजी कारणाें से शामिल नहीं हाे सकें।

चिंतन शिविर में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर, अशोक परनामी, अरुण चतुर्वेदी, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, विधायक वासुदेव देवनानी, सांसद निहालचंद मेघवाल, राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद राज्यवर्धन राठौड़, सांसद सुमेधानंद सरस्वती, प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर, सांसद सीपी जोशी, पीपी चौधरी, दीया कुमारी, कनकमल कटारा, भाजपा प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य, प्रदेश महामंत्री, संभाग प्रभारी आदि उपस्थित थे।

चिंतन के लिए ऐसी जगह चुनी, जहां 8 से 10 किमी तक नेटवर्क नहीं आता
यह चिंतन शिविर कुंभलगढ़ अभ्यारण क्षेत्र से जुड़े उदावड़ गांव में आयोजित किया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में बने इस इस रिसाेर्ट में 8 से 10 किमी तक माेबाइल नेटवर्क नहीं है। बताया जाता है कि एकांत में चिंतन शिविर रखने का मुख्य मकसद यह ही है कि नेता फाेन करने या सुनने में व्यस्त नहीं हाे।

जनभावनाओं के अनुसार काम जरूरी : संतोष
बीएल संतोष ने कहा कि बीजेपी विश्व की नंबर वन राजनीतिक पार्टी बन गई है। पार्टी को स्थायी व मजबूत बनाने के लिए हमें जन भावनाओं के अनुसार कार्यक्रम भी बनाने पड़ेंगे।

गुटबाजी में उलझी कांग्रेस काे हराना आसान : सिंह
प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने कांग्रेस की कमियाें काे जनता के बीच रखने का संदेश दिया। कांग्रेस आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है। इसका फायदा बीजेपी काे भविष्य में मिलने जा रहा है।

प्रदेश में काेई सुरक्षित नहीं : सतीश पूनियां
प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि प्रदेश में कोई भी सुरक्षित नहीं है। भर्तियों में भ्रष्टाचार हो रहा है। झालावाड़, अलवर सहित कई जिलों के मॉब लिंचिंग के मामले बढ़े रहे हैं।

माेदी सरकार जनता से सीधे कनेक्ट : मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि माेदी सरकार जनता से सीधे कनेक्ट है। जनधन खातों में पैसे भेजना, पीएम सम्मान योजना से जोड़ना सहित कई योजनाएं सीधे लाभ दे रही हैं।

यू समझें मेवाड़ ही क्याें : राजस्थान में सत्ता की चाबी मेवाड़ में रहती है। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में ये मिथक टूट गया था।

मेवाड़ में इसलिए बढ़ी संघ-भाजपा की हलचल

  • संभाग से जुड़े दाे विधानसभा क्षेत्राें में वल्लभनगर-धरियावाद में उप चुनाव होने हैं।
  • मेवाड़ से जुड़े आदिवासी क्षेत्र में बीटीपी के बढ़ते प्रभाव और खिसकते वोट बैंक को रोकना।
  • महाराणा प्रताप से जुड़े भाजपा के विवाद को थामने की भी कवायद है। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के महाराणा प्रताप से जुड़े एक विवादित बयान के बाद पार्टी को हुए सियासी नुकसान की भरपाई के लिए भी कुंभलगढ़ से उपयुक्त जगह चिंतन बैठक के लिए कोई दूसरी नहीं हो सकती थी।
  • आरएसएस की दृष्टि से भी मेवाड़ महत्वपूर्ण है। सरसंघचालक मोहन भागवत के उदयपुर प्रवास के पीछे भी कई कारण रहे हैं। आदिवासी क्षेत्र में धर्मांतरण के कई मामले सामने आए।
  • आदिवासियों का धर्म हिंदू नहीं होने से जुड़े नेताओं के बयान भी इस क्षेत्र के लिए काफी मायने रखते हैं।
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