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नगर निगम चुनाव 2020:दोनों मेयर सीट पर ओबीसी महिला होंगी, अबकी बार डिप्टी मेयर के लिए नामचीन चेहरों में संघर्ष

जयपुर8 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।
  • बोर्ड में मेयर के बाद बची ताकतवर कुर्सी चाहिए, इसलिए दावेदारी भी दमदार
  • बिना चुनाव लड़े किसी कार्यकर्ता को मेयर बनाए जाने का रास्ता भी दोनों ही दलों के लिए खुला

हेरिटेज व ग्रेटर में बंटे जयपुर नगर निगम में यह पहला मौका होगा, जब डिप्टी मेयर की सीट बहुत महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि पहली बार बने दो नगर निगमों के दोनों ही मेयर की सीटों पर ओबीसी महिला के नाम लॉटरी लग चुकी है। बिना चुनाव लड़े किसी कार्यकर्ता को मेयर बनाए जाने का रास्ता भी दोनों ही दलों के लिए खुला हुआ है।

इसके बावजूद भाजपा व कांग्रेस में बतौर कार्यकर्ता ओबीसी महिलाओं की स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं है। इसलिए इस बार मेयर की तरह डिप्टी मेयर का पद भी ज्यादा प्रभावशाली रहेगा। कारण यह भी है कि डिप्टी मेयर सामान्य पुरुष में से ही चुने जाने की संभावना ज्यादा है।

इन्हीं संभावनाओं के चलते भाजपा व कांग्रेस के पूर्व पार्षद व कार्यकर्ता पार्षद का टिकट मांग रहे हैं। दोनों दलों के विधायक भी अपने नजदीकी को सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं, इसीलिए कि मेयर नहीं तो डिप्टी मेयर ही खुद का बना लिया जाए, क्योंकि जो सक्रिय रहेगा नगर निगम के बोर्ड उसी के कब्जे में होगा।

हैरिटेज नगर निगम
हवामहल, किशनपोल, सिविल लाइंस, आमेर व आदर्श नगर विधानसभा के 100 वार्डों से हेरिटेज निगम बना है। आमेर के 4 वार्ड छोड़ दिया जाएं तो शेष 96 वार्डों पर कांग्रेस के विधायक काबिज हैं। कांग्रेस का बोर्ड बनता है तो पहला मौका होगास जब सिविल लाइंस विधानसभा से ही मेयर-डिप्टी मेयर दोनों चुने जाएं। मेयर सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी के हिसाब से तय होगा। डिप्टी मेयर का चुनाव केबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास करेंगे। पहला नाम मनोज मुदगल का है, जिन्हें वार्ड 35 से उतारा जा सकता है।

वार्ड 36 से पार्टी उमरदराज को उतार सकती है, जो निगम के नेता प्रतिपक्ष भी थे। वार्ड 24 से धर्मेंद्र सिंह और 71 से अरविंद मेठी डिप्टी मेयर के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। ये अमीन कागजी के नजदीक बताए जाते हैं। भाजपा बोर्ड बनाती हैं तो मेयर का पद कुसुम यादव को मिलने की संभावना है। डिप्टी मेयर के लिए वार्ड 58 से अरुण खटोड़ और 71 से राजेश आंकड़ और वार्ड 95 से महेश कलवानी दावेदार माने जा रहे हैं। महेश पिछले बोर्ड में भी चेयरमैन रह चुके हैं।

ग्रेटर नगर निगम
विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, सांगानेर, बगरू व मालवीय नगर विधानसभा के 150 वार्डों से ग्रेटर निगम बना है। बगरू के 21 वार्डों को छोड़ दें तो शेष 129 वार्डों पर भाजपा विधायक काबिज हैं। भाजपा का बोर्ड बनता है तो पहला मौका होगा जब मेयर व डिप्टी मेयर दोनों सांगानेर से चुने जाएं। यहां से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी की पुत्रवधु रेणुका सैनी प्रबल दावेदार बताई जा रही हैं। विधायक अशोक लाहोटी करीबी चेयरमैन की पत्नी को मेयर बनाने की लॉबिंग कर रहे हैं। डिप्टी मेयर भी करीबी ही चाहते हैं।

डिप्टी मेयर के लिए मालवीय नगर व विद्याधर नगर से भी दावेदारी है। वार्ड 133 से पुनीत करनावट व वार्ड 150 से पूर्व चेयरमैन संजीव शर्मा दावेदार हैं। वार्ड 20 के भंवरसिंह राठौड़ व वार्ड 36 से दिनेश अमन का नाम है। झोटवाड़ा से मान पंडित की दावेदारी हो सकती है। कांग्रेस की ओर से वार्ड 18 से पूर्व चेयरमैन भगवत सिंह देवल व वार्ड 3 के गोपाल कृष्ण शर्मा दावेदार हैं। अनंत शर्मा व सांगानेर से पूर्व उपनेता धर्मसिंह सिंघानिया भी दावेदारी जता रहे हैं।

रोचक यह भी है- जो डिप्टी मेयर बना, पार्टी में आगे नहीं बढ़ पाया
नगर निगम में जो मेयर बना वो तो विधायक बना अथवा सांसद का चुनाव लड़ सका लेकिन सबसे रोचक यह है कि जो भी डिप्टी मेयर रहा वह कार्यवाहक मेयर तो बन सका लेकिन उसके बाद कभी भी संगठन अथवा सक्रिय राजनीति में आगे नहीं जा सका। इसके कई उदाहरण रहे हैं, जैसे पवन शर्मा, विमल कुमावत, पंकज जोशी, मनीष पारीक व मनोज भारद्वाज हैं। इनमें से अधिकतर विधायक का टिकट मांग चुके हैं लेकिन मिला नहीं। और न ही पार्टी की मुख्य धारा में आ सके।

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