पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Both The High Command In Rajasthan And Punjab, Both The CMs Are Not Only Taking Out The Wind Of Rebellion, But Also Successful In Saving The Government.

अशोक और अमरिंदर की एक जैसी कहानी:राजस्थान और पंजाब में दोनों आलाकमान, दाेनाें ही सीएम न केवल बगावत की हवा निकाल रहे, बल्कि सरकार को बचाने में भी सफल

जयपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह। - Dainik Bhaskar
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बगावत की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन दोनों ही मुख्यमंत्री न केवल बगावत की हवा निकाल रहे बल्कि खुद की सरकार को पूरी तरह से सुरक्षित रखे हुए हैं। कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व चाहकर भी दोनों ही राज्यों में बहुत ज्यादा दखल दे पाने की स्थिति में नहीं है।

दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री ही सब कुछ है। यहां तक की आलाकमान की भूमिका में भी मुख्यमंत्री ही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अमरिंदर सिंह के बीच किस तरह की समानता है, जरा आप भी पढ़िए।

अशोक गहलोत: बसपा व निर्दलीयों को तोड़ ताकत बढ़ाई

  • राजस्थान में अशोक गहलोत के खिलाफ सचिन पायलट बगावत की आवाज को बुलंद किए हुए हैं, लेकिन असर कुछ भी नहीं हो पा रहा।
  • बगावत के बावजूद निर्दलीयों की मदद से अशोक गहलोत संख्या बल को बनाए हुए हैं, जिससे सरकार की मजबूत स्थिति बनी हुई है।
  • प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बावजूद राजस्थान में सचिन पायलट काे सत्ता में फिर से हिस्सेदारी नहीं मिल पा रही है।
  • सरकार की स्थिति इतनी अधिक मजबूत है कि सारे फैसले सीएम के स्तर पर ही होते हैं। यहां पर कांग्रेस प्रभारी की भूमिका शून्य हो चुकी है।
  • ब्यूरोक्रेसी से लेकर राजनीतिक नियुक्तियां कैसे, कब और किसकी करनी है, यह सब सीएम खुद तय करते हैं। किसी का दखल नहीं है।

कै. अमरिंदर सिंह : आप विधायक तोड़ संख्या बल बढ़ाया

  • पंजाब में नवजाेत सिंह सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ बागी तेवर से कांग्रेस में सियासी हलचल तेज है पर असर कुछ भी नहीं पड़ा।
  • गहलोत की तर्ज पर पिछले दिनों अमरेंद्र सिंह ने आप के विधायकों को तोड़ कर अपनी संख्या बल को बढ़ा दिया।
  • राहुल गांधी के दखल के बावजूद आज तक कांग्रेस नवजोत सिंह को पंजाब में कैप्टन के विकल्प के तौर पर स्थापित नहीं कर पाई है।
  • कैप्टन की पंजाब में स्थिति इतनी मजबूत है कि वह अपने राज्य में तमाम फैसले खुद ही करते हैं। ऐसे में पंजाब में कैप्टन ही आलाकमान की भूमिका में हैं।
  • गहलोत की तर्ज पर ही पंजाब में ब्यूरोक्रेसी से हर बड़े फैसले सीएम के स्तर पर होते हैं। किसी का दखल नहीं है।
खबरें और भी हैं...