सिस्टम लीक:इंटरव्यू में घूसखोरी, पेपर आउट पर कब लगेगी लगाम, बंद कीजिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़

जयपुरएक वर्ष पहलेलेखक: विनाेद मित्तल
  • कॉपी लिंक
पेपर आउट होने और सवालों पर आपत्ति के बाद परिणाम जारी करने के अनेकों मामले आयोग में हो चुके हैं। - Dainik Bhaskar
पेपर आउट होने और सवालों पर आपत्ति के बाद परिणाम जारी करने के अनेकों मामले आयोग में हो चुके हैं।
  • आरएएस-2013 व एलडीसी के पेपर परीक्षा से पहले ही हो गए थे लीक
  • 23 लाख की घूसखोरी से राजस्थान लोकसेवा आयोग फिर विवादों में, पेपर लीक और सवालों में गफलत के बढ़ रहे मामले

आरएएस अफसर बनाने को लेकर हुए घूसकांड के बाद राजस्थान लोकसेवा आयोग एक बार फिर विवादों में आ गया है। इससे पहले भी आरएएस भर्तियों को लेकर बड़े विवाद हो चुके हैं। पिछले 10 साल में देखे तो कई भर्तियां ऐसी हैं जिनको लेकर बड़े आयोग की कार्यशैली हमेशा कटघरे में खड़ी रही है। आठ साल पहले आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष तो अपनी बेटी को आरजेएस बनाने के लिए पेपर प्रिंट करने वाली एजेंसी से पेपर तक ले आए थे। यही नहीं पेपर आउट होने और सवालों पर आपत्ति के बाद परिणाम जारी करने के अनेकों मामले आयोग में हो चुके हैं।

आठ साल पहले तो तत्कालीन आयोग अध्यक्ष परीक्षा से पहले ही ले आए थे पेपर

एसओजी ने 2013 में तत्कालीन आयोग अध्यक्ष हबीब खान के खिलाफ आरजेएस -2013 की मुख्य परीक्षा का प्रश्न पत्र चुराने का मामला दर्ज किया था। तब उनकी बेटी यह परीक्षा दे रही थी। हबीब खान पर आरोप लगा था कि वे अहमदाबाद स्थित प्रिंटर्स से प्रूफ रीडिंग के बहाने पेपर ले आए थे। बाद में उन्होंने सितंबर 2014 में इस्तीफा दे दिया।

पेपर लीक करने वाले ही बन गए थे टॉपर : आरएएस 2013 में प्री परीक्षा का पेपर 3-3 लाख रुपए में बिक गया था। 978 पदों पर भर्ती की यह परीक्षा 26 अक्टूबर 2013 को हुई और परिणाम 11 जून 2014 को आया। इसके परिणाम में टॉप 50 में करौली के ही 32 अभ्यर्थी थे। पेपर लीक मामले में तब एसओजी ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था और 11 जुलाई 2014 को प्री परीक्षा रद्द कर दी गई

सवाल ही सवालों के घेर में, संशोधित परिणाम जारी हुआ

संस्कृत शिक्षा के लिए तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2009 में कई गलत जवाबों को सही मान लिया गया। मामला कोर्ट पहुंचा तो आयोग को संशोधित परिणाम जारी करना पड़ा।

जवाब में ऐसी गफलत की 3 बार जारी हुआ परिणाम

आयोग ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2011 निकाली। इस भर्ती के प्रश्नों के जवाबों में ऐसी गफलत हुई कि आयोग को 3 बार परिणाम जारी करना पड़ा था।

एलडीसी भर्ती का पेपर हो गया था लीक

आयोग के एलडीसी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। आयोग को परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इसका मामला भी एसओजी में चला था।

हैडमास्टर भर्ती का दो बार जारी हुआ परिणाम

हैडमास्टर भर्ती 2011 का परिणाम भी आयोग को दो बार जारी करना पड़ा था। यह परीक्षा 4 हजार पदों के लिए हुई थी।

अन्य परीक्षाओं के भी बुरे हाल

  • 2011 में पटवार भर्ती परीक्षा में दो बार परिणाम जारी हुआ
  • 2011 में हुई आरटेट में भी कई गलत जवाबों को सही मान लिया। मामला कोर्ट पहुंचा तो दो साल बाद संशोधित परिणाम जारी हुआ।
  • जेल प्रहरी परीक्षा 2015 परीक्षा को भी पेपर लीक के चलते रद्द करना पड़ा था। इसमें 925 पद थे।
  • रोडवेज में 2011-12 में हुई ड्राइवर-कंडक्टर भर्ती में पेपर रद्द कर दिया गया था। इसको फिर से आयोजित करना पड़ा था।
  • लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा का 29 दिसंबर 2019 और जेईएन सिविल डिग्रीधारी भर्ती परीक्षा का 6 दिसंबर 2020 को हुआ पेपर लीक हो गया था। दोनों की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।
  • पिछले साल मेडिकल ऑफिसर भर्ती का पेपर भी तीसरी बार लिया गया था। दो बार पेपर लीक के चलते रद्द करनी पड़ी थी।
  • कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2018 को पहले ऑनलाइन हुई थी। रद्द हुई। बाद में ऑफलाइन आयोजित किया गया था।
  • रीट-2021 में भी परीक्षा से पहले पेपर लीक गिरोह सक्रिय है। पिछले दिनों इस मामले में जवाहर नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। जिसमें रीट के पेपर के 100 करोड़ रुपए में डील का मामला सामने आया था। रीट की परीक्षा इस साल 26 सितंबर को होनी है।