सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे छात्र:जयपुर में सातवें दिन भी बीएसटीसी अभ्यर्थियों का धरना जारी, रीट लेवल-1 से बीएड धारियों को बाहर करने की है मांग

जयपुरएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शदीद स्मारक पर धरने पर बैठे अभ्यर्थी। - Dainik Bhaskar
शदीद स्मारक पर धरने पर बैठे अभ्यर्थी।

राजस्थान में रीट लेवल-1 में बीएड और बीएसटीसी अभ्यर्थियों के बीच बढ़ता जा रहा है। 26 अक्टूबर को हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई होने वाली है। लेकिन सुनवाई से पहले ही बीएसटीसी अभ्यर्थी लेवल-1 से बीएड धारियों को बाहर करने की मांग को तेज करने लगे हैं। वहीं एनसीईटी की ओर से 14 अक्टूबर को जारी गजट नोटिफिकेशन ने कहीं ना कहीं बीएड और बीएसटीसी दोनों ही अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में जयपुर में धरने पर बैठे बीएसटीसी अभ्यर्थियों ने अब उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

जयपुर के शदीद स्मारक पर धरने पर बैठे बेरोजगार नेता महेन्द्र शर्मा ने बताया की पिछले 7 दिनों से प्रदेशभर से बीएसटीसी अभ्यर्थी एक ही मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। लेकिन अभी तक भी सरकार के किसी प्रतिनिधि ने वार्ता नहीं की है। ऐसे में जब तक बीएसटीसी अभ्यर्थियों को लिखित में आश्वासन नहीं मिलता है। तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

धरने पर बैठे बीएसटीसी अभ्यर्थी सचिन शर्मा ने कहा कि शुरूआत से ही कक्षा 1 से 5वीं तक बीएसटीसी अभ्यर्थियों को लेवल-1 में रखा गया है। ऐसे में अब लेवल-1 में बीएड धारियों को शामिल किया जाता है। तो करीब 80 से 90 फीसदी बीएसटीसी अभ्यर्थी नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। ऐसे में सरकार की ओर से हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी की जाए।

वहीं धरने पर बैठे रामकेश ने बताया की एनसीईटी की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित कई राज्यों में इस अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। साथ ही कई राज्यों में भर्ती के समय निकाली गई विज्ञप्ति में लेवल-1 में बीएड धारियों को बाहर किया गया। जबकि लेवल-1 में बीएसटीसी अभ्यर्थियों का हक रहा है। ऐसे में सरकार प्रदेश के लाखों बेरोजगारों के हक को 26 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में मजबूती के साथ पक्ष रखा जाए।

खबरें और भी हैं...