चार विधानसभा सीटाें पर हाेने हैं उपचुनाव:उपचुनाव की घोषणा इसी हफ्ते में, जिताऊ चेहरों की तलाश में जुटी बीजेपी-कांग्रेस

जयपुर8 महीने पहले
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  • 2 मई को परिणाम होगा जारी

राजस्थान सहित अन्य राज्याें में विधानसभा उप चुनाव की घाेषणा इसी हफ्ते हाेगी। पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्याें में हाेने वाले विधानसभा चुनाव के चाैथे से आठवें चरण के बीच राजस्थान सहित अन्य राज्याें में उप चुनाव का कार्यक्रम बनाया जा रहा है ताकि 2 मई काे एकसाथ परिणाम जारी हाे सकें।

ऐसे में तय माना जा रहा है कि एक हफ्ते के अंदर चुनाव कार्यक्रम जारी हाेगा और इन चार विधानसभा क्षेत्राें सहाड़ा, राजसमंद, वल्लभनगर और सुजानगढ़ पर आचार संहिता प्रभावी हाे जाएगी। उधर बीजेपी - कांग्रेस दाेनाे के लिए साख का सवाल है। इसलिए दाेनाे ही पार्टी जिताऊ चेहरों की तलाश में जुटी है। हालांकि दाेनाे ही पार्टियाें में कई नेताओं ने दावेदारी जताई है।

4 सीटाें के परिणाम बीजेपी और कांग्रेस नेतृत्व की दशा और दिशा तय करेंगे
प्रदेश में भले ही चार विधानसभा सीटाें पर चुनाव हाे रहा है लेकिन बीजेपी और कांग्रेस के लिए इन चुनाव के परिणाम बेहद अहम है। बीजेपी में फ्यूचर लीडरशिप की दशा और दिशा तय हाेगी। वहीं कांग्रेस के लिए यह सरकार के कामाें पर जनता की वाेटिंग हाेगी। भाजपा और कांग्रेस दाेनाे के लिए अपनी पार्टी काे गुटबाजी से पार पाने की चुनाैती है। हालांकि बीजेपी में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद पार्टी काे एकजुट करने के लिए जयपुर आए और सभी नेताओं काे एक मंच पर लाए । प्रभारी अरूण सिंह ने असंतुष्ट नेताओं से भी मुलाकात करके एकजुट रहने का संदेश दिया।

उधर कांग्रेस में गुटबाजी और आपसी विवाद है। हालांकि हाल ही में कांग्रेस सरकार ने इन विधानसभा क्षेत्राें में बजट से पहले और बजट घाेषण में विशेष ध्यान रखा है। ऐसे में गहलाेत सरकार ने चाराें जगहाें पर कांग्रेस काे मजबूती से खड़ा कर दिया है। बहरहाल चुनाव के नतीजे गहलाेत सरकार और बीजेपी के अधिक मायने रखते है। चार में से तीन सीट कांग्रेस के खाते में थी और एक राजसमंद सीट बीजेपी के खाते की थी। उधर आरएलपी भी चुनाव मैदान में है और मुकाबले काे त्रिकोणीय बनाने जाेर- अजमाइश कर रही है।

6 माह का नियम प्रभावित
छह महीने में चुनाव के जरिए सीट भरने का नियम है लेकिन प्रदेश की सहाड़ा विधानसभा सीट पर ये नियम निर्धारित समय पर पूरा नहीं हाेगा। चुनाव की घाेषणा, मतदान और परिणाम आने में एक महीने का फर्क पड़ जाएगा। गौरतलब है कि विशेष परिस्थितियों में चुनाव टाले जाने का नियम है लेकिन राज्य स्तर पर ऐसी काेई विशेष परिस्थिती नहीं है। इस वजह से कांग्रेस ने चुनाव आयाेग पर राजनीति से प्रभावित हाेने के आराेप लगाए है।

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