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10 महीने में धन दुगना करने का झांसा देकर ठगी:मछली पालन व्यवसाय के लिए जयपुर में कंपनी खोलकर दिया मुनाफे का लालच, 45 लाख रुपए निवेश करवाकर हड़पी रकम, कंपनी डायरेक्टर गिरफ्तार

जयपुर3 महीने पहले
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राइट टू रुट कंपनी के डायरेक्टर को जालूपुरा पुलिस ने 45 लाख रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है - Dainik Bhaskar
राइट टू रुट कंपनी के डायरेक्टर को जालूपुरा पुलिस ने 45 लाख रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है

मछली पालन व्यवसाय करने वाली एक कंपनी में रुपए निवेश करवाकर मोटा मुनाफा लौटाने का आश्वासन देकर 45 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में नार्थ जिले में जालुपूरा थाना पुलिस ने की है। केस की जांच एएसआई मालीराम को सौंपी गई थी।

थानाप्रभारी रामसिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजीव आचार्य (45) बीकानेर में वार्ड नंबर 12, जोशीवाड़ा के रहने वाले है। जयपुर में खोली गई राइट टू रुट कंपनी के डायरेक्टर है। इस संबंध में धनखड़ रेजीडेंसी, अग्रसेन सर्किल के पास रहने वाली सुनीता ने एक रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि वर्ष 2019 में झुंझुनूं के रहने वाले उनके परिचित वीरेंद्र अग्रवाल ने सुनीता से संपर्क किया था।

जयपुर के गणपति प्लाजा में खोला था ऑफिस

परिवादी सुनीता के मुताबिक वीरेंद्र ने अपने सभी साथियों को मिलवाते हुए कहा कि हमने मछली पालन व्यवसाय के लिए रुट टू राइट नाम की एक कंपनी बनाई है। इसका ऑफिस एमआई रोड जयपुर में स्थित गणपति प्लाजा में चौथी मंजिल पर खोला है। इस कंपनी में लोगों के रुपए निवेश करवाते है। इससे मछली पालन व्यवसाय में मुनाफा होने कमाकर रकम निवेश करने वालों को दुगने से ज्यादा सिर्फ 10 महीने में लौटा देंगे। तब आरोपियों की बातों में आकर सुनीता ने 45 लाख रुपए आरोपियों के निजी और कंपनी के खाते में जमा करवा दिए।

10 महीने बीतने पर भी नाम रकम मिली नाहीं मुनाफा, सिर्फ आश्वासन और धमकियां मिली
FIR में सुनीता ने आरोप लगाया कि 10 माह बीत जाने के बाद भी उनको निवेश की गई ना तो रकम लौटाई गई, नाहीं कोई मुनाफा दिया गया। तब सुनीता ने गणपति प्लाजा में रुट टू राइट कंपनी के ऑफिस पहुंचकर वहां मौजूद पदाधिकारियों से मिली। तब उन्होंने दिसंबर 2019 में पैसों के बारे में संपर्क करने को कहा। इसके बाद 15 दिसंबर 2019 को आरोपी संजीव विश्नोई ने परिवादिया सुनीता से संपर्क कर कहा कि अगले एक महीने में तुम्हारे पैसे नकद लौटा दूंगा या बैंक में ट्रांसफर कर दूंगा।

आरोपी संजीव ने 500 रुपए के एक स्टांप पर इकरारनामा भी किया। लेकिन 15 जनवरी 2020 को भी 45 लाख रुपए नहीं लौटाए। बल्कि धमकाने लगे कि पिछले 10 साल में हमने किसी को रुपए नहीं लौटाए है। तब 7 फरवरी 2020 को जालूपुरा थाने में कोर्ट इस्तगासे के जरिए छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई। जिसमें अब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के डायरेक्टर राजीव आचार्य को कल गिरफ्तार कर लिया।

तीन महीने पहले दो आरोपियिों को किया था गिरफ्तार

करीब तीन महीने पहले पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र मोहन अग्रवाल (44) निवासी सदर, झुंझुनूं और हनुमानगढ़ टाउन निवासी जसवीर सिंह बरार (37) को भी गिरफ्तार किया था। आरोपी वीरेंद्र के खिलाफ पहले भी झुंझुनूं जिले के कोतवाली थाने में वर्ष 1999 और 2000 में धोखाधड़ी के दो मुकदमे दर्ज है। वह मानसरोवर में रहता है।

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