जयपुर में CA चौथी मंजिल से कूदा, मौत:सुसाइड नोट में लिखा- मरना बहुत जरूरी था; मम्मी-पापा आई एम सॉरी

जयपुर3 महीने पहले

जयपुर में चौथी मंजिल से छलांग लगाकर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) ने सुसाइड कर लिया। गुरुवार सुबह उसकी लाश अपार्टमेंट के पीछे मिली। सुसाइड नोट भी मिला है। उन्होंने एक व्यक्ति पर परेशान करने का आरोप लगाया है। युवक ने सुसाइड नोट में लिखा- बेहतर बनने में पूरी लाइफ खराब हो गई। शुक्रवार देर रात पुलिस ने CA के पिता की शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।

मुहाना थाने के SHO लखन खटाना ने बताया कि अबरना ज्वेलर्स अपार्टमेंट, मुहाना मंडी निवासी रक्षित खंडेलवाल उर्फ काना (25) ने सुसाइड किया है। अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर स्थित फ्लैट में रक्षित अपने पापा रमाकांत (48), मम्मी अंजू (46) और भाई आर्यन (22) के साथ रहते थे। कोरोना काल में घाटा होने पर पिता रमाकांत का कपड़ा शोरूम बंद हो गया। इसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी रक्षित पर आ गई। वही परिवार की देखभाल कर रहे थे। गुरुवार सुबह करीब 4 बजे रक्षित अपने कमरे के पीछे बालकनी में गए थे।

परिवार के साथ रक्षित खंडेलवाल। सुसाइड नोट में रक्षित ने मरने का कारण बताया है। उन्होंने भीम सिंह नाम के व्यक्ति पर परेशान करने का आरोप लगाया है।
परिवार के साथ रक्षित खंडेलवाल। सुसाइड नोट में रक्षित ने मरने का कारण बताया है। उन्होंने भीम सिंह नाम के व्यक्ति पर परेशान करने का आरोप लगाया है।

बालकनी की जाल काटी और लगा दी छलांग
बालकनी में लगी जाल को काटकर उसने छलांग लगा दी। नीचे गिरते ही उसकी मौत हो गई। रोज की तरह सुबह 4 बजे रक्षित के कमरे में पिता रमाकांत गए। रक्षित कमरे में नहीं था। बालकनी में लगा जाल भी कटा हुआ मिला। नीचे झांककर देखने पर रक्षित का शव पड़ा मिला। लाश देखकर चीख-पुकार मच गई। यह सूचना पूरे सोसायटी में फैल गई। मुहाना पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। एंबुलेंस की मदद से पोस्टमॉर्टम के लिए हॉस्पिटल भिजवाया गया। पुलिस ने पोस्टमाॅर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।

जयपुर के मुहाना मंडी स्थित अबरना ज्वेलर्स अपार्टमेंट। इसी अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कूदकर CA रक्षित खंडेलवाल ने 18 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे सुसाइड कर लिया।
जयपुर के मुहाना मंडी स्थित अबरना ज्वेलर्स अपार्टमेंट। इसी अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कूदकर CA रक्षित खंडेलवाल ने 18 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे सुसाइड कर लिया।

पढ़िए पूरा सुसाइड नोट...

सुसाइड नोट का पहला पन्ना।
सुसाइड नोट का पहला पन्ना।

सबसे पहले मैं माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि मैंने शराब पी है। मैं नहीं पीता, लेकिन पीता नहीं तो मरने की हिम्मत नहीं आती। उसके लिए सॉरी...

फॉरमैलिटी के लिए बता दूं की मरना बहुत जरूरी था। नहीं तो मैं नहीं मरता। रीजन ही कुछ ऐसा हो गया। लाइफ में मुझे ये कदम उठाना पड़ा। मुझे पता है कि ये सही नहीं है। लेकिन मेरे पास कोई और ऑप्शन नहीं है।

आगे पॉइंटर बनाकर सुसाइड का कारण लिखा-
सबसे पहले रीजन देता हूं। फिर आगे का सेग्मेंट मैसेज के लिए। इस दुनिया में शक्तिशाली लोग हम जैसे मिडिल क्लास लोगों को दबाते हैं। भीम सिंह नाम के व्यक्ति ने मेरे परिवार पर झूठे 420 के केस लगाए। जयपुर और भरतपुर में केस कर दिए। इसके चक्कर में हमारा परिवार इतना परेशान है कि देख नहीं सकता। मेरी मां के खिलाफ तक केस कर दिया। उसका साथ भरतपुर के डिप्टी सतीश वर्मा ने पूरा दिया। आए दिन ये लोग हमें परेशान करते हैं। टीम भेजते हैं। हम लोग कोई क्रिमिनल नहीं हैं। मेरी मां के खिलाफ कार्रवाई की। हमने किसी को कुछ नहीं कहा। फिर भी इन लोगों ने SC-ST का फर्जी केस भरतपुर के सेवर थाने में कर दिया। मैं तो अब हूं नहीं। अब प्लीज मेरे पर परिवार को बचाएं।

पुलिस, सरकार और धरती के हर व्यक्ति से एक मांग- मेरे परिवार को प्लीज सपोर्ट करना।
पुलिस, सरकार और धरती के हर व्यक्ति से एक मांग- मेरे परिवार को प्लीज सपोर्ट करना।

दूसरा रीजन- पैसों की तंगी और लोन
बहुत लोगों को मैं सॉरी बोलना चाहता हूं। लेकिन मेरी बात कोई क्यों नहीं मानता। मेरे पास पैसा नहीं है। वो बहुत पहले ही चले गए। कोई ये बात समझता ही नहीं। लॉस हो गया। प्लीज मेरे जाने के बाद मेरे परिवार को परेशान मत करना।

आखिरी कारण
मैं एक सीधा-साधा लड़का था, जिसकी एक नॉर्मल लाइफ थी। बेहतर बनने के चक्कर में मेरी पूरी लाइफ खराब हो गई। हमारे परिवार की इज्जत, पैसा सब खत्म हो गया। आज मेरे लिए सभी बुरा-भला बोलते हैं। भीम सिंह जैसे लोग पैसे के लिए मुझे बुरा-भला बोलते हैं। हम इंसान खराब नहीं, वक्त खराब था, जो सब खत्म कर गया।

पुलिस, सरकार और धरती के हर व्यक्ति से एक मांग
मेरे परिवार को प्लीज सपोर्ट करना। उनको न कुछ पता है। न उनके पास पैसा है। प्लीज; कोई परेशान मत करना। हो सके तो कोई थोड़ी बहुत मदद कर देना।

रक्षित ने लिखा- मैं ज्यादा परेशान नहीं करना चाहता। मैं नाम नहीं लूंगा, सिर्फ रिश्तों के नाम बताऊंगा। जो सुनेगा समझ जाएगा।
रक्षित ने लिखा- मैं ज्यादा परेशान नहीं करना चाहता। मैं नाम नहीं लूंगा, सिर्फ रिश्तों के नाम बताऊंगा। जो सुनेगा समझ जाएगा।

अब आगे सभी के लिए मैसेज लिख रहा हूं..
मुझे पता है कि आप लोग पहले से बहुत इमोशनल और परेशान होंगे। मेरे कारण हाल और बुरा होगा। मैं ज्यादा परेशान नहीं करना चाहता। मैं नाम नहीं लूंगा, सिर्फ रिश्तों के नाम बताऊंगा। जो सुनेगा समझ जाएगा।

मां- मेरी प्यारी मां, आई एम सॉरी एंड आई लव यू। आप दुनिया की सबसे अच्छी मां हैं। इस जन्म में तो मैं आपको खुशी नहीं दे पाया। लेकिन फ्यूचर में ऊपर वाले से दुआ करूंगा। आप परेशान तो हो रही होंगी। लेकिन हमेशा याद रखना आपका एक और बेटा है। उसको अच्छा इंसान बनाना। उसके लिए जीना। आई लव यू।

पापा- मेरे पापा मेरे सबसे अच्छे दोस्त हैं। आई एम सॉरी, आई लव यू। आप मेरे पिता बने इससे अच्छा मेरे लिए कुछ नहीं हो सकता। आप मेरे आइडल हैं। मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं। आपने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। काश मैं आप जितना बहादुर होता। आर्यन को आप अपने जैसा अच्छा इंसान बनाना। अगले जन्म में आप ही मेरे पिता बनना। आई लव यू...

सुसाइड नोट के आखिरी में अपनी मौत की तारीख लिखी।
सुसाइड नोट के आखिरी में अपनी मौत की तारीख लिखी।

भाई- क्यूटी पाई, अनू तू बहुत अच्छा लड़का है। ऐसा कोई दिन नहीं है जो मैं तेरे बिना सोच सकता हूं। तुझे जीना होगा। मां-पापा को संभालना होगा। एक अच्छा इंसान बनना होगा। आई लव यू, आए एम सॉरी। मैं जिंदगी आगे नहीं जी सका। अपना ध्यान रखना। मुझे तू हमेशा चाहिए। आई लव यू...

बहन- इस जन्म में तो अपना खून का रिश्ता नहीं है। तूने मुझे बहुत सपोर्ट किया। जितना मेरी सगी बहन भी नहीं करती। मेरी प्यारी बहना आई लव यू। आइ एम सॉरी। मेरी बहना प्लीज खुश रहना। हमेशा तुम ही बहन बनकर मेरे साथ रहना। आई लव यू।

लव- मैंने प्यार किया, उसने भी मुझे किया। लेकिन मैंने सब खत्म कर दिया। आई लव यू। हमेशा मेरे साथ रहना। ज्यादा नहीं लिखूंगा, क्योंकि तुझे सब पता है।

बाकी सभी के लिए- जिन लोगों ने मुझ पर भरोसा किया। उन सब से सॉरी दिल से। सॉरी, सॉरी, सॉरी सर आपको भी

प्लीज मेरे परिवार को परेशान मत करना। 4 मई 1996 TO 18 अगस्त 2022