पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Cancer Survivor Officer Was Sent To Allahabad During Treatment In Violation Of The Policy; High Court Stayed The Order And Sought Answer

पोस्टिंग में रेलवे का गणित:पॉलिसी का उल्लंघन कर कैंसर सर्वाइवर ऑफिसर को इलाज के दौरान इलाहबाद भेजा; हाईकोर्ट ने आदेश पर रोक लगाकर जवाब मांगा

जयपुर8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
उत्तरपश्चिम रेलवे मुख्यालय - Dainik Bhaskar
उत्तरपश्चिम रेलवे मुख्यालय

रेलवे बोर्ड ने कोरोना महामारी को देखते हुए कर्मचारियों के आवधिक ट्रांसफर और अधिकारियों के अनावश्यक ट्रांसफर नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद पदोन्नति और आवधिक ट्रांसफर किए जा रहे हैं। केंद्रीय रेलवे विद्युतिकरण संगठन ने पिछले दिनों एक अधिकारी का जयपुर से इलाहाबाद ट्रांसफर किया। आदेश को अधिकारी ने राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी। ऐसे में हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए रेलवे से जवाब मांगा है।

पहले ट्रांसफर 5 साल में किया, 3 साल बाद उसे ही अतिरिक्त कार्यभार
एडवोकेट शिवशंकर ओला ने बताया कि वर्ष 2017 में सीनियर मैटेरियल मैनेजर (एसएमएम) केएस मीणा को वर्ष 2012 में तबीयत खराब होने पर जांच में कैंसर का पता लगा। उन्होंने 2017 में रेलवे बोर्ड से जयपुर स्थानांतरण करने का अनुरोध किया, ताकि वो परिवार के साथ रहते हुए बीमारी का इलाज करा सकें। तब उन्हें आगरा से कोर जयपुर में डेपुटेशन पर भेज दिया गया।
वह जयपुर ज्वॉइन करने के बाद यहां कैंसर हॉस्पिटल में इलाज कराने लगे। उनकी जगह 2013 से कार्य कर रहे सीनियर एएमएम आरके मीणा को जोधपुर प्रोजेक्ट में भेज दिया। उन्होंने यहां 2013 से 2017 तक पांच साल कार्य किया था। जबकि केएस मीणा का तीन साल में ही इलाज के दौरान और कोरोना काल में जनवरी 2021 में इलाहाबाद ट्रांसफर कर दिया। उनकी जगह दोबारा आरके मीणा को जोधपुर के साथ अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया।

हाईकोर्ट ने आदेश पर रोक लगा रेलवे से जवाब मांगा
ट्रांसफर आदेश पर राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बैंच ने रोक लगा दी है। जस्टिस सबीना और जस्टिस मनोज कुमार व्यास ने रेलवे से पूछा है कि जब रेलवे ने कोरोना में स्थानांतरण पर रोक लगाई है, तो कैंसर मरीज होने के बाद भी इलाज के दौरान ही केएस मीणा का तबादला इलहाबाद क्यों किया गया ? पहले अधिकारी का तबादला 5 साल तक नहीं किया गया, तो इनका किस आधार पर किया है ? इसके अलावा जब केएस मीणा टीए/डीए के भुगतान के बिना भी जोधपुर का कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं, तो दूसरे अधिकारी को टीए/डीए देकर रेलवे का आर्थिक नुकसान क्यों किया जा रहा है ?

रिपोर्ट : शिवांग चतुर्वेदी

खबरें और भी हैं...