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सड़कें ही पार्किंग बनीं:बिना पार्किंग कार नहीं खरीद सकते; सच-पार्किंग के 70% शपथ पत्र फर्जी, असर-वाहन खड़े होने से सड़कें आधी हुईं

जयपुर18 दिन पहले
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  • आरटीओ में रजिस्ट्रेशन पर पार्किंग के लिए शपथ पत्र की अनिवार्यता सिर्फ खानापूर्ति बनी
  • 30 फीट की सड़कें 12-15 फीट में सिमट गई हैं, आरटीओ का एक ही जवाब-कार्रवाई करेंगे

हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा था कि सिर्फ उन्हीं कारों का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए जिनके पास पार्किंग है। हालांकि हकीकत ठीक इसके उलट है। कारों के रजिस्ट्रेशन के दौरान घरों में पार्किंग का दिया जाने वाला शपथ पत्र 70 फीसदी फर्जी होता है। इसका परिणाम यह हुआ कि गली-कालोनियों में सड़कों का दम घुट गया और 30 फीट की सड़कें सिर्फ 12-15 फीट तक सिमट कर रह गई हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, 11 साल में शहर में कारों की संख्या 2 लाख से 10 लाख हो गई है। इधर, आबादी के हिसाब से 100 से 150 गज के प्लाटों में 2 व 3 मंजिला मकान और 6 से 8 तक फ्लैट बन रहे हैं। स्टिल्थ पार्किंग नहीं होने से कारें सड़कों पर पार्क हो रही हैं। सरकार ने कानूनी रूप से भी स्टिल्थ पार्किंग अनिवार्य कर रखा है। वाहनों के नियंत्रण करने के लिए हाई कोर्ट ने घरों में पार्किंग का शपथ-पत्र लेने का परिवहन विभाग को आदेश दे रखे हैं।

जी प्लस 3 वाले मकानों में अधिक परेशानी, स्टिल्थ पार्किंग की जगह भी फ्लैट बन रहे

करधनी सेन्टर के सामने में घरों के बाहर सड़कों पर खड़ी की गई हैं कारें।
करधनी सेन्टर के सामने में घरों के बाहर सड़कों पर खड़ी की गई हैं कारें।
सेक्टर 8 में वाहन खड़े होने से सड़कें आधी रह गई हैं।
सेक्टर 8 में वाहन खड़े होने से सड़कें आधी रह गई हैं।

पार्किंग एक और शपथ-पत्र दो से अधिक
पड़ताल में आया आरटीओ में वाहनों के पंजीयन के दौरान दिए जाने वाले 70% शपथ-पत्र झूठे हैं। घर में कार पार्किंग की एक जगह है, जबकि उसी पते पर दो-दो कारों का रजिस्ट्रेशन हो रहा है। दोनों कारों के लिए एक ही पार्किंग का शपथ-पत्र देकर रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है।

स्टिल्थ पार्किंग में 4 कारें खड़ी की जा सकती हैं
राजधानी में 30% लोगों के पास पार्किंग के लिए जगह नहीं है। बिल्डर्स द्वारा जो दो व तीन मंजिला बिल्डिंगें बनाई जा रही हैं। उसमें 100 गज में स्टिल्थ पार्किंग 4 फीट का बेसमेंट बनाकर चार फीट की ऊंचाई होती है। इसका खर्च 8 लाख रुपए आता है और चार कारों को परमानेंट पार्किंग मिल सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।

11 साल में 2 लाख से बढ़ कर 10 लाख हो गईं कारें
वर्ष 2009 में राजधानी में 2 लाख कारों का रजिस्ट्रेशन हो रहा था। 11 साल में कारों की संख्या 10 लाख हो गई है। वर्ष 2009 से वर्ष 2013 चार साल में कारों की संख्या 1.50 लाख बढ़कर 3 लाख 40 हजार हो गई। दो साल कोरोना समय होने के बाद भी वर्ष 2013 से 2020 में सात साल में करीब 5 लाख 90 हजार कारों की बढ़ोतरी हुई है।

हाईकोर्ट के निर्देश पर रजिस्ट्रेशन के समय पार्किंग का शपथ पत्र लिया जाता है। शिकायत पर जांच करते हैं। शपथ-पत्र झूठा निकलता है ताे कार्रवाई की जाती है।
- आरके चाैधरी, डीटीओ

अवैध रूप से नो-पार्किंग में खड़ी होने वाली गाड़ियों को लेकर अभियान चलाया जाएगा। जो गाड़ियां गलत रूप से पार्क होंगी उनका चालान किया जाएगा।
श्वेता धनकड़, डीसीपी ट्रैफिक

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