​​​​​​​जलदाय विभाग:प्रमोशन पर रेट में मामला पेंडिंग, फिर भी हो गए इंजीनियरों के प्रमोशन

जयपुर17 दिन पहले
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जलदाय विभाग में चीफ इंजीनियर पद पर प्रमोशन का विवाद राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) में विचाराधीन है, लेकिन विभाग ने प्रमोशन लिस्ट जारी कर दी। विभाग ने 4 चीफ इंजीनियर, 10 एडिशनल चीफ इंजीनियर और 14 अधीक्षण अभियंता बनाए है। विभाग में चीफ इंजीनियर पद पर प्रमोशन के लिए सिविल व मैकेनिकल विंग के इंजीनियरों का विवाद रेट में चल रहा है।

वहीं एससी वर्ग के इंजीनियर भी सीई बनाने का दावा कर रहा है। इन सब का दावा खारिज करते हुए प्रमोशन लिस्ट जारी हुई है। एडिशनल चीफ इंजीनियर मनीष बेनीवाल को मार्च 2022 से चीफ इंजीनियर बनाया जाएगा। वहीं अन्य चीफ इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे है। हालांकि यह प्रमोशन आदेश राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में विचाराधीन अपील संख्या 2253 व 4198 में पारित होने वाले निर्णय के अध्यधीन रहेंगे।

सिविल और मैकेनिकल कैडर में भी मतभेद
सिविल इंजीनियरों का कहना है कि पीएचई सेवा नियम– 1968 में प्रावधान है कि चीफ इंजीनियर पोस्ट पर केवल सिविल कैडर को ही प्रमोशन मिले। पिछले कुछ सालों से मैकेनिकल इंजीनियर लॉबिंग के कारण चीफ इंजीनियर पोस्ट पर अवैध कब्जा हो रहा है। सिविल कैडर की उपेक्षा की जा रही है। डीपीसी को रद्द किया जाए।

इनको बनाया है चीफ इंजीनियर : संदीप शर्मा, नीरज माथुर, राकेश जैन (सेवानिवृत) व मनीष बेनीवाल।

यह बने है एसीई : हेमंत कुमार, रामनिवास मीना-प्रथम, आदित्य शर्मा, जयकांत महावर, विनोद भारती, राजेश कुमार लुहाड़िया, मुकेश गोयल, अरूण श्रीवास्तव, दीपक बंसल व राजसिंह चौधरी।

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