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जयपुर में डेंगू के केस बढ़े:अगस्त के मुकाबले सितम्बर में केस 215 फीसदी बढ़े, ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की मांग 4 गुनी बढ़ी; प्रदेश में 8 लोगों की मौत

जयपुर2 महीने पहले
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राजस्थान में मानसून के जाने के बाद मौसमी बीमारियां तेजी से फैलने लगी है। इसमें सबसे ज्यादा घातक इन दिनों डेंगू हो रहा है। राज्य में इस साल के शुरू से सितंबर तक 2800 से भी ज्यादा केस आ चुके है। ये तो वह रिकॉर्ड है जो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने ऑफिशियल जारी किया है, जबकि मरीजों की वास्तविक संख्या 5 हजार से भी ज्यादा है। डेंगू के केस बढ़ने के साथ ही अब ब्लड बैंकों में खून और प्लेटलेट्स की भी मांग बहुत तेजी से बढ़ गई। जयपुर में हालात बहुत ज्यादा खराब है। यहां अगस्त के मुकाबले सितम्बर में डेंगू के मरीज 215 फीसदी ज्यादा आए है, इस कारण से यहां के ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की मांग 4 गुना बढ़ गई है। जयपुर में अगस्त में कुल 91 डेंगू के केस आए थे, लेकिन सितम्बर में यह बढ़कर 287 पर पहुंच गए।

राज्य के कई शहरों में डेंगू के केसों में अगस्त की तुलना में सितम्बर में ज्यादा तेजी से बढ़े है। इस कारण सितम्बर और अक्टूबर में अब तक इस बीमारी से मरने वालों वालों की संख्या 8 हो गई। अगस्त तक पूरे प्रदेश में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई थी। ये तो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का अधिकृत आंकड़ा है, जबकि निजी हॉस्पिटल में भी सैंकड़ों की संख्या में डेंगू के मरीज भती है, जिनका डेटा ऑफिशियल है ही नहीं। जयपुर के अलावा अलवर, भीलवाड़ा, बीकानेर, धौलपुर, जैसलमेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और प्रतापगढ़ भी डेंगू के हॉटस्पॉट की सूची में शामिल हैं। इन जिलों में इस साल जनवरी से अगस्त तक जितने मरीज डेंगू के मिले हैं, उससे ज्यादा या उतनी ही संख्या में मरीज केवल सितंबर महीने में सामने आए हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति अलवर, कोटा और भीलवाड़ा की है।

जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में जांच काउंटर पर ब्लड सैंपल जमा करवाने के लिए लगी मरीजों के परिजनों की भीड़।
जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में जांच काउंटर पर ब्लड सैंपल जमा करवाने के लिए लगी मरीजों के परिजनों की भीड़।

ब्लड बैंक में प्लेटलेट़्स की मांग बढ़ी

जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) हॉस्पिटल में इन दिनों हर वार्ड में डेंगू के मरीज भरे पड़े है। एसएमएस में बड़ी संख्या में बुखार, खांसी जुकाम के मरीज आ रहे हैं। ऐसे में हॉस्पिटल में आने वाले अधिकांश मरीजों की डेंगू मलेरिया की जांच करवाई जा रही है। एसएमएस के ब्लड बैंक के अधिकारियों की माने तो अगस्त तक जहां हर रोज औसतन 30 से 35 यूनिट प्लेटलेट्स की डिमांड रहती थी, वह अब 130 यूनिट के भी पार पहुंच गई है।

बच्चों में भी बढ़ा डेंगू का प्रकोप

डेंगू का कहर केवल बड़े ही नहीं बल्कि बच्चों में भी देखने को मिल रहा है। जेके लॉन हॉस्पिटल के मरीज तेजी से बढ़ रहे है। बताया जा रहा है कि जितने भी केस जयपुर में आ रहे है उसमें 20 फीसदी केस ऐसे है, जिसमें 15 साल या उससे छोटी उम्र के बच्चे है। जयपुर एसएमएस हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग के यूनिट हैड डॉ. रमन शर्मा के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिर दर्द और थकान ज्यादा महसूस हो रही है तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। क्योंकि ये लक्षण डेंगू या मलेरिया के हो सकते हैं।

नगर निगम और चिकित्सा विभाग की लापरवाही ने भी बढ़ाए केस

जयपुर में डेंगू-मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने के पीछे एक कारण प्रशासन की लापरवाही है। इसे रोकने के लिए नगर निगम जयपुर की ओर से न तो समय पर फोगिंग करवाई गई और न ही चिकित्सा विभाग की ओर से डोर टू डोर सर्वे करवाया गया। सितंबर के आखिरी सप्ताह में नगर निगम की ओर से ऑन डिमांड फॉगिंग शुरू करवाई, लेकिन अब जब केस ज्यादा आने लगे तो रेंडम एरिया में फोगिंग की जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग शहर में पानी भराव वाले स्थान, खाली पड़े प्लाट और घर-घर सर्वे कर लार्वा को पनपने से रोकने के लिए दवा का छिड़काव नहीं करवाया गया।

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