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केंद्रीय खान मंत्री से बोले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत:केंद्र ने 3 साल से राॅयल्टी दरें नहीं बदलीं, संशोधन प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय हो

जयपुर5 दिन पहले
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गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 3 सालों से राॅयल्टी दरों में संशोधन नहीं किया है। - Dainik Bhaskar
गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 3 सालों से राॅयल्टी दरों में संशोधन नहीं किया है।
  • खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने लाइम स्टोन को अप्रधान खनिज घोषित करने की मांग रखी

प्रदेश के खनन से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को केंद्रीय खान मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ वीडियो कांफ्रेंस पर बात की। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 3 सालों से राॅयल्टी दरों में संशोधन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा रॉयल्टी की दरों में संशोधन के लिए भेजे गए प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए ताकि कोविड के इस चुनौतीपूर्ण दौर में राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।

पर्यावरण स्वीकृति में देरी का मुद्दा भी उठा

गहलोत ने खनन के लिए पर्यावरण स्वीकृतियों में लगने वाली देरी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि केन्द्रीय खान मंत्रालय पर्यावरण मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर पर्यावरणीय स्वीकृतियां जल्द दिलाने में सहयोग करें। गहलोत ने कहा कि खनिज ब्लाॅक्स की नीलामी के बाद खनन पट्टा जारी करने की कार्यवाही जल्द की जाए।

उन्होंने कहा कि जियोलाॅजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) एवं मिनरल एक्सप्लोरेशन काॅरपोरेशन लिमिटेड (एमईसीएल) द्वारा अन्वेषण रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले इस बात का परीक्षण कर लिया जाए कि संबंधित खनिज ब्लाॅक व्यावसायिक दृष्टि से खनन के लिए उपयुक्त है या नहीं।

अंशदान के अनुरूप प्रोजेक्ट को मिले मंजूरी

गहलोत ने कहा कि नेशनल माइनिंग एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमईटी) में राजस्थान ने 256 करोड़ का अंशदान दिया है। राज्य ने काॅपर, आयरन व पोटाश के 5 प्रोजेक्ट्स के प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन एनएमईटी ने इन प्रोजेक्ट्स को अस्वीकार कर दिया। राजस्थान की मात्र 7 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के अंशदान के अनुरूप प्रदेश में अन्वेषण प्रोजेक्ट्स मंजूर किए जाएं।

खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कोविड प्रबंधन के लिए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड ट्रस्ट से राशि के उपयोग की सीमा बढ़ाने, खनन श्रमिकों के कल्याण के लिए स्टेट मिनरल फंड को फिर से शुरू करने, एलडी और सीमेंट ग्रेड के अलावा अन्य लाइम स्टोन को अप्रधान खनिज घोषित करने व बजरी खनन की गाइडलाइन्स की समीक्षा सहित अन्य मुद्दों के जल्द समाधान की मांग रखी।

रेड अलर्ट पखवाड़े के लिए वाहनों को कर में छूट

राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान राज्यव्यापी जन अनुशासन पखवाड़े तथा अन्य प्रतिबंधों की अवधि के दौरान सार्वजनिक यात्री वाहनों के संचालन अवरूद्ध रहने के क्रम में काॅन्ट्रेक्ट कैरिज एवं स्टेट कैरिज श्रेणी के वाहनों को मई एवं जून (दो) माह के लिए मोटरयान कर (मोटर व्हीकल टैक्स) में छूट देने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। जन अनुशासन पखवाड़े तथा अन्य सार्वजनिक प्रतिबंधों आदि के कारण 14 अप्रेल से लेकर 8 जून तक यात्री परिवहन बसों के संचालन पर पूर्ण एवं आंशिक रूप से प्रतिबंध रहा। काॅन्ट्रेक्ट कैरिज एवं स्टेट कैरिज श्रेणी के कुल 32,671 वाहनों को मई एवं जून 2021 के लिए देय मोटरयान कर में पूर्ण छूट दी जाएगी।

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