एमएससी न्यूरोसाइंस कोर्स:केंद्रीय विवि शुरू करेगा बीएससी कार्डियो, प्रदेश के किसी भी सरकारी विवि में अभी ये काेर्स नहीं

जयपुर3 महीने पहलेलेखक: अर्पित शर्मा
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देश का सेंट्रल यूनिवर्सिटी अब दिल और दिमाग से जुड़े कोर्स भी कराएगा। - Dainik Bhaskar
देश का सेंट्रल यूनिवर्सिटी अब दिल और दिमाग से जुड़े कोर्स भी कराएगा।

प्रदेश का सेंट्रल यूनिवर्सिटी अब दिल और दिमाग से जुड़े कोर्स भी कराएगा। अगले सेशन से बीएससी (कार्डियाेलाॅजी) व एमएससी (न्यूराेसाइंस) सहित 5 नए कोर्स शुरू करेगा। यूनिवर्सिटी का दावा है कि ये छात्र डॉक्टरों की ऑपरेशन से पहले मदद भी कर सकेंगे। आगे एडवांस रिसर्च के रास्ते खुलेंगे। इसका ड्राफ्ट तैयार हाे चुका है और एकेडमिक काउंसिल से अप्रूवल के बाद ये लागू हाेंगे। कोर्स कॉर्डिनेटर डाॅ. संजीव कुमार पांडा ने बताया कि एमएससी न्यूरोसाइंस कोर्स ब्रिटिश यूनिवर्सिटी ऑक्सफोर्ड व अमेरिकन यूनिवर्सिटी सहित भारत में कुछ जगह संचालित है।

ब्रेन और हार्ट के फंक्शन समझेंगे छात्र
एमएससी न्यूरोसाइंस:
बीएससी बायोलॉजिकल साइंसेज, कैमिकल, कैमेस्ट्री, फिजिक्स व अन्य विषयों वाले छात्र एडमिशन ले सकेंगे। सेमेस्टर सिस्टम हाेगा, जिसमें 30 सीटें हैं। छात्रों काे दूसरे संस्थान में जाकर इंटर्नशिप करनी होगी, प्रोजेक्ट बनाना हाेगा। छात्रों काे न्यूरो बायाेलाॅजी, न्यूरो कैमेस्ट्री, न्यूरो फिजियाेलाॅजी, बायाे कैमेस्ट्री, सेल बायोलॉजी अाॅफ न्यूरन, टेक्निक्स अाॅफ न्यूरन फंक्शन जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। मेडिकल काॅलेज के प्रोफेसर्स काे भी बुलाया जाएगा। ब्रेन के फंक्शन समझ सकेंगे। एडवांस रिसर्च सहित ब्रेन रिसर्च इंस्टीट्यूट, मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट आदि में भी जाॅब मिल सकेगी।

बीएससी कार्डियोलॉजी: हार्ट फंक्शन समझ सकेंगे। जहां कार्डियो वेस्कुलर प्रोसिजर हाेते हैं, वहां ट्रेंड युवा मिलेंगे। बीएससी कार्डियोलॉजी में फार्मास्यूटिकल साइंस, इंटरनल मेडिसिन, ड्रग केमेस्ट्री, बायाेकैमेस्ट्री, फिजिकल साइंस, मैथेमेटिक्स सहित अन्य विषय पढ़ाए जाएंगे। छात्र कार्डियक प्रोसिजर जानेंगे।

ये 5 कोर्स शुरू हाेंगे
1. बीएससी (कार्डियाेलाॅजी)
2. एमएससी (न्यूराेसाइंस)
3. बीएससी (हाेटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नाेलाॅजी)
4. एमएससी (मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नाेलाॅजी)
5. एमटेक (राेबाेटिक्स-ऑटोमेशन एंड एग्जीक्यूटिव डवलपमेंट)

हेल्थ साइंस से जुड़े कोर्स से कार्डियोलॉजिस्ट के सपोर्टिंग पर्सन के रूप में ट्रेंड स्टाफ मिल सकेगा। डॉक्टर्स काे ऑपरेशन की तैयारी व अन्य कार्यों में मदद कर सकेंगे। न्यूरो संबंधी परेशानियाें में मदद के लिए एक्सपर्ट तैयार होंगे। - प्राे. आनंद भालेराव, कुलपति, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, राजस्थान