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मंत्री की जानकारी के बिना विभाग में भ्रष्टाचार संभव है?:चांदना बोले- अगर कुछ लोगों ने गलत किया, तो इसका मतलब ये नहीं कि पूरा महकमा ही भ्रष्ट हो गया

जयपुर4 दिन पहलेलेखक: हर्ष खटाना
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भास्कर ने विभागीय मंत्री अशाेक चांदना से सीधे सवाल किए। - Dainik Bhaskar
भास्कर ने विभागीय मंत्री अशाेक चांदना से सीधे सवाल किए।

सरकार के बेहद करीबी मंत्री अशाेक चांदना के विभाग राजस्थान राज्य काैशल विकास निगम (आरएसएलडीसी) में एसीबी ने घूसकांड का बड़ा खुलासा किया है। एसीबी ने पहली बार भ्रष्टाचार के मामले में राज्य के किसी निगम के चेयरमैन व एमडी का फाेन जब्त किया है। उनके ऑफिस काे सील किया है, जिसे लेकर पूरे विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसे लेकर भास्कर ने विभागीय मंत्री अशाेक चांदना से सीधे सवाल किए, जिस पर चांदना ने कहा कि कुछ लाेगाें के भ्रष्टाचार में लिप्त हाेने का मतलब ये नहीं निकाल जाए कि पूरा महकमा भ्रष्ट है।

Q. मंत्री की जानकारी के बिना क्या राजस्थान राज्य काैशल विकास निगम में भ्रष्टाचार संभव है?
कुछ लाेगाें के गलत कृत्याें में शामिल हाेने का मतलब ये नहीं कि पूरा महकमा भ्रष्ट हाे गया। मेरे स्तर पर आज तक ऐसी काेई शिकायत नहीं पहुंची। बहरहाल मैं इसे बेहद पाॅजिटिव नजरिए से देख रहा हूं। गलत लाेगाें की धरपकड़ से ही विभाग में सफाई हाेगी। एसीबी ने राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप शानदार काम किया है।

Q. मंत्री पसंद का अफसर लगवाते हैं, क्या भ्रष्टाचार में लिप्त अफसर आपकी सिफारिश पर लगे थे?
सारे अधिकारी राज्य सरकार के ही हैं। पसंद-नापसंद का ताे मुद्दा ही नहीं था। मैंने किसी भी अफसर काे विभाग में लगवाने की सिफारिश नहीं की थी। हां ये बात जरूर है कि कार्यकर्ता की सिफारिशाें काे तव्वजाें देते हुए डिजायरें करना एक स्वभाविक प्रक्रिया है।

Q. पाॅलिटिकल बंधी लेकर पाेस्टिंग पाना या नेताओं काे बंधी चुकाने की चर्चाएं हैं, इस पर क्या कहेंगे?
जवाब : हम सब चाहते है कि सभी विभागाें में भ्रष्टाचार का खेल खत्म हाे। एसीबी इस दिशा में बहुत शानदान काम कर रही है। काेई व्यक्ति पकड़ा जाता है। उसके पाॅलिटिकल कनेक्शन का जाेड़- ताेड़ किया जाना गलत है। वाे ऐसे कि हर पाॅलिटिकल व्यक्ति अपने द्वार पर आए हुए पार्टी कार्यकर्ता के कहने पर काम करता है। सैकडाें सिफारिशें करता है। कुछ इसमें से गलत हाे जाते है ताे नेताओं का क्या कसूर।

Q. आपके कार्यकाल में फर्जीवाड़ा पकड़ने वाली टीम काे समाप्त किया गया, सेंटरों में कैमरे खत्म कराने के लिए नाेटशीट चलाई गई। ऐसा क्यों किया?
हमने ही ताे क्लासेज में कैमरे लगवाए थे। ऐसे में कैमरे हटवाने की नाेटशीट मेरे सामने कभी नहीं आई। फर्जीवाड़ा पकड़ने वाले दल काे हम ही लाए थे। वैसे भी हम नीति बनाकर गड़बड़ी राेकने पर यकीन रखते है। अब भ्रष्टाचार पकड़ने के लिए एसीबी अलग से काम कर ही रही है।

Q. ट्रेनिंग पार्टनर्स से जुड़े पेमेंट्स, सेंटरों काे मान्यता, ब्लैक लिस्टिंग से रेगुलर करने में जमकर भ्रष्टाचार चल रहा है, इसकी राेकथाम पर आपकी क्या साेच है?
आज तक हमारे लेवल पर किसी ने शिकायत ही नहीं की थी। एसीबी का धन्यवाद करता हूं, कि जिसने इस तरह के मामले का खुलासा करके इन गड़बड़ियाें काे हम तक पहुंचाया ।

Q. पहले भी आपका पुराने अफसरों से विवाद हुआ था, फिर नाराजगी दर्ज करके अफसर बदलवा दिए?
ऐसा ताे कुछ नहीं हुआ था। हमारा एक ही मकसद है स्किल डेवलपमेंट के सहारे युवाओं काे आगे बढ़ाएं। इसी मंशा के अनुरूप हम सब अपनी बात और फैसले करते हैं।

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