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राजस्थान को क्लॉथ इंडस्ट्री का हब बनाने की तैयारी:जोधपुर में मेगा इन्वेस्टमेंट टेक्सटाइल पार्क बनाने के लिए मुख्यमंत्री गहलोत ने केन्द्र से मांगी मदद, 1000 एकड़ जमीन देने को राजस्थान तैयार

जयपुर8 महीने पहले
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टेक्सटाइल मिनिस्ट्री के सेक्रेट्री से मुख्यमंत्री की  मुलाकात। - Dainik Bhaskar
टेक्सटाइल मिनिस्ट्री के सेक्रेट्री से मुख्यमंत्री की मुलाकात।

प्रदेश सरकार राजस्थान को कपड़ा उद्योगों का बड़ा हब बनाने की स्कीम पर काम कर रही है। जोधपुर के कांकाणी में मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार से मदद मांगी है। इस पार्क के लिए राजस्थान सरकार 1 हजार एकड़ जमीन और जरूरी सुविधाएं देने को तैयार है। ऐसे में मेगा टेक्सटाइल पार्क बनने से प्रदेश की इंडस्ट्री को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, पाली के रोहट में घोषित मारवाड़ इंडस्ट्रियल क्लस्टर के तहत 100 एकड़ में ‘टेक्निकल टेक्सटाइल जोन’ बनाने पर भी सरकार का फोकस है।

प्रसाद सिंह सीएम से मिले

केंद्र सरकार की मेगा इन्वेस्टमेंट टेक्सटाइल पार्क योजना-मित्रा के तहत जोधपुर के कांकाणी में मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने की तैयारी राज्य सरकार ने कर रखी है। गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के सचिव उपेन्द्र प्रसाद सिंह और राज्य के उद्योग विभाग के सीनियर अफसरों के साथ बैठक में इस पार्क को जल्द मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार के लेवल पर कॉर्डिनेशन और मदद की उम्मीद जताई। मुख्यमंत्री ने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ाव, बेहतर कनेक्टिविटी, कच्चा माल, लॉजिस्टिक और लेबर की मौजूदगी से यह इलाका सभी जरूरतों को पूरा करता है। देश के कपड़ा प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट में राजस्थान की प्रमुख जगह है। राज्य में बड़ी तादाद में कपड़ा और गारमेंट प्रोडक्शन की यूनिट्स हैं। इनसे फॉरेन मनी आने के साथ ही बड़ी तादाद में लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।

पाली के रोहट में 100 एकड़ में ‘टेक्निकल टेक्सटाइल जोन’

गहलोत ने कहा कि प्रदेश में बाड़मेर रिफाइनरी के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार इससे जुड़े क्षेत्र को पेट्रो और पेट्रोकेमिकल्स बेस्ड इंडस्ट्रीज के हब के तौर पर डेवलप करने की स्कीम पर भी काम कर रही है। पेट्रोलियम, केमिकल्स और पेट्रोकेमिकल्स इनवेस्टमेन्ट रीजन में इन उद्योगों के डाउन स्ट्रीम प्रोडक्ट्स पर बेस्ड टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर के विकास की भी बहुत सम्भावनाएं हैं। बैठक में बताया गया कि कांकाणी और रोहट इंडस्ट्रियल एरिया में पानी की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। एनएच-62 पर होने के कारण यहां इन्वेस्टमेंट की भी काफी सम्भावनाएं हैं। बैठक में राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्ष वीनू गुप्ता, रीको के अध्यक्ष कुलदीप रांका, उद्योग और एमएसएमई विभाग के सचिव और रीको के एमडी आशुतोष ए.टी. पेंडनेकर मौजूद थे।

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