मंत्रियों के टोकने पर बिफरे सतीश पूनिया:नेता प्रतिपक्ष बोले- मेरे दल में इतनी ताकत है कि एक दिन सदन नहीं चलने देंगे, हंगामा मचने पर कार्यवाही 30 मिनट तक स्थगित

जयपुर2 वर्ष पहले
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नाराज भाजपा विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की। - Dainik Bhaskar
नाराज भाजपा विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की।
  • विधानसभा में 18 मार्च को पारित होगा राज्य का बजट, कल से 17 मार्च तक 8 दिन अनुदान मांगों पर बहस

राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के बजट बहस में बोलने के दौरान मंत्रियों की टोकाटाकी को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। इस कारण सदन की कार्यवाही को आधे घंटे स्थगित करना पड़ा। बार-बार टोकाटाकी से पूनिया को बीच में ही अपना भाषण खत्म करना पड़ा। पूनिया के भाषण खत्म होने के बाद संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल और सतीश पूनिया के बीच बहस भी हुई। इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने तल्ख लहजे में कहा कि मैं और मेरा दल इतना दम रखते हैं कि एक दिन यह सदन नहीं चलने देंगे।

इसके बाद नाराज भाजपा विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की। हंगामा बढ़ता देख सभापति राजेंद्र पारीक ने 1:27 पर सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। पूनिया को पूरे भाषण के दौरान हर बिंदु पर मंत्रियों ने टोका। सभापति राजेंद्र पारीक ने टोकाटाकी पर सत्तापक्ष के विधायकों को यहां तक कह दिया कि आप सदन की गरिमा गिरा रहे हैं।

सदन की कार्यवाही 1:57 पर फिर से शुरू होने पर सभापति की जगह स्पीकर सीपी जोशी सदन में आए। स्पीकर के आग्रह के बाद हंगामा कर रहे भाजपा विधायक वेल से नारेबाजी छोड़ अपनी सीटों पर चले गए। विधानसभा में 18 मार्च को राज्य का बजट पारित होगा। 18 मार्च को वित्त और विनियोग विधेयक सदन में बहस के बाद पारित किए जाएंगे।

संसदीय कार्यमंत्री माफी मांगे : कटारिया
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने तल्ख लहजे में कहा- डिबेट में जिस तरह का व्यवहार आज हमारे अध्यक्ष के साथ किया वह स्वीकार्य नहीं है। मंत्री एक के बाद एक टोकाटाकी कर रहे हैं। संसदीय कार्यमंत्री माफी मांगे। क्या यह तरीका है। मैं और मेरा दल इतना दम रखते हैं कि एक दिन यह सदन नहीं चलने देंगे।

मंत्री ने विधानसभा में माना, बिना लैंड कंवर्जन कृषि भूमि पर चल रही हैं 4 इंडस्ट्री
प्रश्नकाल में उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा ने माना कि कोटा के रामगंजमंडी में 4 औद्योगिक इकाइयां बिना लैंड कंवर्जन के कृषि भूमि पर चल रही हैं। इस पर भाजपा विधायक ज्ञानचंद पारख ने सवाल उठाया कि उद्योग विभाग की कोई जिम्मेदारी है या नहीं? उद्योग मंत्री ने कहा कि बिना कंवर्जन चल रही औद्योगिक यूनिट्स को लीगल नोटिस देकर 15 दिन में बंद करवाने की कार्रवाई होगी।

मदरसा पैराटीचर्स के तबादलों के सवाल पर उलझे मंत्री शालेह मोहम्मद
मदरसा पैराटीचर्स की तबादला नीति के सवाल पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री शाले मोहम्मद उलझ गए। मंत्री ने कहा कि मदरसा पैराटीचर स्थाई पद नहीं होकर संविदा आधारित है। इसलिए तबादले की अभी तक कोई नीति नहीं बनाई गई है। बीमारी या अन्य कारणों से मानवीय आधार पर कई बार तबादले किए जाते हैं। इस पर कांग्रेस विधायक हरीश मीणा ने कहा मंत्री के जवाब से साफ है कि तबादले तो हो रहे हैं। फिर मेरे क्षेत्र में मदरसा पैराटीचर्स के तबादले क्यों नहीं किए जा रहे। स्पीकर सीपी जोशी ने भी मंत्री को जवाब पर टोका। मंत्री ने इस पर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।

4 रुपए यूनिट में बिजली खरीदकर 13 रुपए यूनिट में जनता को बेच रही बिजली कंपनियां
बजट बहस के दाैरान नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा, बिजली कंपनियां लोगों की जेब साफ कर रही हैं। जो बिजली 4.80 रुपए यूनिट के हिसाब से खरीद रहे हैं और जनता को 8 से 13 रुपए में बेच रहे हो। 13 रुपए 31 पैसा यूनिट तक वसूला जा रहा है, इतनी महंगी बिजली कहीं नहीं है।

कॉलेज खुलवाने के लिए क्या मुझे भी दिवंगत होना पड़ेगा क्या?
गुलाबचंद कटारिया बोले, हमारे चार दिवंगत साथियों के इलाकों में आपने चार कॉलेज खोलने की घोषणा की, अभी घोषणा करके किसे प्रवेश देंगे। क्या अपने इलाके में कॉलेज खुलवाने के लिए मुझे भी दिवंगत होना पड़ेगा क्या?