अब खेेती के लिए बढ़ेगी बिजली की डिमांड:शहरों में होगी कटौती, कोरोना में कोयला आसानी से मिला, पावर प्लांट्स ने स्टॉक घटाया

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: श्याम राज शर्मा
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अब आपूर्ति गिरते ही प्लांट बंद होने के कगार पर है। - Dainik Bhaskar
अब आपूर्ति गिरते ही प्लांट बंद होने के कगार पर है।

प्रदेश में कोयला किल्लत के कारण बने बिजली संकट में अभी सुधार की गुंजाइश कम है। डिमांड और सप्लाई में 6 करोड़ यूनिट तक का फर्क है। वहीं, 15 दिन बाद खेती के लिए बिजली की जरूरत बढ़ने से कुल डिमांड में 10% तक और बढ़ेगी यानी करीब 28 करोड़ यूनिट बिजली की मांग रहेगी। हालात न सुधरे तो रबी फसल की बुआई में देरी होगी। साथ ही किसानों के आक्रोश के कारण कानून-व्यवस्था संभालना भी मुश्किल होगा।

ऐसे में इंडस्ट्रीज सेक्टर की बिजली और शहरों में कटौती करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा। दीपावली बाद जिला मुख्यालयों में भी एक घंटे की कटौती का विकल्प तलाशा जा रहा है। ताकि इंडस्ट्रीज को कटौती न करनी पड़े। पीक ऑवर शाम 6 से 10 बजे तक इंडस्ट्रीज को रोटेशन में भी चला सकते हैं। इसके अलावा भी अन्य विकल्प तलाशे जा रहे हैं।

हालात; रोज 24 रैक कोयला चाहिए, 10 रैक ही मिल रहा

रबी सीजन शुरू होते ही प्रदेश में रोज 24 रैक कोयला की जरूरत है। अभी 10 रैक ही मिल रहा है। कोल इंडिया से 5 व पीकेसीएल (अडानी) से 7 रैक मिल रहा है। एक दो दिन में 5 रैक बढ़ने की संभावना है। कालीसिंध प्लांट में एक दिन व सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल में दो दिन का कोयला है।

दावा; ऊर्जा विभाग कह रहा है कि स्थितियां सुधर रही हैं

ऊर्जा विभाग के एसीएस सुबोध अग्रवाल का कहना है कि मौसम में सुधार से 207 लाख यूनिट सोलर व 175 लाख यूनिट विंड एनर्जी से बिजली मिल रही है। फिलहाल रोटेशन के आधार पर बिजली कटौती की जा रही है। कोल इंडिया के अधिकारियों से बात चल रही है। अब कुल 14 से 17 रेक कोयला डिस्पेच हो रहा है। इससे हालात सुधरने लगे हैं।