गहलोत बोले- आज भी इंग्लिश नहीं बोल पाता:कहा- नेता अंग्रेजी में बात करे तो टोकता हूं- क्या यहां से जाऊं मैं

जयपुर3 महीने पहले

राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने बेबाकी के साथ कहा कि वह आज भी इंग्लिश नहीं बोल पाते और इसको लेकर उन्हें कभी कॉम्प्लेक्स फील नहीं हुआ। उन्होंने कहा, 'आज भी टूटी-फूटी इंग्लिश बोलकर काम चला रहा हूं। हिंदी भाषी राज्य के राजनेता भी अंग्रेजी में बात करना शुरू कर देते हैं। अगर मैं वहां होता हूं, तो उन्हें टोक देता हूं। मैं उनसे बोलता हूं कि अगर हिंदी में बात नहीं करोगे तो क्या मैं यहां से जाऊं?'

गहलोत बुधवार को हिंदी दिवस के मौके पर जयपुर के सवाई मानसिंह कॉलेज में आयोजित समारोह में बोल रहे थे।

जयपुर में हिंदी दिवस पर हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी बोलने व समझने वालों के साथ हिंदी में ही बात करनी चाहिए।
जयपुर में हिंदी दिवस पर हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी बोलने व समझने वालों के साथ हिंदी में ही बात करनी चाहिए।

इंग्लिश आज इंटरनेशनल भाषा बन गई है
मैं उन लोगों में से हूं, जिन्होंने उस वक्त इंग्लिश का विरोध किया था। आज मैं सरकार में हूं तो गांव में इंग्लिश मीडियम स्कूल खोल रहा हूं, क्योंकि अंग्रेजी इंटरनेशनल भाषा बन गई है। गहलोत ने कहा- 'आंदोलन होने पर हिंदी, इंग्लिश और लोकल भाषा का फार्मूला 1965 में आया।

बॉलीवुड से हिंदी की प्रोग्रेस
गहलोत ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय की पार्लियामेंट की कमेटी होती है। वह हर राज्य में पता करने जाती है कि हिंदी की कितनी प्रोग्रेस डिपार्टमेंट में हुई है। वह केवल एक फॉर्मेलिटी होती है। वह जाते हैं, मीटिंग करते हैं। उसका कोई मतलब नहीं निकलता। हमारे देश में हिंदी की प्रोग्रेस हुई है। उसका श्रेय बॉलीवुड को जाता है।'

CM ने कहा इसमें कोई घबराने की बात नहीं है। मैं 50 साल से ज्यादा राजनीति कर रहा हूं। 42 साल से पार्लियामेंट, तीन बार केंद्रीय मंत्री, 3 बार एआईसीसी का महामंत्री, तीन बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, तीन बार मुख्यमंत्री बन चुका हूं।

गहलोत ने कहा कि मुझे लगता है हिंदी भाषा बोलने वाले ज्यादा अच्छे से भावनाएं व्यक्त कर पाते हैं।

बता दें कि हिंदी दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में तीसरे नंबर पर है।