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नाईजीरियाई ठग सहित 3 शिकंजे में:कोऑपरेटिव बैंक का सर्वर हैक कर 28 खातों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर 86.42 लाख रुपए उड़ाए, ग्राहकों के मोबाइन नंबर की जगह अपने नंबर डाल दिया वारदात को अंजाम

जयपुर7 महीने पहले
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जालौर जिले में नागरिक सहकारी बैंक के कम्प्यूटर नेटवर्क को हैक कर 86.42 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाली गैंग के तीनों आरोपी - Dainik Bhaskar
जालौर जिले में नागरिक सहकारी बैंक के कम्प्यूटर नेटवर्क को हैक कर 86.42 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाली गैंग के तीनों आरोपी
  • राजस्थान एसओजी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात में 50 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की
  • पिछले साल जालोर में बैंक के मैनेजर ने दर्ज करवाया था मुकदमा, अब दिल्ली से पकड़े गए ठग
  • ज्यादा रकम वाले खातों की ट्रांजेक्शन लिमिट बढ़ाकर चोरी छिपे 28 नए खाते खुलवाए

प्रदेश के जालौर जिले में नागरिक सहकारी बैंक के कम्प्यूटर नेटवर्क (सर्वर) को हैक कर 86.42 लाख रुपये ऑनलाइन उड़ाने का बड़ा मामला सामने आया है। राजस्थान एसओजी की टीम ने एक नाइजीरियाई सहित तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दिल्ली में बैठकर नागरिक सहकारी बैंक के 28 खातों से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर अन्य खातों में रुपये निकाले। इस गैंग ने नागरिक सहकारी बैंक में अधिक राशि वाले खाताधारकों की पहचान की। फिर उनके खातों की ट्रांजैक्शन लिमिट को बढ़ाया। हैकर्स ने इन खाताधारकों के लिंक मोबाइल फोन नम्बरों की जगह खुद के मोबाइल फोन नम्बर डाल दिए, ताकि खाताधारकों को किसी भी लेनदेन की जानकारी न हो सके। आरोपियों ने बैंक के चार ऐसे खाते को चिह्नित किया, जिसमें रकम सबसे ज्यादा थीं। फर्जी कागजातों के आधार पर 28 नए खाते खुलवाये। इसके बाद महज दो घंटे में इन 28 खातों में करीब 86 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए।

इसके बाद तुरंत इस रकम को कई तरीके से दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिया। ठग का पता चलने पर बैंक के सीनियर मैनेजर हरीश ओझा ने 28 अक्टूबर 2020 को केस दर्ज करवाया। यह केस एसओजी को ट्रांसफर कर दिया गया। सओजी ने 7 माह बाद तीनों ठगों को पकड़ लिया। जालोर के बैंक में ठगी के 8 दिन पहले इसी गैंग ने उंझा गुजरात के कोऑपरेटिव बैंक से भी हैकिंग के मार्फत करीब 50 लाख रुपये निकाल लिए थे।

यूपी के बरेली से पकड़ा गया था पहला ठग

एसओजी एटीएस के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राशीद (32) निवासी धंतिया, फतेहगंज बरेली उत्तर प्रदेश का है। दूसरा आरोपी मुकेश विश्नोई (32) निवासी चितलवाला जिला जालौर है। वहीं तीसरा आरोपी ओमारोडियन ब्राइट (27) लोगास, बाड़ागरी रोड स्टेट, ईडो नाइजीरिया है। डीआईजी शरत कविराज के सुपरविजन में पुलिस इंस्पेक्टर उम्मेद सिंह सोलंकी और मनीष गुप्ता के नेतृत्व में गठित एसओजी टीम ने गैंग को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में रहकर अय्यूब हसन खां उर्फ अयूब खां (20) निवासी सीबी गंज, बरेली उत्तरप्रदेश को 30 नवंबर 2020 को पकड़ा था।

नेपाल बॉर्डर तक नेटवर्क

पूछताछ में अयूब हसन ने बताया कि उसने अपने आधार कार्ड व पैन कार्ड में कांट छांट कर अपने पिता का नाम एवं पता बदल लिया और फर्जी दस्तावेजों से 20 मोबाइल सिम जारी करवाए। इनसे 20 बैंक खाते खुलवाए। अयूब ने पूछताछ में बताया कि गैंग के ही साथी बरेली निवासी राशीद ने वहां कई स्थानीय युवकों को रुपयों का लालच देकर सैकड़ों बैंक खाते खुलवाए। उसे नेपाल सीमा जिला सिद्धार्थ नगर यू०पी० से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद गैंग के अन्य सदस्यों के नाम सामने आए। जिन्हें नामजद कर अब गिरफ्तार किया गया है।

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