राजस्थान में किडनी-लीवर का एकसाथ ट्रांसप्लांट हुआ:पत्नी और भाभी बनी डोनर, पहली बार एक मरीज के दोनों ट्रांसप्लांट एक साथ हुआ

जयपुर5 महीने पहले

राजस्थान में पहली बार किसी मरीज का एक साथ लीवर और किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। जयपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में यह ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के 21 दिन बाद गुरुवार को मरीज को छुट्‌टी दी गई। वह अब पूरी तरह ठीक है। इस ऑपरेशन को करने में 8 डॉक्टर्स की टीम को 15 घंटे का समय लगा।

हॉस्पिटल के लिवर ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट डॉ. शेलेन्द्र लालवानी ने बताया कि पुखराज नाम के मरीज की दोनों किडनियां खराब थी। कुछ समय से डायलिसिस करवाकर रहे थे। पिछले महीने जब वह पेट दर्द की शिकायत लेकर हॉस्पिटल पहुचे। उनकी जांच की तो पता चला कि उनकी किडनी खराब होने के साथ ही वह लीवर सिरोसिर की भी चपेट में आ चुके हैं। इसके कारण उनका लीवर भी डेमेज हो चुका है।

पत्नी और भाभी बनी डोनर
किडनी और लीवर खराब होने के बाद पुखराज को डॉक्टरों ने दोनों का ट्रांसप्लांट करने का सुझाव दिया। इसके लिए डोनर की जरूरत थी। समझाइश के बाद पुखराज की पत्नी ने एक किडनी, जबकि उनकी भाभी ने लीवर डोनेट करने का निर्णय किया। इसके बाद डॉक्टर्स की टीम ने डोनर और मरीजों की सभी जांचे करने के बाद दोनों ट्रांसप्लांट को एकसाथ करने का निर्णय किया।

राजस्थान में पहली बार ऐसा
राज्य में अभी तक किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट के अलग-अलग केस होते देखे है, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है जब दोनों एक साथ और एक समय में ट्रांसप्लांट किया गया हो। हॉस्पिटल के किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि जिस स्टेज में पुखराज की कंडिशन थी उसमें दोनों ट्रांसप्लांट करना जरूरी था। इसलिए हमने किडनी और लीवर दोनों को एकसाथ ट्रांसप्लांट करने की तैयारी की और ऑपरेशन किया, जो सफल रहा। उन्होंने बताया कि मरीज और डोनर को छुट्‌टी मिल गई है और सभी पूरी तरह ठीक है। उन्होंने बताया कि अभी तक दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में ही लीवर-किडनी ट्रांसप्लांट एक साथ होते है, लेकिन राजस्थान में पहली बार ऐसा हुआ है।