'मेरे प्रदेशाध्यक्ष रहते 156 सीट आई थी, फिर लाएंगे':मुख्यमंत्री का पायलट को जवाब- मेरे काम पर वोट मिले; हवा थी- गहलोत ही सीएम बने

जयपुर9 दिन पहले

सीएम अशोक गहलोत ने इशारों में सचिन पायलट को जवाब देते हुए कहा है कि 1998 में हमारी 156 सीट आई थी, उस समय मैं प्रदेशाध्यक्ष था। अब फिर हमें मिशन-156 पर काम करना है। उतनी ही सीटें वापस लानी है। मैं ऐसे ही रात दिन एक नहीं कर रहा हूं। मैं बिना सोचे समझे कोई बात नहीं बोलता हूं, मुझे गॉड गिफ्ट है, दिल की बात बोलता हूं। गहलोत ने 2018 की सरकार बनाने के पीछे भी खुद की सरकारों के कामकाज को ही कारण बताकर पायलट पर पलटवार किया।

गहलोत ने दावा किया- 2018 के चुनावों में पहले ही माहौल बन गया था कि गहलोत को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। गहलोत जयपुर एसएमएस स्टेडियम में गुरुवार को राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार जाने के 6 महीने बाद ही लोग याद करने लग जाते हैं कि गलती हो गई, पुरानी सरकार ही अच्छी थी।
गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार जाने के 6 महीने बाद ही लोग याद करने लग जाते हैं कि गलती हो गई, पुरानी सरकार ही अच्छी थी।

गहलोत ने कहा कि 2013 में मोदी की हवा बन गई थी, जिसकी वजह से हम 21 सीटों पर आ गए थे। हमारी सरकार के पुराने कामों के आधार पर ही वापस कांग्रेस सरकार बनी। 2018 में हमारी सरकार बनी उसका मुख्य कारण पुरानी सरकार के काम थे, 2018 में भी पुरानी सरकार के काम के आधार पर ही सरकार में आए थे।

यह मैं दावे से कह सकता हूं कि हमारी सरकार जाने के छह महीने बाद ही लोग याद करने लग जाते हैं कि गलती हो गई, पुरानी सरकार ही अच्छी थी। वो जो माहौल बनता है, बाकी के कारण भी होते हैं। हमारी पार्टी संघर्ष करती है, सड़कों पर उतरते हैं, कमेंट करती रहती है, गलतियां बताती है, यह सब चलता रहता है।

पहले ही हवा बन गई थी गहलोत काे मुख्यमंत्री बनना चाहिए
गहलोत ने कहा कि लोगों के यह दिमाग में था कि सरकार बदलकर गलती कर दी। इस बार 2018 के चुनावों में लोगों के दिमाग में था कि पिछली बार सरकार बदलकर गलती कर दी। पहले ही हवा बन बन गई थी, कांग्रेस सरकार बननी चाहिए और अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनना चाहिए। यह पब्लिक की आवाज थी, और खलक की आवाज खुदा की आवाज होती है, मतलब जनता की आवाज भगवान की आवाज होती है।

लोग कहते हैं मुख्यमंत्री भला आदमी है
गहलोत ने कहा कि चार साल बाद भी सरकार के खिलाफ कोई माहौल नहीं है। लोग कहते हैं कि मुख्यमंत्री भला आदमी है। कितना भला है यह आप जानते हो? भला मतलब लोग कहते हैं कि हमारा ध्यान रखता है, कोरोना में ध्यान रखा, भले का मतलब यही होता है। मुझे राजनीति आती नहीं है। मैं सेवा की राजनीति करता हूं और मेरा काम चल जाता है।

सीएम अशोक गहलोत गुरुवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने इशारों-इशारों में पायलट पर फिर निशाना साधा।
सीएम अशोक गहलोत गुरुवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने इशारों-इशारों में पायलट पर फिर निशाना साधा।

कई लोग 24 घंटे की राजनीति करते हैं उनमें से मैं भी एक हूं
गहलोत ने कहा- मेरी राजनीति सेवा पर टिकी है, उससे मैं कामयाब हुआ हूं। कामयाब होने के लिए पागलपन की हद तक जाना होता है। कई लोग 24 घंटे की राजनीति करते हैं, उनमें से मैं भी एक हूं।इसमें कोई दो राय नहीं कि राजनीति हो या कोई काम हो, दिल लगाकर करना चाहिए, जब तक आप पागलपन की हद तक राजनीति नहीं करो, पागलपन की हद तक काम-धंधा नहीं करो तब तक कामयाबी नहीं मिलती, उसके लिए पागल बनना पड़ता है।

बीजेपी नेताओं को दिल्ली से डांट पड़ती है, चार साल तक निकम्मापन क्यों दिखाया

गहलोत ने कहा कि 4 साल में विपक्ष पूरी तरह फेल हो चुका है। उन्हें दिल्ली से बार-बार डांट पड़ती है कि तुम कर क्या रहे हो। 4 साल तुम लोगों ने निकम्मा पन क्यों दिखाया। इसका जवाब बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व लगातार राजस्थान के नेताओं से पूछ रहा है। इसलिए बार-बार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा राजस्थान आ रहे हैं। यह इनसे जब केंद्रीय नेतृत्व के नेता सवाल करते हैं तब इनके पास कोई जवाब नहीं रहता है।

हमारी योजनाओं को देश के दूसरे राज्यों में लागू किया जा रहा

मुख्यमंत्री ने कहा- राजस्थान में कांग्रेस पार्टी फिर से सत्ता में आने वाली है। हमारा रास्ता पूरी तरह साफ है। 1998 में जो हमने सरकार बनाई थी, तब हमें 156 सीटें मिली थी। इसलिए इस बार हमने मिशन 156 पर काम शुरू कर दिया है। क्योंकि 4 साल में हमारी सरकार ने शानदार बजट पेश किए हैं। इस बार का बजट भी शानदार आएगा।

हम चाहते हैं कि राजस्थान को देश में नंबर वन स्टेट बनाएं। हमारी योजनाओं को देश के दूसरे राज्यों में लागू किया जा रहा है। हमारे यहां लिया गया हर फैसला आज देश में चर्चा का विषय है। हेल्थ सेक्टर से लेकर एजुकेशन तक सभी सेक्टर में हमारी सरकार ने अच्छा काम किया है। इसका रिजल्ट चुनाव में हमें मिलने वाला है।

सवाई मानसिंह स्टेडियम में सीएम अशोक गहलोत।
सवाई मानसिंह स्टेडियम में सीएम अशोक गहलोत।

उन्होंने कहा कि देशभर के कई अर्थशास्त्री आज ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) का विरोध कर रहे हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि 75 साल तक ओपीएस लागू रही। इसके बाद जिस देश में सुईं नहीं बनती थी, आज सब कुछ बन रहा है। ऐसा हो सकता है कि अर्थशास्त्रियों के पास अपने तर्क हों। जिस पर हमारे अधिकारी उनसे बातचीत के लिए तैयार हैं। सोशल कमिटमेंट होना जरूरी है। मानवीय दृष्टिकोण से भेदभाव नहीं होना चाहिए।

केंद्र सरकार आर्मी में ओपीएस लागू करती है, लेकिन बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में लागू नहीं है। इस तरह का भेदभाव आखिर क्यों किया जा रहा है। जो ओपीएस का फायदा ले रहे हैं। वह डीए छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। नए लोगों को म्यूचल फंड और शेयर बाजार के भरोसे छोड़ने के लिए तैयार हैं। इसलिए मेरा मानना है कि सोशल सिक्योरिटी को कभी भी मार्केट के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए।

यूं ही दिन रात नहीं लगा हूं
राजस्थान कांग्रेस इस बार मिशन 156 पर काम कर रही है। इस बार राजस्थान में सत्ता बदलने का ट्रेंड जरूर टूटेगा। मैं दिन-रात एक कर सरकार बचाने में और जनता के लिए काम करने में जुटा हुआ है। मुझे तीन बार कोरोना हुआ। फिर भी मैंने 500 बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। विपक्ष और सभी सामाजिक संगठनों को साथ लेकर हमने काम किया,दवाई से लेकर राशन तक दिया। ताकि राजस्थान की जनता को परेशानी न हो।

राजस्थान में मोदी पड़ाव डाले या नड्डा आए, कोई फर्क नहीं पड़ेगा

मुख्यमंत्री ने कहा- इस बार मेरी अंतरात्मा बोल रही है कि कोई भी हमारी कमियां बताएगा तो जनता उसे स्वीकार करने वाली नहीं है। इस बार चाहे राजस्थान में नरेंद्र मोदी पड़ाव डाले। नड्डा या आरएसएस के मोहन भागवत राजस्थान आए। कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। इन लोगों ने राजस्थान को टारगेट बना रखा है।

क्योंकि महाराष्ट्र, कर्नाटक, एमपी और गोवा जैसे राज्यों में हॉर्स ट्रेडिंग कर सरकार गिराई है। राजस्थान में यह लोग कामयाब नहीं हो पाएंगे। इसलिए मैं राजस्थान की जनता और विधायकों को इसलिए ही बार-बार धन्यवाद देता हूं। क्योंकि अगर वह लोग मेरा साथ नहीं देते तो आज मैं मुख्यमंत्री के रूप में यहां मौजूद नहीं होता।

पार्टी में भी आखिरी वक्त तक एकता रहेगी

गहलोत ने कहा कि मुझे लगता है कि पार्टी में भी आखिरी वक्त तक एकता रहेगी। सब लोग समझ जाएंगे कि जनता का मूड क्या है। हम सब मिलकर इस बार मैदान में उतरेंगे। मिशन 156 जरूर कामयाब होंगे। योगी ने यूपी में बुलडोजर चला दिया। तो मीडिया पूरे देश में उसे मॉडल बना रहा है। राजस्थान में 2019 से बुलडोजर चल रहे हैं। उसकी कोई चर्चा नहीं हो रही। अगर बुलडोजर धर्म के नाम पर चलता है तो उसकी पूरे देश में चर्चा होती है। यह स्थिति अच्छी नहीं है।

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