• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Congress MLA Rajendra Gudha Sat On A Dharna In The Chamber Of Jalade Chief Engineer, Said The Public Is Tripping For Water, The Officers Are Putting Up Hurdles

जल-भवन में हाई वोल्टेज ड्रामा:कांग्रेस विधायक राजेंद्र गुढ़ा चीफ इंजीनियर के चैंबर में धरने पर बैठे, बोले- जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही, अड़ंगा लगा रहे अफसर

जयपुर10 महीने पहले
जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर के चैंबर में धरना देते कांग्रेस विधायक राजेंद्र गुढ़ा।
  • गुढ़ा ने कहा- मेरे इलाके की जनता प्यासी मरे तो मेरे पास धरना देने के अलावा क्या चारा था?
  • कांग्रेस में कई विधायक ब्यूरोक्रेसी के हावी होने और काम नहीं होने का आरोप लगाते हैं

उदयपुरवाटी से कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा का अपनी ही पार्टी की सरकार में काम नहीं होने के कारण आज सब्र टूट गया। उदयपुररवाटी के गांवों को घर घर नल की स्कीम जल जीवन योजना से नहीं जोड़ने से नाराज गुढ़ा करीब दो घंटे तक जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर के चैंबर में फर्श पर बैठकर धरना देते रहे। इस दौरान गुढ़ा ने जलदाय चीफ इंजीनियर आरके मीणा और अन्य अफसरों को जमकर खरी खोटी सुनाई। गुढ़ा ने यहां तक कह दिया कि आप अफसर लोग अंग्रेजों के जमाने वाला व्यवहार कर रहे हो।

दोपहर बाद राजेंद्र गुढ़ा जलदाय विभाग के मुख्यालय पहुंचे और चीफ इंजीनियर आरके मीणा से मिले। गुढ़ा ने चीफ इंजीनियर आरके मीणा से उदयपुररवाटी क्षेत्र के पानी की समस्या वाले गावों में 66 करोड़ की छोटी पेयजल स्कीम्स को रद्द करने और घर-घर नल पानी पहुंचाने की स्कीम में गांवों को नहीं करने पर नाराजगी जताई। चीफ इंजीनियर ने तर्क दिया कि प्रस्ताव दिल्ली भेजा जा चुका आप लेट हो गए। इस पर गुढ़ा नाराज हो गए और वहीं फर्श पर बैठ गए।

इस दौरान चीफ इंजीनियर को खरी खोटी भी सुनाते रहे। दो घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बाद में जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने फोन पर गुढ़ा को उनके क्षेत्र के गांवों में पानी की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। चीफ इंजीनियर ने भी उदयपुरवाटी क्षेत्र के गांवों को जल जीवन योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना खत्म किया। शााम को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी गुढ़ा से फोन पर बात की।

‘जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है’
राजेंद्र गुढ़ा ने अफसरों पर बरसते हुए कहा, ‘मैं एक चुना हुआ प्रतिनिधि हूं, मेरी यह स्थिति है तो आम आदमी की क्या हालत होगी यहां? आप तो अंग्रेज अफसरों से भी बड़े हो गए। जनता से गुलामों से भी बदतर व्यवहार हो रहा है। जनता पानी के लिए त्राहि त्राहि कर रही है और आप कह रहे हैं कि लेट हो गए। एक परीक्षा पास करके इंजीनियर बन गए, हमें जनता के पास रोज परीक्षा पास करना होता है।’

मेरे इलाके की जनता प्यासी मरे तो मेरे पास धरना देने के अलावा क्या चारा था : गुढा
राजेंद्र गुढा ने कहा, ‘मेरे इलाके के कई गावों में पीने के पानी की किल्लत है। मैंने इन गांवों को घर-घर नल की स्कीम से जोड़ने और गर्मियों में पानी की व्यवस्था के लिए छोटी पेयजल स्कीम से जोड़ने की मांग जलदाय मंत्री बीडी कल्ला से की थी। मंत्री ने मंजूर कर दी लेकिन, अफसरों ने यह कहकर अड़ंगा लगा दिया कि इन गांवों को कुंभाराम लिफ्ट परियोजना से जोड़ा जाएगा। यह परियोजना चार साल बाद आएगी तब तक जनता प्यासी थोड़ी ही रहेगी।’

असंतुष्ट विधायकों के आरोपों की पुष्टि
कांग्रेस में कई असंतुष्ट विधायक ब्यूरोक्रेसी के हावी होने और काम नहीं होने का आरोप लगाते हैं। आज गुढ़ा उन आरोपों को खुले में ले आए। आज के घटनाक्रम से यह साबित हो गया कि जनता से जुड़ी योजनाओं का धरातल पर हाल कितना खराब है।

खबरें और भी हैं...