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कोरोनाकाल:बातों में बनाते रहे कंटेनमेंट जोन; संक्रमितों की लिस्ट ही लॉकडाउन, 692 नए संक्रमित, 4 ने तोड़ा दम

जयपुर10 महीने पहले
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  • चिकित्सा विभाग- हम रोज कोविड पेशेंट की सूची प्रशासन को दे रहे हैं
  • प्रशासन- हमें कई दिन से कोरोना संक्रमितों की कोई लिस्ट नहीं मिली
  • पुलिस- हमें तो कहीं से भी रोगियों की जानकारी मिल ही नहीं रही है

कोरोना संक्रमण के केस लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। रोग का रिकाॅर्ड बनता है, टूटता है और फिर एक क्रम मेंं मरीज बढ़ते हैं। पूरा नवंबर ऐसा ही बीता। दिसंबर-2020 का पहला दिन... कल का रिकॉर्ड टूटा तो नहीं लेकिन नए मरीज 692 मिल गए। चार और जयपुरवासियों को कोरोना खा गया। मंगलवार को जयपुर में आए केस राजस्थान में मिले कुल मरीजों का 30 प्रतिशत हिस्सा हैं। यानी जयपुर तेजी से बीमार हो रहा है। अब कुल पॉजिटिव आंकड़ा 48,463 और कुल मृतक 439 हो गए हैं। केस इसी रफ्तार से बढ़ते रहे तो अगले चार दिनों में जयपुर 50 हजारी हो जाएगा।

अब कोरोना कंट्रोल के सरकारी और विभागीय प्रयासों की बात...सरकार ने नाइट कर्फ्यू लगा रखा है। लेकिन, इस नाइट कर्फ्यू में इतनी रियाततें हैं कि इसे कर्फ्यू कहना गलत होगा, ये सिर्फ बाजारों को जल्द बंद करनी की व्यवस्था हुई है। बस-रेल-हवाई जहाज के यात्री और इन यात्रियों से जुड़ी ऑटो, कैब, कार सेवा चालू है। शादियां हैं तो घराती-बाराती और मेहमानों को विशेष छूट है। रात में चलने वाले काम-धंधे, व्यापार, दफ्तर, कारखानों के कर्मचारियों को बिना पास पूरी छूट है। ये नाइट कर्फ्यू है।

सरकार ने कंटेनमेंट जोन तय कर लॉकडाउन की व्यवस्था 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक के लिए दी है। जोन तय करने की जिम्मेदारी कलेक्टर को है। लेकिन, जयपुर में पहला दिन इस व्यवस्था के बगैर गुजरा। कलेक्टर, सीएमएचओ और पुलिस...तीनों को जोन तय कर लॉकडाउन लगाना है, मगर तीनों को ही नहीं पता कंटेनमेंट जोन कहां बनाने हैं, कहां लॉकडाउन लगेगा। इस सबके बीच, जयपुरवासी असमंजस में हैं- उनको पता ही नहीं चल रहा है कि उनके आसपास कौन कोरोना मरीज है।

मानसरोवर, वैशाली, झोटवाड़ा, मालवीय नगर, सोढ़ाला जैसे इलाकों में एक सप्ताह में 200 से ज्यादा मरीज मिल चुके...यहां के लोग पूछ रहे हैं- क्या वे कंटेनमेंट जोन में हैं? क्या उनके यहां लॉकडाउन लग रहा है? हालांकि तीनों ही जिम्मेदार (कलेक्टर, सीएमएचओ और पुलिस) इन सवालों का जवाब अभी तक नहीं ढूंढ़ पाए हैं। टालमटोल जारी है। प्रशासन का कहना है कि उनके पास संक्रमितों की लिस्ट नहीं आ रही तो चिकित्सा विभाग का कहना है कि वे समय पर लिस्ट दे रहे हैं। वहीं पुलिस इन दोनों के बीच का “तमाशा” देखकर साइलेंट जोन में है।

3 तिगाड़ा काम बिगाड़ा

चिकित्सा विभाग बोला- हमारी तरफ से कहीं कोई कमी नहीं है
सीएमएचओ प्रथम नरोत्तम शर्मा ने कहा- कलेक्टर के निर्देश पर कमिश्नरेट पुलिस को शहर में पॉजिटिव मरीजों के नाम और पते भिजवा दिए गए हैं । इसके बाद थाना पुलिस उन पर निगरानी रखेगी। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पीएचसी की टीमों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। वे अपने क्षेत्र में कोरोना मरीजों के यहां पर कोरोना संक्रमण का नोटिस जरूर चिपकाएं। हमारी तरफ से काम में काेई कमी नहीं है।
प्रशासन बोला- जहां की सूचना आती है, वहां पाबंद रहे हैं
कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने कहा - हमें तो कई दिन से लिस्ट ही नहीं मिल रही है। शहर में माइक्रो कंटेंटमेंट जोन बनाए गए हैं। जिस घर में कोरोना पॉजिटिव की सूचना आती है, उसी घर में रहने वालों को पाबंद कर रहे हैं। लॉकडाउन के लिए गली में 5 से ज्यादा लोग आने पर इंसिडेंट कमांडर के साथ वार्ता कर उस गली को बंद किया जाएगा।
पुलिस बोली- हमें कोई बताए तो
एडिशनल पुलिस कमिशनर राहुल प्रकाश ने कहा - किसी भी ओर से हमें कोई भी कंटेनमेंट जोन की सूची या जानकारी नहीं मिल रही है। लेकिन हमनें अपने स्तर पर सभी एचएसओ को निर्देश दे दिए हैं। जिला प्रशासन या मेडिकल टीम सदस्य के साथ जाकर कोरोना पॉजिटिव मरीजों को घर में ही रहने के लिए पाबंद करें।

पैनडेमिक- औपचारिकताएं

दिखावे की बैठकें- मंगलवार को कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। तय हुआ- सीएमएचओ पुलिस को पॉजिटिव मरीजों की सूची भेजेगा। थाना इलाके में बीट कांस्टेबल पॉजिटिव मरीजों के घर जाएंगे और उन्हें पाबंद करेंगे। चिकित्सा टीम जाकर पॉजिटिव मरीजों के घर पर नोटिस चस्पा करेगी।
नोटिस नहीं लग रहे- डेढ़ माह से कोरोना संक्रमित मरीजों के घरों को चिह्नित कर उनके घर के बाहर कोविड पॉजिटिव होने के नोटिस नहीं लगाए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमित के घरों के आसपास कंटेंटमेंट जोन बनाने के नाम पर भी कुछ नहीं किया गया। अभी पूरा काम चिकित्सा विभाग के भरोसे छोड़ दिया गया है और प्रशासन और पुलिस कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

जयपुरवासी बोले- हमें बताओ तो सही कि किस घर में कोरोना, तभी तो हम संक्रमण रोक पाएंगे

कोरोना संक्रमित आने के बाद उसके घर पर कोविड नोटिस चिपकाने और आसपास के लोगों को अलर्ट करने का भास्कर टीम ने रियलिटी चेक किया। कोरोना संक्रमित के घर के आसपास के लोगों से बात करने पर बताया कि ना तो उन्हें पता है किउनके घर के पास कोई कोरोना संक्रमित आया है और ना ही कोई मेडिकल की टीम और पुलिस ने यहां आकर लोगों को अलर्ट किया है । रिपोर्टर ने जब संक्रमित व्यक्तियों के नाम बताया तो बात कर रहे व्यक्तियों ने बताया कि संक्रमित तो आराम से घूम रहे हैं।

1. वैशाली के चित्रकूट डी ब्लॉक में सोमवार को कोरोना संक्रमित आया लेकिन आस-पड़ोस में लोगों को उसका पता नहीं लग पाया। लोगों ने बताया कि संक्रमित के बारे में न तो प्रसाशन ने, न पुलिस ने आकर अलर्ट किया और ना ही उसके घर पर किसी मेडिकल टीम ने पहुंचकर कोर्ट नोटिस चिपकाया। रस्ते में लोगों का भी उनके घर में आना जाना था।

2. अजमेर रोड विद्युत नगर में 2 दिन पहले संक्रमित आया लेकिन मंगलवार को भी पड़ोसियों को पता नहीं चल पाया। पड़ोसियों को जब संक्रमित का नाम बताया गया तो वे डर गए। उन्होंने कहा जो संक्रमित है वह कॉलोनी में आराम से घूम रहा है । उसके संपर्क में तो कई लोग आए हैं । मरीज की छोटी सी लापरवाही से कई लोग संक्रमित हो सकते है।

खतरा टला नहीं, बढ़ा है

याद रखिए- कोरोना का खतरा टला नहीं है, लगातार बढ़ रहा है। वैशाली नगर से 36, मानसरोवर से 35, झोटवाड़ा से 34, मालवीय नगर और सोडाला से 33, जगतपुरा से 29, सांगानेर, दुर्गापुरा और अजमेर रोड से 28-28, जवाहर नगर और गोपालपुरा से 25-25, बनीपार्क से 21, प्रताप नगर और आदर्श नगर से 19-19, विद्याधर नगर, सी-स्कीम में 16-16, टोंक रोड, टोंक फाटक, शास्त्री नगर, मुरलीपुरा से 15-15, कोटपुतली में 11, राजापार्क, बजाज नगर में 10-10, लाल कोठी में 9, गांधी नगर, गुर्जर की थड़ी, चांदपोल में 8-8, त्रिवेणी नगर, चौड़ा रास्ता, बापू नगर में 7-7, सिविल लाइन, तिलक नगर में 6-6, बस्सी, एमडी रोड, फागी, फुलेरा में 5-5, एसएमएस, सिरसी, सीकर रोड, जमवारामगढ़ में 4-4, गोनेर राेड, जामडोली, अंबावाड़ी में 3-3, विराट नगर, आमेर, बगरू, चाकसू, हरमाड़ा, हसनपुरा, जोबनेर, सांभर, रामगंज में 2-2, सुभाष चौक, रामगढ़ मोड, मानक चौक, जालुपरा, गलता गेट, ईदगाह में 1-1 केस सामने आया है।

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