• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Cooperative: If The Documents Are Not Given, The Guilty Officer Will Be Imprisoned For 1 Year, RCDF: Change The IO, Will Provide The Documents Immediately

सहकारिता विभाग की चेतावनी:दस्तावेज नहीं दिए तो दोषी अफसर को 1 साल कैद होगी, आरसीडीएफ का जवाब आईओ को बदल दें, तुरंत दस्तावेज उपलब्ध करा देंगे

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: नरेश वशिष्ठ
  • कॉपी लिंक
एसीबी की ओर से सौंपी गई भ्रष्टाचार की जांच को लेकर राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन और सहकारिता विभाग के अफसर आमने-सामने हो गए हैं। - Dainik Bhaskar
एसीबी की ओर से सौंपी गई भ्रष्टाचार की जांच को लेकर राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन और सहकारिता विभाग के अफसर आमने-सामने हो गए हैं।

एसीबी की ओर से सौंपी गई भ्रष्टाचार की जांच को लेकर राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन और सहकारिता विभाग के अफसर आमने-सामने हो गए हैं। एसीबी को आरसीडीएफ के माध्यम से बनाए गए नवनिर्मित गोविंदगढ़ दूध प्लांट, मालपुरा स्थित पैकिंग प्लांट और बिना ज़रुरत नया भवन बनाकर 7 नई लैब बनाने में हुए भ्रष्टाचार को लेकर आठ महीने पहले शिकायत मिली थी।

शिकायत के एक महीने बाद ही एसीबी ने परिवाद दर्ज करके जांच के लिए सहकारिता रजिस्ट्रार को नियुक्त कर दिया। रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल ने तीनों मामलों की धारा-55 के तहत की जाने वाली जांच के लिए अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रोसेसिंग) जितेंद्र प्रसाद को नियुक्त किया। अति. रजिस्ट्रार ने जांच के लिए आरसीडीएफ से दस्तावेज मांग ताे दस्तावेज देने की अपेक्षा आईओ बदलने के लिए पत्र लिख दिया।

दोनों के बीच चल रहे विवाद की वजह से परिवाद दर्ज होने के आठ महीने बाद भी जांच शुरू नहीं हाे पाई है। अगर जांच में भ्रष्टाचार को खुलासा होता है तो आरसीडीएफ के एफए लखपत मीणा, महाप्रबंधक एल सी बलाई, अस्सिटेंट प्रोजेक्ट मैनेजर डीएस वर्मा पर कार्रवाई होना तय हैं। तीनों अफसरों पर ही तीनों प्रोजेक्ट का जिम्मा था।

पूर्व एमडी ने रजिस्ट्रार को पत्र लिखा था...डेयरी प्लांट की जांच हो चुकी है...अब औचित्य नहीं
तत्कालीन आरसीडीएफ एमडी कन्हैया लाल स्वामी ने 6 अगस्त को लिखे पत्र में कहा था कि गोविंदगढ़ डेयरी प्लांट की जांच हो चुकी है। अब जांच का औचित्य नहीं है। वहीं मालपुरा स्थित पैकिंग प्लांट और लैब संबंधित बिंदुओं की आईओ पर आरसीडीएफ अफसरों को विश्वास नहीं है। दूसरा पत्र महाप्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन एल सी बलाई ने 29 अक्टूबर को पत्र लिख कहा कि जब तक जांच अधिकारी नहीं बदला जाएगा तब तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे।

8 माह बाद भी दस्तावेज नहीं देने और जांच में असहयोग पर आईओ ने आरसीडीएफ एमडी को महाप्रबंधक (कार्मिक एवं शासन) एलसी बलाई पर कार्रवाई के लिए 8 नवम्बर काे पत्र लिखा है। इसमें साफ है कि असहयोग करने सहकारिता अधिनियम के तहत एक साल तक का कारावास और 25 हजार रुपए तक जुर्माना लगाने को प्रावधान हैं।

दूसरी ओर, जांच शुरू होने से पहले ही आईओ बदलने को आरसीडीएफ के पत्र से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आरसीडीएफ अधिकारियों ने भ्रष्टाचार नहीं किया है तो दस्तावेज उपलब्ध कराने से क्यों डर रहे हैं? आईओ क्यों बदलवा रहे हैं ?

एसीबी के पत्र के बाद धारा-55 की जांच के लिए अतिरिक्त रजिस्ट्रार को नियुक्त किया गया है, लेकिन कई बार पत्र लिखने के बाद भी आरसीडीएफ अधिकारी दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपेक्षा जांच अधिकारी बदलने का दबाव बना रहे हैं।-मुक्तानंद अग्रवाल, रजिस्ट्रार, सहकारिता

मेरे जानकारी में मामला अभी सामने आया है। मैंने पूरे मामले की जानकारी मांगते हुए दस्तावेज उपलब्ध कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। -विश्राम मीना, एमडी आरसीडीएफ

खबरें और भी हैं...