पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Corona Has An Effect Not Only On The Langs But Also On The 'heartbeat': A Direct Attack On The Conduction Of The Virus Tissue ... Results In Reduced Heartbeat Of Patients

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

संक्रमण:कोरोना का लंग्स पर ही नहीं ‘दिल की धड़कन’ पर भी असर : वायरस का कंडक्शन टिश्यू पर सीधा वार, नतीजा मरीजों की धड़कन कम

जयपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कोरोना वायरस का कंडक्शन टिश्यू पर सीधा वार करने से हार्ट रेट कम और कंपलीट हार्ट ब्लॉक हो रहा है
  • एसएमएस में आए कोरोना मरीजों की जांच में हार्ट रेट 28 से 35 प्रति मिनट मिली, सामान्य हार्ट रेट 60 से 80 प्रति मिनट

(सुरेन्द्र स्वामी)। देश-दुनिया में फैला कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आने वाले मरीजों के न केवल लंग्स बल्कि दिल की धड़कन पर भी असर डाल रहा है। कोरोना वायरस का कंडक्शन टिश्यू पर सीधा वार करने से हार्ट रेट कम और कंपलीट हार्ट ब्लॉक हो रहा है। एसएमएस अस्पताल के कार्डियोलोजी विभाग में ऐसे मामले देखने को मिले है। वायरस हार्ट के अंदर जाकर कंडक्शन टिश्यू पर वार करने से हार्ट ब्लॉक होने से दिल की धड़कन कम हो जाती है। लापरवाही बरतने पर जान भी जा सकती है।

एसएमएस अस्पताल के कार्डियोलोजिस्ट डॉ.दीपक माहेश्वरी का कहना है कि कोरोना में दिल की धड़कन कम होने के मामले सामने आए है। दिल की धड़कन बढ़ने के ज्यादा केसेज देखे है। कोरोनाकाल में दिल की धड़कन कम होने वाले मरीजों की मॉनिटरिंग करने पर पाया कि 4 से 6 सप्ताह में रिकवर हुए है।

कार्डियोलोजिस्ट डॉ. दिनेश गौतम के अनुसार एक सामान्य मरीज की हार्ट रेट 60 से 80 प्रति मिनट होती है। लेकिन इससे कम होने पर चक्कर आना, खून की कमी, बेहोशी जैसी हालत हो जाती है। दिल की धड़कन कम होने पर विशेषकर कोरोना के मरीजों को डॉक्टर से तुरन्त सलाह लेकर इलाज कराना चाहिए।

चार सप्ताह में ही मरीज की हार्ट रेट सामान्य होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया

केस 1

एक सीनियर विधायक को कोरोना वायरस के कारण हार्ट रेट कम यानि 30 प्रति मिनट थी, जो कम है। ईसीजी जांच में कंपलीट हार्ट ब्लॉक पाया गया। लेकिन हालत स्थिर होने से पेसमेकर मशीन की जरुरत नहीं पड़ी। चार सप्ताह में ही मरीज की हार्ट रेट सामान्य होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया।
केस 2

कोटा निवासी 45 वर्षीय एक डॉक्टर सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ एसएमएस अस्पताल में भर्ती हुआ था। ईसीजी जांच में हार्ट रेट 28 प्रति मिनट थी। और कंपलीट हार्ट ब्लॉक था। जिसके कारण टेम्परेरी पेसमेकर लगाना पड़ा। तीन सप्ताह बाद हार्ट रेट सामान्य होने पर पेसमेकर को हटा दिया।

केस 3

जयपुर निवासी 70 वर्षीय एक व्यक्ति को चक्कर आने और बेहोशी की हालत में परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया। मरीज की हार्ट रेट 35 प्रति मिनट थी। ईसीजी जांच में कंपलीट हार्ट ब्लॉक के कारण टेम्परेरी पेसमेकर लगाया। बाद में स्थायी पेसमेकर लगाया गया।

  • एसएमएस अस्पताल में कोरोना मरीजों में दिल की धड़कन कम वाले मामले मिले है। ज्यादातर मरीज ठीक होकर गए है। हालांकि एक से दो सप्ताह में मरीज ठीक हो जातेे है, लेकिन कुछ मरीजों में 4 से 6 सप्ताह तक लगे है। - डॉ.एस.एम.शर्मा, विभागाध्यक्ष (कार्डियोलोजी) एसएमएस अस्पताल, जयपुर

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- घर के बड़े बुजुर्गों की देखभाल व उनका मान-सम्मान करना, आपके भाग्य में वृद्धि करेगा। राजनीतिक संपर्क आपके लिए शुभ अवसर प्रदान करेंगे। आज का दिन विशेष तौर पर महिलाओं के लिए बहुत ही शुभ है। उनकी ...

और पढ़ें