खतरा बढ़ रहा है:कोरोना की इस लहर में आरयूएचएस में पहली बार 3 बच्चे भर्ती, सिर्फ 20% बच्चों की जांच

जयपुर19 दिन पहलेलेखक: संदीप शर्मा
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बच्चों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जेके लोन अस्पताल में 80 एनआईसीयू तैयार किए गए हैं और 100 पीआईसीयू में से 50 तैयार हैं। - Dainik Bhaskar
बच्चों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जेके लोन अस्पताल में 80 एनआईसीयू तैयार किए गए हैं और 100 पीआईसीयू में से 50 तैयार हैं।

कोरोना के बढ़ते केस के बीच बच्चों में खतरा बढ़ रहा है। हालांकि अभी अतिगंभीर हालात नहीं हुए हैं लेकिन इस लहर में पहली बार बच्चों को आरयूएचएस में भर्ती करना पड़ा है। सांस लेने में तकलीफ के अलावा अन्य लक्षणों के चलते और तबीयत खराब होने की वजह से अभी तीन बच्चों को वहां शिफ्ट किया गया। ये तीनों कोविड पॉजिटिव हैं और ऑमिक्रॉन की रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं डॉक्टर्स का कहना है कि इस बार बच्चाें को खतरा अधिक है, इसलिए आरयूएचएस पर निर्भर रहने के अलावा जेके लोन अस्पताल को पूरी तरह तैयार किया गया है। 43 बेड का नया आईसीयू तैयार कर दिया गया है। अभी और बेड बढ़ाने की कवायद चल रही है।

जांच नहीं कराते, इसलिए खतरा अधिक
डॉक्टर्स परेशान हैं कि माता-पिता बच्चों का कोविड टेस्ट नहीं करा रहे। खांसी-जुकाम और सांस में तकलीफ के अलावा अन्य लक्षण होने के बावजूद भी सिर्फ दवा लेने की ही बात करते हैं और टेस्ट नहीं कराते। सामने आया है कि जिन 10 बच्चों में कोविड टेस्ट के लिए कहा जाता है, उनमें से केवल दो ही कराते हैं। अस्पताल के डॉ. मनीष शर्मा बताते हैं- बच्चों का टेस्ट नहीं कराना चिंताजनक है। ऐसे में पॉजिटिव बच्चा कई को संक्रमित कर सकता है और किस बच्चे में इंफेक्शन का कितना लोड है, यह पता नहीं चल सकता। यदि कोई बच्चा पॉजिटिव भी आता है तो उसे आईसोलेट कर उसे सही इलाज दिया जा सकता है।

ओपीडी में मरीज तीन गुना तक बढ़े
सर्दी-जुकाम-खांसी के काफी केस बढ़े हैं और बच्चों में सांस लेने की तकलीफ के साथ पसलियों में दर्द और इंफेक्शन केस आ रहे हैं।

- 700 से अधिक ऐसे वायरल पीड़ित आ रहे हैं रोजाना अकेले जेके लोन अस्पताल में ।

- 15 दिन पहले तक 300 तक केस ही आ रहे थे। डॉक्टर्स को डर है केस और बढ़ सकते हैं।

दावा आईसीयू, वेंटीलेटर की कमी नहीं होगी
अधीक्षक डॉ. अरविंद शुक्ला बताते हैं कि बच्चों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जेके लोन अस्पताल में 80 एनआईसीयू तैयार किए गए हैं और 100 पीआईसीयू में से 50 तैयार हैं। शेष जनवरी के अंत तक पूरे हो जाएंगे। वहीं मल्टीपेरा मॉनिटर भी 345 हो गए हैं जो कि पहले केवल 135 थे। साथ ही इंफ्यूजन पंप भी 600 खरीद लिए गए हैं। 72 वेंटीलेटर आ गए हैं और अभी करीब 100 और आएंगे। इनके बाद किसी भी बच्चे को उपकरणों की कमी नहीं होेगी। इसके अलावा इमरजेंसी को भी पूरी तरह से रिनावेट किया जा रहा है और काफी बच्चाें काे भी यहां रख कर बेहतर इलाज दिया जा सकेगा।