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अनदेखी:34 सरकारी नर्सिंगकर्मियों की माैत, मुआवजा सिर्फ दो को ही

जयपुर20 दिन पहले
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34 सरकारी नर्सिंगकर्मियों की माैत हो चुकी है जबकि मुआवजा सिर्फ दो को ही मिला है। - Dainik Bhaskar
34 सरकारी नर्सिंगकर्मियों की माैत हो चुकी है जबकि मुआवजा सिर्फ दो को ही मिला है।

कोरोना डयूटी में लगे वॉरियर्स की जान लगातार जा रही है। न केवल डॉक्टर्स, रेजीडेंट बल्कि वार्डों में मरीजों के साथ हर समय साथ रहने वाले नर्सिंग स्टाफ की भी लगातार जान जा रही है। आंकड़ों की बात करें तो अस्पतालों में काम करने वाले 54 नर्सिंग स्टाफ की जान जा चुकी है। 34 नर्सिंगकर्मी तो वे हैं जिन्होंने प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में काम करते हुए जान दी।

यानि कोरोना वार्डों, आईसीयू और कोरोना मरीजों के साथ काम करते हुए कोविड पॉजिटिव हुए और जान चली गई। सरकार की ओर से निर्धारित राशि अभी केवल दो जनों को ही मिली है। अन्य नर्सिंगकर्मियों के परिजनों की ओर से गुहार लगाई जा रही है ताकि जल्दी से जल्दी पैसा मिल सके। इनमें कई ऐसे भी परिवार हैं जिनके छोटे बच्चे और माता-पिता ही है।

पति और पत्नी दोनों की 6 दिन के अंतराल में हुई मौत

अजमेर जेएलएन मेडिकल कॉलेज में कार्यरत नर्स ग्रेड प्रथम करतार सिंह और चंदावति को कोरोना हुआ। 5 मई चंदावति की मौत हुई और 11 मई को करतार सिंह भी दुनिया छोड़ गए। इसके अलावा एसएमएस के मंजू राय, हेराल्ड जोसफ और कांवटिया अस्पताल के दयाराम अहलूवालिया की भी कोरोना में ड्यूूटी के दौरान जान गई।

भैंरूलाल शर्मा, नसीम बानो, सुदीप मेडावत, कृष्ण गोपाल, मुरलीधर शर्मा, ओमप्रकाश, विनोद कुमार सक्रिया, नारायण लाल सोलंकी, मुकेश कुमार, लक्ष्मीकांत, मोहम्मद रफीक भाटी, रंजीत सिंह, प्रभा मीणा, सुजाता, बृजप्रकाश रागा और संंजू देवी की भी कोरोना से माैत हुई। इस संख्या के अलावा निजी अस्पतालों में भी नर्सिंगकर्मियों की जान गई हैं। हालांकि सरकार के पास इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन दैनिक भास्कर ने विभिन्न जिलों के सरकारी अस्पतालों से यह संख्या जुटाई है।

कोविड में ड्यूटी करते हुए सरकारी अस्पतालों के ही 34 नर्सिंग स्टाफ की जान गई है। एसोसिएशन के माध्यम से हम सभी कर्मियों और साथियों के लिए सरकार से मांग करते हैं कि उन्हें जल्दी से जल्दी निर्धारित राशि दी जाए। कई स्टाफ ऐसा है, जिनके बच्चाें और माता-पिता को संभालने वाला कोई नहीं। ऐसे में यदि उन्हें सरकार शीघ्र भुगतान कर देती है, तो उनके जीवन का कुछ दर्द कम हो सकेगा। -सुनील शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन

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