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माल परिवहन को सुगम-पारदर्शी बनाने का प्रयास:दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का सारथी बनेगा डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर; 2025 तक 70% मालगाड़ियां डीएफसी पर दौड़ेंगी, अभी की गाड़ियों जितना होगा भाड़ा

जयपुर4 महीने पहलेलेखक: शिवांग चतुर्वेदी
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माल परिवहन को सुगम-पारदर्शी बनाने के केंद्र सरकार के प्रयासों के तहत पिछले दिनों पीएम नरेन्द्र मोदी ने वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के रेवाड़ी से पालनपुर के गलियारे (कॉरिडोर) को मालवाहन के लिए शुरू किया। तब से मुंबई या अहमदाबाद से राजस्थान होते हुए दिल्ली जाने वाली 55% गुड्स ट्रेनें इसी गलियारे से चल रही हैं। हालांकि मुंबई के जेएलएन पोर्ट से नोएडा के दादरी तक फैले कॉरिडोर का काम 2024 तक पूरा होगा।

रेलवे के मुख्य प्रवक्ता कैप्टन शशि किरण ने बताया कि एनडब्लयूआर के अधीन आने वाले सेक्शन का काम पूरा हो गया है। ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर का 80% काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य जून 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन कोरोना के कारण डेढ़ साल और लगेगा। वेस्टर्न कॉरिडोर के पूरा होने के बाद दिल्ली से रेवाड़ी, फुलेरा (आरपीसी), जयपुर के रास्ते अहमदाबाद और मुंबई जाने वाली 50% मालगाड़ी यहीं से चलेंगी।
25 टन माल लेकर 100 की स्पीड से दौड़ेगी ट्रेन
डीएफसी ट्रैक पर 110 की रफ्तार स्वीकृत है। वर्तमान कंटेनर की क्षमता 22.5 टन है और डिजाइन पुरानी होने से अधिकतम 80 की रफ्तार पर ही दौड़ रहे हैं। बीते साल सितंबर में आरडीएसओ ने फुलेरा से अटेली के बीच 25 टन के नए डिजाइन कंटेनर से 100 की स्पीड से ट्रायल रन किया था, जो सफल रहा। अब रेलवे 25 टन की क्षमता वाले नए कंटेनर बना रही है, जो जल्दी ही डीएफसी ट्रैक पर दौड़ेंगे। मौजूदा गुड्स ट्रेनों और डीएफसी की गुड्स ट्रेन का भाड़ा समान होगा।

फील्ड स्टाफ देगा रियल टाइम पोजिशन
डीएफसी में मोबाइल ट्रेन रेडियो सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत ट्रैक पर काम करने वाले सहित ट्रेन चलाने वाले स्टाफ को विशेष मोबाइल इक्यूपमेंट दिया गया है। इससे पेट्रोलिंग के दौरान ट्रैक की रियल टाइम पोजिशन सभी के साथ शेयर की जा रही है।

ट्रैक पर पानी भरा तो भी नहीं रुकेगी ट्रेन
वेस्टर्न डीएफसी के जीएम अनुराग और जीएम (सीसी/डीएफसीसीआईएल) अमित सौराष्ट्री ने बताया कि बारिश में ट्रैक पर पानी भरने से हादसे की आशंका बढ़ जाती है। डीएफसी ने अब ट्रैक पर बने एक्सेल काउंटर पर ही सेंसर पॉइंट लगा दिए हैं। अब ट्रैक पर पानी भरा तो भी ट्रेन संचालन प्रभावित नहीं होगा।

रेवाड़ी से पालनपुर तक 659 किमी सेक्शन पर माल ढुलाई शुरू

  • ईस्टर्न और वेस्टर्न परियोजना का 80% काम पूरा हो चुका है। वेस्टर्न कॉरिडोर के रेवाड़ी से पालनपुर तक 659 किमी सेक्शन को शुरू कर दिया है और माल ढुलाई नियमित रूप से चल रही है। स्थितियां सामान्य रही तो डीएफसीसीआईएल परियोजना को 2023 पूरा कर लिया जाएगा। लगभग 70 प्रतिशत गुड्स ट्रेनों का संचालन डीएफसी ट्रैक से किया जाएगा। डब्ल्यूडीएफसी में पहली बार ‘ट्रक ऑन ट्रेन’ सेवा की शुरुआत की गई है, जिसमे विशेष वैगन पर ट्रक लाद कर उसे गंतव्य तक पहुंचाया जाता है। इससे कई ट्रक (ड्राइवरलेस) एक साथ अपना रास्ता तय करते हैं। - आरके जैन, एमडी, डीएफसीसीआईएल
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