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अब पाक बॉर्डर के पास लैंड हुए हरक्युलिस व सुखोई:रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सीधे एयर स्ट्रीप पर आज हरक्युलिस से लैंड करेंगे

बाड़मेर/जयपुर4 महीने पहलेलेखक: लाखाराम जाखड़
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इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड पर वायुसेना के सुखोई-30, एएन 32, सी 130 जे सुपर हरक्युलिस विमान उतरे। - Dainik Bhaskar
इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड पर वायुसेना के सुखोई-30, एएन 32, सी 130 जे सुपर हरक्युलिस विमान उतरे।
  • ये देश की पहली इमरजेंसी नेशनल हाइवे हवाई पट्‌टी
  • देश के रक्षा मंत्री आज पहली बार हाइवे पर उतरेंगे

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार को भारत-पाक बॉर्डर तारबंदी से महज 40 किमी. दूरी पर बाड़मेर-जालोर बॉर्डर के अड़गावा में बनी इमरजेंसी हाइवे हवाई पट्टी का उद्घाटन करेंगे। यह देश का पहला नेशनल हाइवे होगा, जिस पर इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड का उद्घाटन करने के लिए दो केंद्रीय मंत्री एक साथ दिल्ली से रवाना होने के बाद सीधे हाइवे पर ही उतरेंगे।

बुधवार को इस इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड पर वायुसेना ने लड़ाकू विमानों का रिहर्सल किया। भारत-पाक बॉर्डर तारबंदी से महज 40 किमी. दूरी पर बने फिल्ड रेंज में वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई, सुपर हरक्युलिस, एएन-32, मालवाहन सी-130 जैसे कई लड़ाकू विमानों की गूंज सुनाई दी। एक के बाद एक आसमान में लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी।

यह पहली बार होगा जब किसी नेशनल हाइवे का उपयोग भारतीय वायुसेना के विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए किया जा रहा है। 9 सितंबर को सुबह 8.30 बजे पालम एयरपोर्ट नई दिल्ली से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक साथ ही वायुसेना के विमान से रवाना होकर सीधे अगड़वा जालाेर इमरजेंसी हवाई पट्टी पर उतरेंगे।

इस दौरान सुबह 11 से 12.30 बजे तक दोनों मंत्री इमरजेंसी हवाई पट्टी पर एयरक्राफ्ट ऑपरेशन एवं फाइटर विमानों का फ्लाई पास्ट देखेंगे। इस दौरान एसयू-30 एमकेआई, सुपर हरक्यूलिस एंड जगुआर फाइटर विमानों का फ्लाईपास्ट होगा। इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड का उद्घाटन करेंगे। करीब 12.30 बजे राजनाथ व गडकरी दोनों मंत्री हवाई पट्टी से रवाना होकर दोपहर 1.15 बजे जैसलमेर एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

बॉर्डर से सटे गांवों में 197 किमी. टू लेन हाइवे पर 766 करोड़ खर्च हुए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-925ए पर साता-गांधव के 41/430 किमी. से 44/430 किमी. के बीच तीन किमी. लंबे हिस्से को भारतीय वायु सेना के लिए इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड (ईएलएफ) के रूप में तैयार किया है। लैंडिंग सुविधा, अभी हाल ही बने गागरिया-बाखासर, साता-गांधव टू लेन नेशनल हाइवे 925 ए का हिस्सा है। इस हाइवे की कुल लंबाई 196.97 किमी है।

इस पर 765.52 करोड़ रुपए खर्च हुए है। इसे भारतमाला परियोजना के तहत निर्मित किया गया है। इस परियोजना से बाड़मेर और जालौर जिले के सीमावर्ती गांवों के बीच संपर्क में सुधार होगा। यह हाइवे भारत-पाक बॉर्डर तारबंदी के नजदीक स्थित है, ऐसे में सैन्य सुविधाओं में भी सहूलियत मिलेगी। इससे भारतीय सेना की सतर्कता बढ़ेगी और देश की आतंरिक सुरक्षा का चक्र भी मजबूत होगा।

भारत में 13 एयर स्ट्रिप बनेगी, पाक में सिर्फ दो

  • भारत: युद्ध जैसी स्थिति में वायुसेना के लिए 12 हाइवे तैयार किए जा रहे है। इसमें राजस्थान में तीन, जम्मू-कश्मीर, उतराखंड, प. बंगाल, आसाम में एक-एक और 6 अन्य जगह बनेंगे।
  • पाक: युद्ध व आपात जैसी स्थिति में पाकिस्तान में दो मेन हाइवे हैं। एम-1 मोटरवे पेशावर को इस्लामाबाद से जोड़ता है। वहीं, एम-2 मोटरवे लाहौर को इस्लामाबाद से जोड़ता है। दोनों मोटर वे पर पाकिस्तान ने दो-दो हिस्से को इमरजेंसी रनवे घोषित है।

उपलब्धि: 24 माह का काम 19 महीनों में पूरा करने पर अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस

इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड का निर्माण 19 महीनों के भीतर किया गया था। इसके निर्माण कार्य की शुरूआत जुलाई 2019 में हुई थी और जनवरी 2021 में पूरा कर लिया गया। भारतीय वायुसेना और एनएचएआई की देखरेख में यह निर्माण कार्य मेसर्स जीएचवी इंडिया प्रा.लि. ने किया हैं। सामान्य दिनों में इस इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड का इस्तेमाल निर्बाध यातायात के लिए किया जाएगा। ईएलएफ की लंबाई 3.5 किमी. है।

इस लैंडिंग स्ट्रिप पर भारतीय वायुसेना के सभी तरह के विमान उतर सकेंगे। जनवरी 2021 में काम पूरा होने पर रक्षा मंत्री राजनाथसिंह व सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बाड़मेर एनएचएआई के तकनीकी प्रबंधक जितेंद्र चौधरी को अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया था।

हवाई पट्टी के अलावा इसी हाइवे पर 3 हेलीपैड

रक्षा मंत्रालय व राजमार्ग प्राधिकरण ने वायुसेना के फाइटर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग के अलावा सैन्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुंदनपुरा, सिंघानिया और बाखासर गांवों में 100 गुणा 30 मीटर के तीन हेलीपेड भी तैयार किए हैं। इस निर्माण से भारतीय सेना तथा देश की पश्चिमी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी। गांधव-बाखासर एनएच-925 पर इमरजेंसी हाइवे पट्‌टी बनाई है। इसके अलावा जैसलमेर में एक और हाइवे इमरजेंसी पट्‌टी तैयार होगी। पाकिस्तान से सटे राजस्थान के 3 जिलों में एयर स्ट्रिप बनेगी।

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