BSTC अभ्यर्थियों का धरना 27वें दिन भी जारी:रीट लेवल-1 से बीएड धारियों को बाहर करने की मांग, 9 नवंबर को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

जयपुरएक महीने पहले
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धरने पर बैठे बीएसटीसी अभ्यर्थी। - Dainik Bhaskar
धरने पर बैठे बीएसटीसी अभ्यर्थी।

राजस्थान रीट लेवल-1 से बीएड धारियों को बाहर करने की मांग को लेकर बीएसटीसी अभ्यर्थियों का धरना 27वें दिन भी जारी है। बीएसटीसी संघर्ष समिति के पधाधिकारियों ने बताया की धरने पर बैठे 27 दिन का वक्त बीत गया है। लेकिन सरकार ने अब तक ना हमसे बात की और ना ही कोर्ट में पैरवी की तैयारी की। जिसकी वजह से प्रदेश के 4 लाख से ज्यादा छात्रों का भविष्य अधरझूल में अटक गया है। ऐसे में सरकार ने अगर हमारी मांगे नहीं मान। तो हमें मजबूरन उग्र आंदोलन की राह पर जाना पड़ेगा। बता दें कि रीट लेवल-1 का परिणाम अभी हाईकोर्ट के निर्णय का अधीन है। जिसपर अब 9 नवंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। वहीं सुनवाई होने से पहले ही अब बीएसटीसी अभ्यर्थियों ने लेवल-1 से बीएड धारियों को बाहर करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।

शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे बीएसटीसी संघर्ष समिति के पधाधिकारियों प्रदेश उपाध्यक्ष रामदेव चोटियां ने बताया कि अगर सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी। तो प्रदेशभर के बीएसटीसी अभ्यर्थियों 8 नवम्बर को जयपुर में महापड़ाव डालेंगे। चोटियां ने बताया कि रीट लेवल 1 में हमेशा से ही BSTC अभ्यर्थियों का हक रहा है। विभाग की ओर से विज्ञप्ति में भी लेवल 1 को BSTC अभ्यर्थियों के लिए रिजर्व रखा था। लेकिन बीएड अभ्यर्थियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद कोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने का मौका दिया। जिसपर अब 9 नवम्बर को सुनवाई होनी है।

वहीं धरने पर बैठे रामकेश ने बताया की एनसीईटी की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित कई राज्यों में इस अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। साथ ही कई राज्यों में भर्ती के समय निकाली गई विज्ञप्ति में लेवल-1 में बीएड धारियों को बाहर किया गया। जबकि लेवल-1 में बीएसटीसी अभ्यर्थियों का हक रहा है। ऐसे में सरकार प्रदेश के लाखों बेरोजगारों के लिए हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में मजबूती के साथ पक्ष रखे।

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