फर्जी डॉक्यूमेंट्स से विधवा कोटे में बनी तहसीलदार:महिला अफसर ने जेठ के मृत्यु प्रमाण पत्र से ली नौकरी, बोलीं- प्रॉपर्टी का विवाद, आरोप गलत

जयपुर9 दिन पहले
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तहसीलदार रजनी यादव (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
तहसीलदार रजनी यादव (फाइल फोटो)

कोरोना में लावारिस महिला का अंतिम संस्कार करवाना तो कभी पीपीई किट पहन कर संक्रमित इलाकों में जाकर तहसीलदार रजनी यादव काफी चर्चा में आई थी। अब जयपुर में तहसीलदार रजनी यादव के खिलाफ फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर विधवा कोटे में नौकरी प्राप्त करने का मामला सामने आया है। रजनी यादव फिलहाल सीकर जिले में धोद में तहसीलदार के पद पर है। वे पति बाबूलाल और बेटी के साथ रह रही हैं। उनके खिलाफ ससुराल पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं तहसीलदार रजनी यादव ने बताया कि प्रॉपर्टी का इश्यू चल रहा है। दबाव बनाने के लिए वे झूठे मुकदमा दर्ज करवा रहे है।

73 साल के बुजुर्ग रामलाल यादव ने बताया कि उनके बेटे लालचंद यादव की 2016 में मौत हो गई थी। उसकी एक 12 साल की बेटी है। वह दादा के साथ ही रहती है। बड़ा बेटा लालचंद कॉन्स्टेबल था। उसकी शादी प्रियंका से हुई थी। प्रियंका की मौत 2010 में हो गई थी। उसके बेटे की 2016 में मौत हो गई थी। बेटे लालचंद की मौत होने के बाद रजनी यादव ने मृत्यु प्रमाण पत्र झांसे से ले लिया था।

इसी के आधार पर रजनी यादव ने RPSC में खुद को लालचंद यादव की पत्नी बताया। खुद को विधवा होने का झूठा शपथ पत्र देकर विधवा कोटे से नौकरी ले ली। इस बात का पता लगने पर उन्होंने RTI से पूरा रिकॉर्ड मंगवा लिया। रिकॉर्ड में लालंचद की पत्नी बनकर विधवा कोटे से नौकरी लेने की बात सामने आई है।

बुजुर्ग रामलाल यादव का कहना है कि रजनी यादव की 2002 में छोटे बेटे बाबूलाल यादव से शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों की एक बेटी भी है। रजनी यादव वर्तमान में सीकर जिले में धोद तहसीलदार है। वह पति बाबूलाल और बेटी के साथ ही रह रही है। उनका कहना है कि रजनी यादव ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर धोखाधड़ी से लालचंद की विधवा बनकर फर्जी दस्तावेज बनाए। उन दस्तावेजों के आधार पर रजनी यादव ने RAS की परीक्षा देकर विधवा कोटे से नौकरी ले ली। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर उन्होंने मुरलीपुरा थाने में रिपोर्ट दी थी। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

आरएएस बोली- प्रॉपर्टी का चल रहा विवाद, मामला झूठा

धोद तहसीलदार रजनी यादव ने बताया कि ससुराल में उनका प्रॉपर्टी का विवाद चल रहा है। इसी कारण से उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए है। उन्होंने बोला कि इस मामले में वे कोई बात नहीं करना चाहती है। रजनी यादव सहित चार लोगों के खिलाफ मुरलीपुरा थाने में कोर्ट के इस्तेगासे से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है।