कांग्रेसी कुनबे में कलह:मंत्री-विधायकों की आपसी खींचतान से सरकार-संगठन में बेचैनी

जयपुर4 महीने पहलेलेखक: आलोक खंडेलवाल
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छह महीनों में अफसरों के साथ-साथ मंत्रियों पर भी हमलावर रहे हैं कांग्रेस के विधायक और कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
छह महीनों में अफसरों के साथ-साथ मंत्रियों पर भी हमलावर रहे हैं कांग्रेस के विधायक और कार्यकर्ता।

मिशन-2023 की तैयारियों में जुटी सरकार एवं कांग्रेस को पार्टी के भीतर ही दो-दो हाथ करने पड़ रहे हैं। दरअसल, चुनाव से पहले विधायकों एवं कार्यकर्ताओं की ओर से लगातार किए जा रहे हमलों ने सरकार एवं संगठन की नींद उड़ा दी है। यहां तक कि सीएम अशोक गहलोत लगातार पार्टी में अपने विरोधियों पर हमलावर हैं। कार्यकर्ताओं के सम्मान को लेकर उन्होंने इशारों ही इशारों में पिछले दिनों सचिन पायलट को निशाने पर ले लिया। वरिष्ठ मंत्री शांति धारीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, प्रताप सिंह खाचरियावास एवं वरिष्ठ नेता भरत सिंह जैसे नेता तक एक-दूसरे के खिलाफ बोलने से नहीं चूक रहे हैं। भरत सिंह ने तो सरकार के खान मंत्री प्रमोद जैन भाया को प्रदेश का सबसे बड़ा खान माफिया तक बता डाला है। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि कोई ऐसा प्रकरण सामने आने पर प्रभारी सचिव या पदाधिकारी से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाती है। जरूरत पड़ने पर जांच कमेटी भी बनाई जा सकती है।

ये वो मामले जो सरकार के लिए बन रहे हैं गले की फांस
रमेश मीणा v/s राजेंद्र गुढ़ा

पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा ने सरपंचों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। लेकिन उन्हीं के महकमे के राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा बोले कि सरपंच तो लोकतंत्र की पहली सीढ़ी होती है। गोलमा की शिकायत को सीएम तक पहुंचाने का विश्वास दिलाया। हालांकि मीणा ने इसे इशारों ही इशारों में किरोड़ी एवं गुढ़ा की फिक्सिंग बताया।

कल्ला v/s लालचंद
शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला पर कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने आरोप लगाए कि तबादला सूची में शिक्षा निदेशालय से हटाए 17 में से 11 प्रिंसिपल जाट थे। कटारिया बोले- वे सीनियर मंत्री हैं, इन सबसे बचना चाहिए। हालांकि, कल्ला बोले कि मैंने जाति देखकर ट्रांसफर नहीं किए हैं। किसी को टारगेट भी नहीं किया। 1681 तबादलों में सभी वर्ग के लोग हैं।

दिव्या v/s महेश जोशी
ओसियां से कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने पीएचईडी मंत्री डॉ. महेश जोशी पर कहा था कि फैसले तो अफसर करते हैं, मंत्री तो सिर्फ रबर स्टैंप हैं। जोशी के बेटे के दिल्ली में दर्ज एफआईआर को लेकर कहा कि हमारी पुलिस ने क्यों नहीं दर्ज की? हालांकि, जोशी ने जवाब दिया कि निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषी को सजा मिलनी चाहिए।

भरत सिंह v/s भाया
सांगोद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर खान मंत्री प्रमोद जैन भाया पर आरोप लगाते रहे हैं। भरतपुर में साधु आत्महत्या प्रकरण के बाद कुंदनपुर की सीएम को लिखी चिट्‌ठी में कहा कि सीएम साहब आपके पास बैठा मंत्री ही तो सबसे बड़ा खनन माफिया है। बर्खास्त कर देना चाहिए। भाया ने कहा कि मैंने उनकी बात का बुरा नहीं मानना सीख लिया है।

शांति v/s सचिन
यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने पायलट पर तंज कसा कि वे मीडिया में छपवाते रहते हैं ताकि जिंदा रहें। बस इतनी सी बात है। राजस्थान में गहलोत ही सीएम रहेंगे। 2023 का चुनाव भी गहलोत के चेहरे पर ही होगा। हालांकि पायलट ने कभी सीधा जवाब नहीं दिया।

अमीन v/s परसादी
कांग्रेस विधायक अमीन कागजी चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीणा पर भड़क गए। अपने समुदाय के 4 डॉक्टरों के तबादलों से नाराज कागजी समर्थकों के साथ मंत्री के घर धरने पर बैठ गए। हालांकि, मंत्री ने सफाई दी कि मैंने किसी की जाति-धर्म देखकर तबादले थोड़े ही किए हैं।